
कोलकाता. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनपर लगाये गये आरोप उन्हें पश्चिम बंगाल से बाहर रखने की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की कोशिश है, जिसमें सत्तारूढ़ दल कभी सफल नहीं होगा. भाजपा के ‘पश्चिम बंगाल सह-प्रभारी’ मालवीय ने कथित तौर पर ‘अपमानजनक’ टिप्पणी के लिए एक दिन पहले कोलकाता के वकील शांतनु सिन्हा के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की बात कही थी. उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी को चुनौती दी कि वह (ममता) दुष्प्रचार अभियानों का सहारा लेने के बजाय उचित तरीकों से संदेशखाली की समस्याओं का समाधान करें.
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ”ममता बनर्जी को दूसरों के माध्यम से मेरे ऊपर कीचड़ उछलवाने के बजाय संदेशखाली का दाग धोने के लिए अन्य वैध तरीके खोजने चाहिए. मुझे बंगाल से बाहर रखने के ऐसे प्रयास काम नहीं आएंगे. मैं तब तक नहीं जाऊंगा जब तक भाजपा की बंगाल इकाई संदेशखाली की महिलाओं के लिए न्याय सुनिश्चित नहीं कर देती और टीएमसी को सत्ता से बाहर नहीं कर देती.” मालवीय ने कहा, ”भाजपा और यहां तक कि वामपंथियों ने भी ‘हिंदू समहति’ को तृणमूल की हिंदुत्व शाखा के रूप में नामित किया है.” सिन्हा हिन्दू समहति के एक नेता है.
मालवीय ‘हिंदू समहति’ के नेता एवं पेशे से वकील शांतनु सिन्हा द्वारा लगाए गए आरोपों का जिक्र कर रहे थे. उन्होंने इस पोस्ट के साथ टीएमसी भवन के बाहर सिन्हा की एक तस्वीर भी साझा की. सिन्हा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ”पीटीआई-भाषा” से कहा, ”पिछले वर्ष 16 अगस्त को हमने ‘हिंदू समहति’ की ओर से एक कार्यक्रम आयोजित किया था और टीएमसी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), कांग्रेस और भाजपा सहित सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया था. यह तस्वीर तब ली गई, जब मैं निमंत्रण देने के बाद टीएमसी भवन से बाहर आया था.” मालवीय ने ‘झूठे और अपमानजनक बयान’ देने के लिए सिन्हा को पहले ही कानूनी नोटिस भेजा है और उनसे माफी मांगने को कहा है.
मालवीय के वकील ने कानूनी नोटिस में कहा है कि सिन्हा ने फेसबुक पर एक पोस्ट में उनके मुवक्किल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से ‘कुछ झूठे और अपमानजनक आरोप’ लगाए हैं. सिन्हा ने कहा कि वह कानूनी लड़ाई के लिए तैयार हैं और पोस्ट वापस नहीं लेंगे. उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा था, “यदि मेरी पोस्ट से श्री मालवीय को ठेस पहुंची है और/या इस तरह की गलत व्याख्या और संपादित संस्करण के कारण मेरी पार्टी की छवि खराब हुई है, तो मैं इसके लिए हार्दिक दु:ख व्यक्त करता हूं. चूंकि मैंने किसी की छवि खराब करने के उद्देश्य से कुछ भी अनुचित नहीं लिखा है, इसलिए मैं विवाद का कारण बनी पोस्ट वापस नहीं ले रहा हूं.”



