
नयी दिल्ली. पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार ने कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए जो दिशानिर्देश जारी किया है, उससे ‘कम्युनल कन्फ्यूजन’ (सांप्रदायिक संशय) दूर हुआ है.
इससे पहले, नकवी ने मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर भोजनालयों के मालिकों के नाम प्रर्दिशत करने के आदेश का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को कहा था कि आस्था का सम्मान होना चाहिए, पर अस्पृश्यता को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा था कि कुछ अति-उत्साही अधिकारियों के आदेश ”हड़बड़ी में गड़बड़ी वाली अस्पृश्यता की बीमारी” को बढ.ावा दे सकते हैं.
मुजफ्फरनगर जिले में 240 किलोमीटर लंबे कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी होटलों, ढाबों और ठेलों सहित भोजनालयों को अपने मालिकों या इन दुकानों पर काम करने वालों के नाम प्रर्दिशत करने के आदेश के कुछ दिनों बाद शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य के लिए ऐसा ही आदेश जारी करने का फैसला किया.
नकवी ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, ”स्थानीय स्तर के प्रशासन के एक दिशानिर्देश से पैदा हुए भ्रम को राज्य सरकार ने दूर कर कांवड़ यात्रा और यात्रियों की सुरक्षा, सम्मान, श्रद्धा हेतु सभी के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिया है. उन्होंने कहा, ”यह आदेश कांवड़ यात्रा की पवित्रता, श्रद्धा और सुरक्षा के लिए है. इसपर किसी भी तरह का ‘कम्युनल कन्फ्यूजन’ (सांप्रदायिक संशय) पैदा करने की गुंजाइश नहीं है. समाज की सुरक्षा और सद्भाव हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है.” नकवी ने कहा, ”किसी भी तरह का सांप्रदायिक विवाद मुल्क, मजहब, मानवता के लिए ठीक नहीं है. सद्भाव की विरासत पर सांप्रदायिक सियासत सफल नहीं होनी चाहिए.”



