उपराष्ट्रपति चुनाव : विपक्ष के उम्मीदवार रेड्डी ने दाखिल किया नामांकन

नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने बृहस्पतिवार को नामांकन दाखिल किया और कहा कि यह चुनाव एक ऐसे भारत की अवधारणा की अभिपुष्टि के लिए है, जहां संसद निष्ठापूर्वक कार्य करे, असहमति का सम्मान किया जाए और संस्थाएं स्वतंत्र व निष्पक्ष रूप से लोगों की सेवा करें.

उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश रेड्डी ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव, द्रमुक नेता तिरुचि शिवा, तृणमूल कांग्रेस की सांसद शताब्दी रॉय, शिवसेना (उबाठा) के संजय राउत, माकपा सांसद जॉन ब्रिटास सहित कई विपक्षी नेताओं की उपस्थिति में अपना नामांकन दाखिल किया.

नामांकन पत्र के चार सेट दाखिल किए गए हैं, जिन पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, द्रमुक के तिरुचि शिवा सहित करीब 160 सांसदों ने बतौर प्रस्तावक और अनुमोदक हस्ताक्षर किए हैं.

नामांकन दाखिल करने के बाद रेड्डी ने एक बयान में कहा, “आज, मुझे विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. मैंने यह नामांकन पत्र विनम्रता, जिम्मेदारी और हमारे संविधान में निहित मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की गहरी भावना के साथ दाखिल किया.” उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश, विधि के छात्र और इस गणराज्य नागरिक के रूप में सार्वजनिक जीवन ने उन्हें यह सिखाया है कि भारत की असली ताकत प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा, संवैधानिक नैतिकता की रक्षा और देश की विविधता में एकता में निहित है.

रेड्डी ने कहा, “यह चुनाव केवल एक व्यक्ति के बारे में नहीं है. यह हमारे राष्ट्र निर्माताओं द्वारा परिकल्पित उस भारत की अवधारणा की अभिपुष्टि करने के बारे में है, जहां संसद निष्ठापूर्वक कार्य करे, असहमति का सम्मान किया जाए और संस्थाएं स्वतंत्र व निष्पक्ष रूप से लोगों की सेवा करें.” उन्होंने कहा, “राज्यसभा के सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति पर संसदीय लोकतंत्र की सर्वोच्च परंपराओं की रक्षा करने की जिम्मेदारी है. निर्वाचित होने पर, मैं निष्पक्षता, गरिमा और संवाद एवं शिष्टाचार के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ इस भूमिका का निर्वहन करने का संकल्प लेता हूं.” रेड्डी ने कहा, “मैं, विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा मुझ पर भरोसा जताने के लिए और उन अनगिनत नागरिकों का भी तहे दिल से आभारी हूं जो न्याय, समानता और सद्भाव के इस सामूहिक संघर्ष को प्रेरित करते रहे हैं.”

उन्होंने कहा, “संविधान में आस्था के साथ, मैं इस यात्रा पर निकल पड़ा हूं. हमारी लोकतांत्रिक भावना हम सभी का मार्गदर्शन करती रहे, यही कामना करता हूं.” नामांकन दाखिल करने से पहले रेड्डी ने कहा था, “मैंने कल ही यह स्पष्ट कर दिया था कि यह विचारधारा की लड़ाई है. नि?संदेह मैं आशान्वित हूं.” उन्होंने कहा, ”मैं किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा हूं, इसलिए मेरा मानना है कि हर कोई मेरा समर्थन करेगा.” रेड्डी उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हैं और गोवा के लोकायुक्त रहे हैं. वह हैदराबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय माध्यस्थम् एवं मध्यस्थता केंद्र के न्यासी बोर्ड के सदस्य भी हैं.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पृष्ठभूमि वाले राधाकृष्णन ने बुधवार को नामांकन दाखिल किया था.

 

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