बेंगलुरु. कर्नाटक के कुछ हिस्सों में किसानों के एक वर्ग द्वारा उनकी जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में चिह्नित किए जाने के आरोप लगाए जाने के बाद सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया तथा सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर ”जमीन जिहाद” में लिप्त होने का आरोप लगाया.
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि किसानों को जारी सभी नोटिस तुरंत निरस्त किए जाएं और बिना उचित सूचना के भूमि रिकॉर्ड में किसी भी अनधिकृत संशोधन को भी रद्द किया जाए. मुख्यमंत्री के इस फैसले के बावजूद भाजपा ने विरोध प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया. विपक्षी दल ने वक्फ मंत्री जमीर अहमद खान को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की भी मांग की.
विजयपुरा जिले के किसानों के एक वर्ग का आरोप है कि उनकी जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में चिह्नित किया गया है और कुछ अन्य स्थानों से भी इसी तरह के आरोप सामने आए हैं. बीजापुर (विजयपुरा) शहर से भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे के साथ सोमवार को विजयपुरा उपायुक्त कार्यालय के पास वक्फ गजट अधिसूचना को रद्द करने की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया. विधायक ने कहा, ”जब तक मुद्दा पूरी तरह से सुलझ नहीं जाता, हम हार नहीं मानेंगे. शोभा करंदलाजे
और मैंने अपना अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है… अगर हम सभी मजबूत हैं, तो हमारे किसानों और मठों की जमीन हमारे पास रहेगी. यह विरोध यहीं खत्म नहीं होगा. हम इसे पूरे कर्नाटक में ले जाएंगे.” टिकोटा तालुक के होनवाडा में 1,200 एकड़ जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में चिह्नित किए जाने को लेकर ”भ्रम” को दूर करने की मांग करते हुए विजयपुरा जिले के प्रभारी मंत्री एमबी पाटिल ने हाल ही में कहा था कि यह राजपत्र अधिसूचना में एक ”त्रुटि” के कारण हुआ है.
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने बल्लारी में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जबकि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने यहां केआर पुरम में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया. हुबली में पत्रकारों के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राजनीति के लिए भाजपा ”इस मुद्दे को आगे बढ़ा रही है”, लेकिन लोग समझ गए हैं कि वक्फ संपत्ति का मुद्दा कोई नयी बात नहीं है और भाजपा सहित सभी पिछली सरकारों के दौरान नोटिस दिए गए थे.
इस बीच, विजयेंद्र ने कहा, ”सरकार और सत्तारूढ़ दल इसके पीछे हैं. जमीर अहमद खान एक मंत्री के रूप में राज्य भर में यात्रा कर रहे हैं और अधिकारियों को धमकी दे रहे हैं. मठों की भूमि पर वक्फ संपत्ति के रूप में दावा किया जा रहा है. किसानों की 15,000 एकड़ से अधिक भूमि पर वक्फ के नाम पर दावा किया जा रहा है.” अशोक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं किया जा सकता, इसलिए राज्य के किसान उन पर भरोसा नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, ”…मुसलमानों के हित के लिए बार-बार आप कर्नाटक को बर्बाद कर रहे हैं, ऐसे सिद्धरमैया पर कौन विश्वास करेगा? कोई भी व्यक्ति, कोई किसान उन पर भरोसा नहीं करेगा…यह वक्फ बोर्ड आदिलशाह, गजनी मोहम्मद, बाबर का बोर्ड बन गया है.” मंगलुरु, मैसुरु, बेलगावी, हुबली, विजयपुरा और दावणगेरे सहित अन्य स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए. कुछ स्थानों पर पुलिस को प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना पड़ा.
करंदलाजे ने विजयपुरा जिला मुख्यालय शहर में कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के 43 स्थलों पर वक्फ संपत्ति होने का दावा किया गया है. उन्होंने कहा, ”अगर हर चीज पर वक्फ के रूप में दावा किया गया है, तो यह एक साजिश के अलावा और कुछ नहीं है… राज्य में क्या हो रहा है? आप क्या करने की कोशिश कर रहे हैं? ‘भूमि आतंकवाद या भूमि जिहाद’ चल रहा है… क्या आप शरिया कानून लाने के लिए कोशिश कर रहे हैं? कर्नाटक में ऐसा नहीं होगा.”
आर अशोक का केंद्रीय गृह मंत्री से आग्रह, वक्फ बोर्ड के भूमि पंजीकरण पर रोक लगे
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 की संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल से आग्रह किया है कि वे राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दें कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की प्रक्रियाओं के पूरा होने तक वक्फ बोर्ड के सभी भूमि पंजीकरण तुरंत रोक दिए जाएं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि वक्फ बोर्ड द्वारा दावा की गई भूमि को पंजीकृत करने के लिए जल्दबाजी में प्रयास किए जा रहे हैं, शायद इस उम्मीद में कि जेपीसी वक्फ अधिनियम में संशोधन ला सकती है.
अशोक ने कहा, “इस पूर्व-निवारक प्रयास के तहत राज्य सरकार और वक्फ बोर्ड ने कथित तौर पर राजस्व अभिलेखों में फेरबदल करना शुरू कर दिया है तथा किसानों की भूमि का स्वामित्व वक्फ बोर्ड को दे रहे हैं. जल्दबाजी में वक्फ बोर्ड को भूमि के अनुचित दावों का पंजीकरण करने से कर्नाटक के हजारों किसान एवं गरीब लोग अपने उचित और पैतृक संपत्ति अधिकारों से वंचित हो जाएंगे.” उनके अनुसार यह मामला तब प्रकाश में आया जब विजयपुरा जिले में लगभग 15,000 एकड़ भूमि पर दावा करने वाले सैकड़ों किसानों को नोटिस भेजे गए, आरोप है कि कर्नाटक के प्रत्येक जिले में लगभग 10,000 एकड़ भूमि पर वक्फ बोर्ड द्वारा गुप्त तरीके से दावा किया जा रहा है.
उन्होंने आरोप लगाया, “इसके अतिरिक्त वक्फ बोर्ड मंदिरों, मठों और अन्य धार्मिक संगठनों की भूमि पर भी दावा कर रहा है. यह चौंकाने वाला है कि हिंदू समुदाय के शमशानों पर भी वक्फ बोर्ड द्वारा अपनी संपत्ति होने का दावा किया जा रहा है. सिंदगी में 13वीं शताब्दी के विरक्त मठ की 1.28 एकड़ भूमि, विजयपुरा में ऐतिहासिक सोमेश्वर मंदिर, कलबुर्गी में बीरादेवरा मंदिर और कर्नाटक में कई अन्य मंदिरों पर कथित तौर पर वक्फ बोर्ड दावा कर रहा है.”