प्रतीक्षा सूची के यात्री ट्रेन के आरक्षित कोच में यात्रा के लिए अधिकृत नहीं: सरकार ने रास में कहा

नयी दिल्ली. सरकार ने गत शुक्रवार को राज्यसभा को सूचित किया कि मौजूदा नियमों के अनुसार, प्रतीक्षा सूची वाले यात्री रेलगाड़ियों के आरक्षित डिब्बों में यात्रा करने के लिए अधिकृत नहीं हैं. राज्यसभा सदस्य संजय सिंह द्वारा किये गए सवाल के लिखित जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ”अनारक्षित कोच में यात्रा करने वाले प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों या आरक्षित कोच में अनधिकृत रूप से यात्रा करते पाए गए यात्रियों का विवरण नहीं रखा जाता है.” सिंह ने मंत्री से पिछले तीन वर्षों में देश में उन यात्रियों की कुल संख्या का ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा था, जिन्हें ‘कन्फर्म’ टिकट उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रतीक्षा सूची वाले टिकटों पर यात्रा करनी पड़ी. सिंह ने साथ ही प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी जानकारी मांगी थी.

वैष्णव ने बताया, ”भारतीय रेल के अंतर्गत संचालित सभी रेलगाड़ियों की प्रतीक्षा सूची की स्थिति की नियमित आधार पर निगरानी की जाती है. अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए, भारतीय रेलवे त्योहारों, छुट्टियों आदि के दौरान विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन भी करता है और यात्रियों के विभिन्न वर्गों के लिए रेलगाड़ियों में स्थायी और अस्थायी दोनों स्तर पर अतिरिक्त सीट उपलब्ध करावाता है जिनमें शयनयान डिब्बे भी शामिल हैं.”

उन्होंने बताया, ”तदनुसार, वर्ष 2024 में होली और गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को उनके गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए विशेष ट्रेनों ने 13,523 फेरे लगाएं. दुर्गा पूजा/दीपावली/छठ के दौरान अतिरिक्त मांग को देखते हुए करीब 1.8 करोड़ यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए एक अक्टूबर 2024 से 30 नवंबर, 2024 की अवधि के दौरान विशेष रेलगाड़ियों के 7983 फेरे अधिसूचित किये गए.” रेल मंत्री के मुताबिक 2023-24 के दौरान, 872 डिब्बों का उपयोग स्थायी आधार पर ट्रेन सेवाओं में वृद्धि के लिए किया गया, जबकि 2024-25 (अक्टूबर, 2024 तक) के दौरान, 664 डिब्बों का उपयोग स्थायी आधार पर क्षमता वृद्धि के लिए किया गया है.

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