
कोलकाता. सत्यजीत रे की र्चिचत फिल्म ‘पाथेर पंचाली’ में ‘दुर्गा’ का किरदार निभाकर अमिट छाप छोड़ने वाली अभिनेत्री उमा दासगुप्ता का सोमवार को यहां के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 84 वर्षीय अभिनेत्री लंबे समय से कैंसर से ग्रस्त थीं. उनके परिवार में उनकी बेटियां हैं. लेखक विभूतिभूषण बंद्योपाध्याय के उपन्यास ‘पाथेर पंचाली’ पर आधारित इसी नाम की फिल्म में 14 वर्ष की आयु में ‘दुर्गा’ का किरदार निभाकर दासगुप्ता ने दुनिया भर के दर्शकों की प्रशंसा बटोरी थी.
एक स्कूल समारोह में बाल कलाकार के रूप में मंच पर प्रदर्शन के दौरान सत्यजीत रे की नजर दासगुप्ता पर पड़ी और फिर उन्होंने उनके स्कूल एवं परिवार से संपर्क किया. ‘पाथेर पांचाली’ में अपनी भूमिका के लिए दुनिया भर में प्रशंसा और सराहना पाने के बावजूद उन्होंने अपनी निजी जिंदगी को तरजीह दी और बाद में किसी अन्य फिल्म में नजर नहीं आयीं. वह पेशे से एक शिक्षिका थीं.
संपर्क करने पर सत्यजीत रे के निर्देशक पुत्र संदीप रे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बताया, ”मुझे मेरे पिता ने बताया कि कैमरे के सामने वह कितनी सहज और स्वाभाविक थीं और एक ही टेक में वह बेहतरीन शॉट देती थीं.” संदीप ने बताया कि 1954-55 में वह छोटे थे इसलिए व्यक्तिगत रूप से याद नहीं है कि उमा दासगुप्ता शूटिंग में कैसा प्रदर्शन करती थीं, लेकिन बाद में, वह उनसे कभी-कभी समारोहों और कार्यक्रमों में मिलते थे. उन्होंने कहा, ”हम आखिरी बार पाथेर पांचाली से संबंधित एक समारोह में मिले थे. वह बहुत पहले की बात है. पता नहीं क्यों, उन्होंने किसी और फिल्म में अभिनय क्यों नहीं किया.”



