
नयी दिल्ली/मुंबई/तोक्यो/यरुशलम/गांधीनगर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां हीराबेन के निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके सरल एवं करुणामय जीवन को याद किया. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सहित विश्व के कई नेताओं ने भी अपनी संवेदना व्यक्त की.
हीराबेन, कई लोगों के लिए हीराबा थीं. उनका शुक्रवार को 99 साल की उम्र में अहमदाबाद के एक अस्पताल में निधन हो गया. उनके निधन पर विभिन्न नेताओं ने एकजुट होकर प्रधानमंत्री के साथ संवेदना जतायी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेता राहुल गांधी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ ही सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विभिन्न नेताओं और अन्य लोगों ने हीराबेन के निधन पर शोक व्यक्त किया.
राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां हीरा बा का संघर्षपूर्ण जीवन भारतीय आदर्शों का प्रतीक है. श्री मोदी ने ‘मातृदेवोभव’ की भावना और हीरा बा के मूल्यों को अपने जीवन में ढाला. मैं पुण्यात्मा की शांति के लिए प्रार्थना करती हूं. परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं.’’ उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी की मां हीराबेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता हूं. वह सादगी की प्रतीक थीं.’’
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी की माताजी आदरणीय हीरा बा के निधन पर शोक व्यक्त करता हूं. मां ही है जो व्यक्ति के जीवन को संस्कारों से सुपोषित करती है. हीरा बा का सात्विक जीवन हम सब के लिए प्रेरणा है.’’ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संवेदना जताते हुए ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी की पूज्यनीय माताजी हीरा बा के निधन की खबर जानकर बहुत दुख हुआ. किसी व्यक्ति के जीवन में मां पहली मित्र और अध्यापक होती है, जिसका चले जाना निसंदेह दुनिया में सबसे बड़ा दुख है.’’
उन्होंने लिखा कि परिवार के पालन पोषण के लिए हीरा बा ने जिन संघर्षों का सामना किया, वह सभी के लिए एक आदर्श है. गृह मंत्री ने कहा, ‘‘उनका त्यागमय, तपस्वी का जीवन हमेशा हमारी स्मृतियों में रहेगा. पूरा राष्ट्र दुख की इस घड़ी में प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार के साथ खड़ा है. करोड़ों लोगों की प्रार्थना आपके (मोदी) साथ हैं. ओम शांति.’’ रक्षा मंत्री राजनाथ ंिसह ने कहा कि मां का जाना जीवन में एक ऐसा शून्य पैदा कर देता है जिसे भरना असंभव है.
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी की मां हीरा बा के निधन से मुझे बहुत दुख हुआ. मां का निधन जीवन में एक ऐसा शून्य पैदा कर देता है जिसे भरना असंभव है. मैं दुख की इस घड़ी में प्रधानमंत्री और उनके समस्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता हूं .’’ केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संघर्षों से भरे मुश्किल जीवन में हीराबेन ने अपने परिवार को ऐसे मूल्य दिए जिनसे देश को मोदी जैसा नेता मिला.
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘‘मां को खोना सबसे बड़ा दुख है. लेकिन उनकी ममता, अच्छाई, उनकी सीख और प्यार हमेशा आपके साथ रहेगा.’’ भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा, ‘‘हीरा बा जी का संघर्षपूर्ण व सात्विक जीवन सदैव प्रेरणादायक है, जिनके वात्सल्य व सत्यनिष्ठा से देश को यशस्वी नेतृत्व मिला. मां का जाना अपूरणीय क्षति है, इस रिक्तता की पूर्ति असंभव है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘सादगी, तपस्या और कर्म की त्रिवेणी मां के चरणों में सादर प्रणाम निवेदित करता हूं. ईश्वर प्रधानमंत्री और परिजनों को संबल प्रदान करें और पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें.’’
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि अपनी मां को खोना जीवन का सबसे दुखद पल है. उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘नरेन्द्र भाई ने अक्सर अपनी मां के साथ विशेष बंधन, उनकी सादगी और देखभाल करने वाले व्यक्तित्व के बारे में बातें कीं. ये बातें हमेशा याद की जाएंगी और सभी को उनकी कमी खलेगी.’’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने प्रधानमंत्री मोदी की मां के निधन पर शोक प्रकट किया तथा परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा, ‘‘माताजी का जीवन अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी मूल्यों के प्रति समर्पण और ईश्वर में अटूट विश्वास के बल पर निरंतर कार्य करने वाले सार्थक जीवन का एक महान उदाहरण था.’’
आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने अपने शोक संदेश में कहा, ”हीरा बा साहस, सादगी, ईमानदारी और कड़ी मेहनत की प्रतीक थीं.’’ कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने ट्वीट किया, ‘‘हीराबेन मोदी के निधन के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ. नरेन्द्र मोदी जी के प्रति गहरी संवेदना है. दुख की इस घड़ी में पूरे परिवार के प्रति हमारी संवेदना है.’’
राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की माताजी श्रीमती हीरा बा के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है. इस मुश्किल समय में, मैं उन्हें और उनके परिजनों के लिए अपनी गहरी संवेदनाएं और प्यार व्यक्त करता हूं.’’ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी जी की माता जी के निधन का दुखद समाचार मिला. ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान दे एवं मोदी जी और उनके परिवार के समस्त सदस्यों को पीड़ा के इन क्षणों में साहस दें. ओम शांति!’’ कांग्रेस नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि मां का निधन अपूरणीय क्षति है.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के दौरान आयोजित कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये जुड़े मोदी से कहा, ‘‘आपकी मां हमारी भी मां हैं.’’ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने भी अपनी संवेदना जतायी. स्टालिन ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी, हम सभी जानते हैं कि आपकी प्यारी मां हीरा बा के साथ आपका भावनात्मक बंधन था. अपनी मां को खोने का गम सहना किसी के लिए भी बहुत मुश्किल होता है. मुझे गहरा दुख हुआ है. आपको हुए नुकसान के लिए मुझे कितना खेद है, इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.’’
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ ंिशदे, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इस अपूरणीय क्षति पर शोक व्यक्त किया.
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित उत्तर प्रदेश के अन्य नेताओं ने भी मोदी की मां हीराबेन के निधन पर शोक व्यक्त किया. कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, भाजपा नेता एवं पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमंिरदर ंिसह, शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर ंिसह बादल, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद सहित अन्य लोगों ने भी हीराबेन के निधन पर शोक व्यक्त किया.
केंद्रीय मंत्रियों एस जयशंकर, पीयूष गोयल और मनसुख मांडविया ने भी प्रधानमंत्री मोदी की मां के निधन पर शोक व्यक्त किया.
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी जी की मां हीरा बा का निधन की खबर बहुत ही दुखद है. एक व्यक्ति के जीवन में मां का एक विशेष स्थान होता है.’’ उन्होंने इंस्टाग्राम पर प्रधानमंत्री मोदी का उनकी मां के साथ का एक वीडियो भी पोस्ट किया.
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, ‘‘मां जैसा कोई नहीं.’’ उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा देश प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ा है. कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट किया, ‘‘एक प्यारी मां जिसने देश को सबसे कीमती हीरा दिया. एक शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम.’’ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘किसी की मां को खोने से बड़ा कोई नुकसान नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के निधन पर मेरी संवेदना.’’ श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमंिसघे, नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ और भूटान के प्रधानमंत्री लोटे शेंिरग सहित विश्व के अन्य नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी की मां के निधन पर शोक व्यक्त किया.
सिने जगत की हस्तियों ने प्रधानमंत्री मोदी की मां के निधन पर शोक जताया
सिनेमा जगत की हस्तियों रजनीकांत, धर्मेंद्र, अक्षय कुमार और अजय देवगन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन मोदी के निधन पर शोक व्यक्ति किया. हीराबेन (99) का अहमदाबाद के एक अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार तड़के साढ़े तीन बजे निधन हो गया. रजनीकांत ने ट्वीट किया, ‘‘आदरणीय प्रिय मोदीजी .. आपके जीवन में हुई अपूरणीय क्षति को लेकर हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं….’’ धर्मेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री की मां के निधन से उन्हें गहरा दुख हुआ है.
धर्मेंद्र ने ट्वीट किया, ‘‘उन्होंने असाधारण जीवन जिया. मेरी ओर से दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि. नरेंद्र मोदी जी को मेरी तरफ से हार्दिक संवेदनाएं !!’’ अक्षय कुमार ने ट्वीट किया, ‘‘मां को खोने से बड़ा कोई दु:ख नहीं होता. भगवान आपको इस दुख को सहने की शक्ति दे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी. ओम शांति.’’ अजय देवगन ने कहा कि हीराबेन के मूल्यों ने देश को मोदी जैसा नेता दिया है.
उन्होंने कहा, ‘‘हीराबेन मोदी के निधन पर मेरी ओर से हार्दिक संवेदनाएं. एक सरल, सिद्धांतवादी महिला, जिन्होंने हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी का लालन-पालन किया. प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति संवदेनाएं प्रकट करता हूं.’’ अभिनेत्री व देवगन की पत्नी काजोल ने ट्वीट किया, ‘‘यह हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लिए बहुत बड़ी क्षति है, भगवान उन्हें इस नुकसान को सहन करने की शक्ति प्रदान करे.’’ अभिनेता मोहनलाल ने लिखा, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की मां हीराबेन मोदी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. उनकी आत्मा को शांति मिले.’’
अभिनेता अनुपम खेर ने ट्वीट किया, ‘‘आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी. आपकी माताश्री हीराबा जी के निधन के बारे में सुनकर मन दुखी भी हुआ और व्याकुल भी. आपका उनके प्रति प्यार और आदर जगजÞाहिर है. उनका स्थान आपके जीवन में कोई नहीं भर पाएगा! पर आप भारत माँ के सपूत हो! देश की हर माँ का आशीर्वाद आपके ऊपर है.मेरी माँ का भी!’’ अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा ??ने ट्वीट किया, ‘‘हीराबेन मोदी जी के निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी जी और उनके परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं. ओम शांति.’’ फिल्मकार आनंद एल. राय और अभिनेता सोनू सूद ने भी सोशल मीडिया पर हीराबेन को श्रद्धांजलि दी.
राय ने ट्वीट किया, ‘‘नरेंद्र मोदी जी के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं.’’ सूद ने लिखा, ‘‘आदरणीय मोदी जी एक मां कहीं नहीं जाती, बल्कि भगवान के चरणों में बैठ जाती है, ताकि उसका बेटा दूसरों का भला कर सके. माताजी हमेशा आपके साथ थीं और रहेंगी. ओम शांति.’’ कॉमेडियन-अभिनेता कपिल शर्मा ने कहा कि हीराबेन का आशीर्वाद प्रधानमंत्री के साथ रहेगा.
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, एक मां का दुनिया से जाना बहुत दुखद होता है. उनका आशीर्वाद हमेशा आपके साथ रहेगा.’’ हीराबा के नाम से भी जानी जाने वाली हीराबेन गांधीनगर शहर के पास रायसन गांव में प्रधानमंत्री मोदी के छोटे भाई पंकज मोदी के साथ रहती थीं.
प्रधानमंत्री मोदी की मां के निधन पर दुनियाभर के नेताओं ने जताया शोक
विश्व के कई नेताओं ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां हीराबेन के निधन पर शोक व्यक्त किया. हीराबेन (99) का अहमदाबाद के एक अस्पताल में शुक्रवार तड़के निधन हो गया. हीराबेन का गांधीनगर के एक श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया.
जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी, मैं आपकी प्यारी मां के निधन पर गहरी संवेदनाएं प्रकट करता हूं. उनकी आत्मा को शांति मिले.’’ इजराइल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ट्वीट करके शोक प्रकट किया.
नेतन्याहू ने कहा, ‘‘मेरे प्रिय मित्र नरेंद्र मोदी, भारत के प्रधानमंत्री, कृपया अपनी प्यारी मां के निधन पर मेरी संवेदना स्वीकार करें.’’ नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘‘प्रचंड’’ ने कहा कि मोदी की मां के निधन के बारे में जानकर उन्हें बहुत दुख हुआ है.
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘दुख की इस घड़ी में मैं प्रधानमंत्री मोदी जी और परिवार के सदस्यों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं.’’ श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमंिसघे ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की.
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी की प्यारी मां के निधन से गहरा दुख हुआ. दुख की इस घड़ी में प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं.’’ भूटान के प्रधानमंत्री डॉ. लोटे शेंिरग ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी की मां के निधन पर मेरी ओर से संवेदनाएं. अपने माता-पिता को खोने का दुख असहनीय है.’’ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने प्रधानमंत्री मोदी की मां हीराबेन के निधन पर शोक प्रकट किया.
शरीफ ने ट्वीट किया ‘‘मां को खोने से बड़ा नुकसान और कोई नहीं हो सकता है. प्रधानमंत्री मोदी की मां के निधन पर मेरी ओर से शोक संवेदनाएं.’’ श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति मंिहदा राजपक्षे ने भी हीराबेन के निधन पर मोदी के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की.
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने भी मोदी की मां के निधन पर दुख जताते हुए उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की.
हीराबेन के पड़ोसियों ने उन्हें सादगी की प्रतिमूर्ति बताया
गुजरात में गांधीनगर के रायसन गांव में वृंदावन बंगला-2 सोसाइटी के निवासियों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां हीराबेन सादगी की प्रतिमूर्ति थीं. प्रधानमंत्री की मां होने के बावजद वह हमेशा सुर्खियों से दूर रहीं. हीराबेन का 99 साल की उम्र में शुक्रवार तड़के अहमदाबाद के एक अस्पताल में निधन हो गया.
वह गुजरात की राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित रायसन में प्रधानमंत्री मोदी के छोटे भाई पंकज मोदी के साथ रहती थीं. उनके पड़ोसियों ने बताया कि हीराबेन सबके साथ घुलमिल जाती थीं और सभी त्योहारों में शामिल होती थीं. उनके पड़ोसियों में से एक कीर्तिबेन पटेल ने कहा, ‘‘हीराबेन यहां लगभग सात साल तक रहीं और हम उनसे लगभग रोजाना मिलते थे. वह बहुत विनम्र और सरल स्वभाव की महिला थीं और मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि मैंने आज अपनी मां को खो दिया.
उन्होंने हमेशा आशीर्वाद की बौछार की. इस सोसायटी में हम सबके लिए वह राजमाता की तरह थीं.’’ एक अन्य निवासी धाराबेन पटेल ने कहा कि हीराबा उनके परिवार के सदस्य की तरह थीं और उन्होंने हमेशा समाज में रहने वाले सभी लोगों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे. बगल की सोसाइटी में रहने वाले रमेश प्रजापति ने कहा कि हीराबा प्रधानमंत्री की मां होने के बावजूद एक आम इंसान की तरह रहती थीं.
प्रजापति ने कहा, ‘‘वह हमेशा सादे जीवन में विश्वास करती थीं और सभी के साथ घुलमिल जाती थीं. वह सभी त्योहारों में भाग लेती थीं. हीराबा निवासियों से गरीब लोगों के प्रति दयालु होने का आग्रह करती थीं.’’ कोकिलाबेन पटेल ने हीराबा की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ‘‘बा’’ हमेशा एक साधारण जीवन जीती थीं और दीवाली के दौरान उनसे मिलने वाले सभी लोगों को आशीर्वाद देती थीं.
सोसायटी के अध्यक्ष हसमुख पटेल ने कहा कि यह हर निवासी के लिए गर्व की बात है कि हीराबा वहां रहती थीं. उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ मैं ही नहीं, पूरा समाज आज बहुत दुख में है. हम सभी को इस बात पर गर्व है कि हमें हीराबा के साथ रहने का मौका मिला. उन्होंने हमेशा हम सभी पर अपना आशीर्वाद बरसाया.’’
मोदी के शब्दों में: ‘गरीब कल्याण’ पर जोर देने वाली उनकी मां का जीवन रहा सरल लेकिन असाधारण
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर भारत का प्रधानमंत्री बनने के साथ अपने जीवन को आकार देने में अपनी मां हीराबेन के प्रभाव को अक्सर रेखांकित किया है. हीराबेन का शुक्रवार को अहमदाबाद के अस्पताल में निधन हो गया. इस साल 18 जून को जब उन्होंने अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश किया था तब मोदी ने उन पर एक भावनात्मक ब्लॉग लिखा था. इसमें उन्होंने पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी मां के बारे में विस्तार से लिखा था.
ब्लॉग में, मोदी ने उनके बलिदानों और उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला था, जिन्होंने उनके (मोदी के) आत्म-विश्वास, मन एवं व्यक्तित्व को ‘‘आकार’’ दिया. मोदी ने कहा कि उनकी मां ने उन्हें जीवन का एक सबक सिखाया कि औपचारिक रूप से शिक्षित हुए बिना भी सीखना संभव है.
मोदी ने ब्लॉग में लिखा था, ‘‘मेरी मां जितनी सामान्य हैं, उतनी ही असाधारण भी. ठीक वैसे ही, जैसे हर मां होती है.’’ उन्होंने कहा कि उनकी मां ने हमेशा ही उन्हें दृढ़ संकल्प और ‘‘गरीब कल्याण’’ पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया. ज्ञात हो कि केंद्र सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं के मूल में ‘‘गरीब कल्याण’’ की भावना निहित है.
गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के बाद मोदी जब अपनी मां से मिलने गए थे तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं सरकार में तुम्हारा काम नहीं समझती, लेकिन मैं तुमसे सिर्फ इतना चाहती हूं कि कभी रिश्वत मत लेना.’’ उनकी मां उन्हें हमेशा आश्वस्त करती रहीं कि उन्हें कभी भी उनकी ंिचता नहीं करनी चाहिए और अपनी बड़ी जिम्मेदारियों का ध्यान रखना चाहिए.
मोदी जब भी फोन पर उनसे बात करते थे, तो उनकी मां कहतीं, ‘‘कभी कुछ गलत मत करना या किसी के साथ बुरा मत करना और गरीबों के लिए काम करते रहना.’’ मोदी ने कहा कि एक बार वह अपनी मां सहित अपने सभी शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना चाहते थे. हालांकि, उनकी मां ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह एक साधारण व्यक्ति हैं.
मोदी ने अपनी मां की बातों को याद करते हुए लिखा, ‘‘उन्होंने कहा कि मैंने भले ही तुम्हें जन्म दिया हो, लेकिन भगवान ने तुम्हें सिखाया और बड़ा किया है.’’ उन्होंने कहा कि उनकी मां कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं, लेकिन उन्होंने सुनिश्चित किया कि वह अपने स्थानीय शिक्षक जेठाभाई जोशी के परिवार से किसी को आमंत्रित करें, जिन्होंने उन्हें अक्षर ज्ञान दिया था.
मोदी ने कहा, ‘‘उनकी विचार प्रक्रिया और दूरदर्शी सोच ने मुझे हमेशा आश्चर्यचकित किया.’’ अपनी मां को ‘लचीलेपन का प्रतीक’ बताते हुए मोदी ने याद किया था कि कैसे छोटी उम्र में अपनी मां को खोने के बाद उनकी मां ने बचपन में कठिनाइयों का सामना किया.
उन्होंने कहा था, ‘‘उन्हें मेरी नानी का चेहरा या उनकी गोद तक याद नहीं है. उन्होंने अपना पूरा बचपन अपनी मां के बिना बिताया.’’ साल 2014 में, जब मोदी ने अपने 64 वें जन्मदिन पर अपनी मां का आशीर्वाद मांगा, तो उन्होंने उन्हें 5,001 रुपये देकर आश्चर्यचकित कर दिया था. हीराबेन ने पहले कभी ऐसा नहीं किया था.
मोदी के अतीत के बारे में जानकारी देने वाले एक ट्विटर हैंडल के अनुसार, हीराबेन ने मोदी से कहा था कि यह राशि उन्होंने जम्मू-कश्मीर बाढ़ राहत कोष के लिए दी है. मोदी ने वडनगर में मिट्टी की दीवारों और खपरैल वाली छत से बने अपने छोटे से घर को याद किया, जहां वह अपने माता-पिता और भाईयों के साथ रहते थे.
उन्होंने रोजमर्रा में आने वाली मुश्किलों का उल्लेख किया, जिनका उनकी मां ने सामना किया और उन पर विजय प्राप्त की.
उन्होंने बताया कि कैसे उनकी मां न सिर्फ घर के सभी काम किया करती थीं बल्कि कम घरेलू आय की भरपाई के लिए भी काम करती थीं. वह कुछ घरों में बर्तन मांजा करती थीं और घरेलू खर्च में सहायता के उद्देश्य से चरखा चलाने के लिए समय निकालती थीं.
मोदी ने याद करते हुए कहा, ‘‘बारिश के दौरान, हमारी छत से पानी टपकता था और घर में पानी भर जाता था. मां बारिश के पानी को जमा करने के लिए बाल्टियां और बर्तन रखती थीं. ऐसे विपरीत हालात में भी मां लचीलेपन की प्रतिमूर्ति थीं.’’ प्रधानमंत्री ने लिखा था कि स्वच्छता के प्रति उनकी मां खासी सतर्क रहती थीं.
उन्होंने कहा था कि उनकी मां साफ-सफाई में लगे लोगों के प्रति गहरा सम्मान रखती थीं और जब भी कोई उनके घर से लगी नाली की सफाई करने आता था तो वह उसे चाय पिलाए बिना नहीं जाने देती थीं. मोदी ने बताया था कि उनकी मां दूसरे लोगों की खुशियों में अपनी खुशी तलाश लेती थीं और उनका दिल बहुत बड़ा था.
उन्होंने याद करते हुए बताया, ‘‘मेरे पिता के एक दोस्त पास के गांव में रहा करते थे. उनकी असमय मृत्यु के बाद, मेरे पिता अपने दोस्त के बेटे अब्बास को हमारे घर पर ले आए. वह हमारे साथ रहा और अपनी पढ़ाई पूरी की. मां को हम भाई-बहनों की तरह अब्बास से पर्याप्त स्रेह था और उसकी देखभाल करती थीं. हर साल ईद पर वह उसके पसंदीदा व्यंजन बनाती थीं. त्योहारों पर, पड़ोस के बच्चों का घर पर आना और मां की खास तैयारियों का लुत्फ उठाना आम बात थी.’’ प्रधानमंत्री ने बताया था कि एक कर्तव्यपरायण नागरिक के रूप में उनकी मां ने चुनाव की शुरुआत के बाद से पंचायत से लेकर संसद तक हर चुनाव में मतदान किया.
उनके मुताबिक उनकी मां की जीवनशैली अत्यंत सरल थी और उनकी मां के नाम पर कोई संपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा था, ‘‘मैंने उन्हें कोई सोने का आभूषण पहने नहीं देखा और उन्हें उनमें कोई दिलचस्पी नहीं है. पहले की तरह वह आज भी अपने छोटे से कमरे में बेहद सरल जीवनशैली से रहती हैं.’’ मोदी ने कहा कि उनकी मां दुनिया में होने वाले घटनाक्रमों की जानकारी रखती हैं.
उन्होंने अपने ब्लॉग में बताया, ‘‘हाल में, मैंने उनसे पूछा कि वह रोजाना कितनी देर टीवी देखती हैं तो उन्होंने बताया कि टीवी पर ज्यादातर लोग एक दूसरे से लड़ने में व्यस्त रहते हैं और वह सिर्फ उन्हें ही देखती हैं जो शांति से समाचार पढ़ते हैं और हर बात विस्तार से बताते हैं. मुझे सुखद आश्चर्य हुआ कि मां घटनाओं पर इतनी नजर रखती हैं.’’ मोदी ने कहा था कि उनके माता-पिता की ईमानदारी और आत्म सम्मान उनकी सबसे बड़ी खूबी रहे हैं.
उन्होंने कहा कि गरीबी और उससे जुड़ी चुनौतियों के साथ संघर्ष के बावजूद, उनके माता-पिता ने कभी भी ईमानदारी का रास्ता नहीं छोड़ा या अपने आत्म-सम्मान के साथ समझौता नहीं किया. उन्होंने कहा था, ‘‘किसी भी चुनौती से उबरने का उनका सबसे प्रमुख मंत्र लगातार कठोर परिश्रम था!’’
अपनी मां को ‘‘मातृशक्ति की प्रतीक’’ बताते हुए मोदी ने लिखा था, ‘‘मेरी मां के जीवन की कहानी में, मैं भारत की मातृशक्ति की तपस्या, बलिदान और योगदान देखता हूं. जब भी मैं मां और उनके जैसी करोड़ों महिलाओं को देखता हूं तो मुझे लगता है कि भारतीय महिलाओं के लिए कुछ भी असंभव नहीं है.’’ उन्होंने अपनी मां के जीवन की कहानी का कुछ शब्दों में इस तरह वर्णन किया था, ‘‘अभावों की हर कहानी से परे, एक मां की गौरवशाली गाथा है, हर संघर्ष से कहीं ऊपर, एक मां का दृढ़ संकल्प है.’’



