सिलक्यारा सुरंग में लंबवत ड्रिलिंग शुरू, अब तक 19.2 मीटर खुदाई हुई

नयी दिल्ली/उत्तरकाशी/देहरादून. पिछले दो सप्ताह से निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए वैकल्पिक रास्ता तैयार करने के वास्ते रविवार को सुरंग के ऊपर से लंबवत ड्रिलिंग शुरू की गयी और अब तक 19.2 मीटर ड्रिलिंग की जा चुकी है. अधिकारियों ने यहां बताया कि क्षैतिज ड्रिलिंग कर रही अमेरिकी ऑगर मशीन के टूटने के एक दिन बाद श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए लंबवत ड्रिलिंग शुरू की गयी है.

उन्होंने बताया कि सुरंग में फंसे श्रमिकों तक पहुंचने के लिए कुल 86 मीटर लंबवत ड्रिलिंग की जाएगी और इसमें चार दिन का समय लगेगा. राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद ने सिलक्यारा में संवाददाताओं को बताया कि लंबवत ड्रिलिंग शुरू कर दी गयी है और अब तक 19.2 मीटर ड्रिलिंग की जा चुकी है .

उन्होंने बताया कि सतलुज जलविद्युत निगम द्वारा शुरू की गयी लंबवत ड्रिलिंग का कार्य काफी जोर-शोर से चल रहा है और अगर बिना किसी अड़चन के यह इसी तरह चलता रहा तो ह्लहम इसे चार दिन में 30 नवंबर तक खत्म करने की उम्मीद कर सकते हैं .ह्व क्षैतिज ड्रिलिंग कर रही ऑगर मशीन के ब्लेड शनिवार को मलबे में फंस गए थे जिससे बचाव अभियान में रुकावट आ गई थी.
चारधाम यात्रा मार्ग पर बन रही सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह गया था जिसमें उसमें काम कर रहे श्रमिक फंस गए थे. उन्हें बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर कई एजेंसियों द्वारा बचाव अभियान चलाया जा रहा है .

बचाव कार्यों में सहयोग के लिए उत्तराखंड सरकार की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारी नीरज खैरवाल ने बताया कि मलबे में फंसे ऑगर मशीन के हिस्सों को प्लाज्मा कटर और लेज.र कटर से काट कर निकालने का कार्य जारी है. उन्होंने बताया कि शाम सात बजे की स्थिति के अनुसार मलबे में ऑगर मशीन का केवल 8.15 मीटर हिस्सा ही निकाला जाना शेष रह गया है.

सिलक्यारा सुरंग हादसा: मलबे से ऑगर ब्लेड हटाने के लिए हैदराबाद से प्लाज्मा कटर लाया गया

उत्तराखंड की सिलक्यारा सुरंग में पिछले 14 दिन से फंसे 41 श्रमिकों को निकालने के लिए जारी बचाव अभियान में अब तक इस्तेमाल की गई ऑगर मशीन के मलबे में फंसे हिस्सों को काटकर हटाने के लिए हैदराबाद से हवाई मार्ग के जरिए एक प्लाज्मा मशीन को लाया गया है.

बचाव कार्य को आगे बढ.ाने के लिए मशीन को पूरी तरह से हटाना आवश्यक है. श्रमिकों को बाहर निकालने का मार्ग तैयार करने के लिए मलबे में हाथ से ड्रिलिंग के जरिए पाइप डालने होंगे. इसके अलावा लंबवत ड्रिलिंग के लिए पहाड़ी की चोटी पर सुरंग के ऊपर एक ड्रिल मशीन भेजी गई है. भारतीय सेना की ‘कोर ऑफ इंजीनियर्स’ के समूह ‘मद्रास सैपर्स’ की एक इकाई बचाव कार्यों में सहायता के लिए रविवार को घटनास्थल पहुंची.

एक बार बाहर आ जाए, फिर उसे कभी यहां काम नहीं करने दूंगा: श्रमिक का पिता

पिछले दो सप्ताह से अन्य 40 श्रमिकों के साथ सिलक्यारा सुरंग में फंसे अपने पुत्र के सुरक्षित निकलने का इंतजार कर रहे चौधरी ने रविवार को कहा कि एक बार वह बाहर आ जाए तो वह फिर उसे यहां कभी काम नहीं करने देंगे . इससे पहले मुंबई में हुई एक दुर्घटना में अपने एक पुत्र को गंवा चुके उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के खेतिहर मजदूर चौधरी फिलहाल अपने दूसरे पुत्र की सुरक्षित वापसी के इंतजार में बेचैनी से समय गुजार रहे हैं .

बचाव कार्य की धीमी गति के बीच उन्होंने कहा, ‘ मंजीत मेरा अकेला पुत्र है . अगर उसे कुछ हो गया तो मैं और मेरी पत्नी कैसे जीएंगे .’ बाइस वर्षीय मंजीत उन 41 श्रमिकों में शामिल है जो 12 नवंबर को चारधाम यात्रा मार्ग पर बन रही साढ़े चार किलोमीटर लंबी सिलक्यारा सुरंग के एक हिस्से के ढह जाने से उसमें फंस गए हैं . सुरंग के ढहने के दूसरे दिन घटनास्थल पर पहुंच गए मंजीत के पिता ने उससे रविवार को यहां छह इंच के पाइप के जरिए स्थापित संचार माध्यम से बातचीत की.

उन्होंने कहा, ‘मेरा पुत्र ठीक है . बचाव कार्यों में देरी की वजह से मैं थोड़ा चिंतित हूं . आज मैंने उसे बताया कि यह एक युद्ध है लेकिन उसे डरना नहीं है . हम जल्दी ही सफल होंगे .ह्व चौधरी ने कहा, ‘हम बहुत गरीब हैं और पत्नी के गहने गिरवी रख 9000 रुपये का ऋण लेकर यहां आए थे . यहां प्रशासन ने मुझे एक जैकेट और जूते दिए और मेरा ऋण भी चुका दिया .’

धामी ने सुरंग में फंसे पुष्कर सिंह ऐरी के घर जाकर परिजनों का हौसला बढ़ाया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को सिलक्यारा सुरंग में फंसे चंपावत जिले के टनकपुर निवासी पुष्कर सिंह ऐरी के घर जाकर उनके परिजनों का हौसला बढ़ाया और कहा कि सुरंग में फंसे सभी 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पूरी ताकत से काम किया जा रहा है .

धामी ने सोशल मीडिया पर मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘टनल (सुरंग) में फंसे श्रमिक बंधु पुष्कर सिंह ऐरी जी के टनकपुर, चंपावत स्थित आवास पहुंचकर उनके परिजनों से भेंट की एवं उनका हौसला बढ़ाया. ‘ मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरान उन्हें श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए केंद्रीय एजेंसियों एवं प्रदेश प्रशासन द्वारा किए जा रहे अथक प्रयासों की जानकारी दी. उन्होंने कहा, ह्लहम सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पूरी ताकत के साथ कार्य कर रहे हैं.ह्व धामी ने कहा कि सभी मजदूर स्वस्थ हैं और उन्हें जल्द निकाल लिया जाएगा. इस मौके पर लोकसभा सदस्य अजय टम्टा भी मौजूद रहे .

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