सभी के लिए ‘आर्थिक राष्ट्रवाद’ अपनाने का वक्त: उपराष्ट्रपति धनखड़

नयी दिल्ली: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को भारतीय उद्योग जगत से आर्थिक राष्ट्रवाद को अपनाने की अपील की। उन्होंने गैर-जरूरी वस्तुओं के आयात और कच्चे माल के निर्यात से परहेज करने का भी बात कही। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्धि और संप्रभुता के लिए ऐसा करना अनिवार्य है।

धनखड़ ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ”हमें केवल उसी वस्तु का आयात करने की जरूरत है, जो अपरिहार्य रूप से आवश्यक है।” इससे विदेशी मुद्रा खर्च होती है और रोजगार के अवसर भी बाहर चले जाते हैं। उन्होंने कच्चे माल के निर्यात के दुष्प्रभावों की ओर भारतीय उद्योग जगत का ध्यान भी आर्किषत किया।

धनखड़ ने कहा, ”राष्ट्रवाद महत्वपूर्ण है, सर्वोपरि है। हमें इसे अपनाना होगा। हमारे लिए आर्थिक राष्ट्रवाद को अपनाना भी जरूरी है। हमें स्थानीय लोगों के लिए मुखर होने की जरूरत है।” उपराष्ट्रपति ने कहा कि राजकोषीय लाभ कभी भी राष्ट्रीय हित या आर्थिक राष्ट्रवाद से समझौता करने का आधार नहीं हो सकता है।

उन्होंने कहा कि कारोबार, उद्योग, वाणिज्य और व्यापार संघों को जागरूकता पैदा कर कच्चे माल के निर्यात को हतोत्साहित करना चाहिए।

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