पाकिस्तान यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री हिंमत और कांग्रेस नेता गोगोई के बीच वाकयुद्ध जारी

गौरव की पाक यात्रा की तुलना भाजपा नेताओं की यात्रा से करना सेब और संतरे की तुलना जैसा: हिमंत

डेरगांव. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई द्वारा अपनी पाकिस्तान यात्रा की तुलना लालकृष्ण आडवाणी जैसे भाजपा के दिग्गजों की यात्रा से किया जाना ”सेब और संतरे” की तुलना करने जैसा है. गोगोई ने पलटवार करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री ”निराधार व्यक्तिगत हमले, राजनीतिक नाटक और दुष्प्रचार” का सहारा ले रहे हैं.

गोगोई ने कहा कि 2014 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद से उन्होंने सभी आधिकारिक प्रोटोकॉल का पालन किया है.
गोगोई ने पाकिस्तान की अपनी यात्रा के खिलाफ शर्मा द्वारा की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए मंगलवार को कहा था कि भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी पूर्व में पड़ोसी देश का दौरा कर चुके हैं. शर्मा और भाजपा लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गोगोई पर आरोप लगाते रहे हैं कि उनके और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई से संबंध हैं.

मुख्यमंत्री ने रविवार को आरोप लगाया था कि गोगोई पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई के निमंत्रण पर पाकिस्तान गए थे, उन्होंने वहां प्रशिक्षण लिया था और पड़ोसी देश के प्रतिष्ठान के साथ निकटता से काम किया. गोगोई ने अपनी पाकिस्तान यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए मंगलवार को कहा कि लालकृष्ण आडवाणी, नरेन्द्र मोदी और जसवंत सिंह सहित कई भाजपा नेता भी उस देश का दौरा कर चुके हैं.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को उनकी पाकिस्तान यात्रा के बारे में पूरी जानकारी थी. गोगोई ने कहा कि उन्होंने अपने पासपोर्ट की प्रति भी जमा कराई थी और उनकी यात्रा के बारे में छिपाने जैसा कुछ भी नहीं था. शर्मा ने बुधवार को गोलाघाट जिले के डेरगांव में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”जसवंत सिंह हों, एल के आडवाणी हों या नरेन्द्र मोदी हों. वे सार्वजनिक रूप से सरकारी दायित्व के तहत गए.” मुख्यमंत्री ने कहा, ”वह (गोगोई) इतने वरिष्ठ सांसद हैं, पार्टी के उपनेता हैं, संसद में मणिपुर के बारे में इतना बोलते हैं और उनके जैसा व्यक्ति सेब और संतरे में अंतर नहीं कर सकता.” शर्मा ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच चर्चा के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्री एक-दूसरे के देश का दौरा करते हैं.

उन्होंने कहा, ”लेकिन जब भारतीय प्रधानमंत्री जाते हैं, तो उनके साथ रॉ के लोग, विदेश मंत्रालय के लोग… 40-50 लोगों की पूरी टीम होती है. जो कुछ भी कहा जाता है, उसे रिकॉर्ड किया जाता है… राष्ट्रीय कर्तव्य के लिए जाना और धूर्तता से जाना, दोनों अलग-अलग बातें हैं.” मुख्यमंत्री ने दोहराया कि वह 10 सितंबर को गोगोई और उनके पाकिस्तान के साथ संबंधों के खिलाफ अपने दावे के समर्थन में सभी सबूतों का खुलासा करेंगे.

शर्मा ने कहा, ”मैं 25 साल से राजनीति में हूं, मुझे पता है कि कब क्या कहना है. जनवरी में ही मैंने 10 सितंबर की तारीख तय कर दी थी और इसे न पहले किया जाएगा, न ही स्थगित किया जाएगा.” मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके आरोप जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के खिलाफ लगाए गए आरोपों से अधिक गंभीर हैं.

उन्होंने गोगोई की ओर स्पष्ट इशारा करते हुए कहा, ”वह एक युवती है, जासूस के तौर पर काम करती है; यह अलग बात है. वह परमाणु हथियारों और राफेल जेट की मौजूदगी के बारे में सवाल नहीं कर सकती थी. लेकिन, हमारे एक व्यक्ति ने संसद में पूछा कि हमारे परमाणु हथियार, राफेल और तटरक्षक बल के हथियार कहां हैं.” एक बयान में, कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मुख्यमंत्री का यह आरोप कि उन्हें ”आईएसआई द्वारा प्रशिक्षित किया गया था”, ”हास्यास्पद, निराधार और बेतुका” है. उन्होंने शर्मा को उनके खिलाफ कोई भी सबूत सार्वजनिक करने की चुतौती दी और दावा किया कि 10 सितंबर की समयसीमा ”जनता से भागने और जिम्मेदारी से बचने का एक प्रयास है.”

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