पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी मंत्रिमंडल से बर्खास्त, विपक्षी दलों ने TMC पर निशाना साधा

कोलकाता. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा स्कूल भर्ती घोटाले में गिरफ्तार मंत्री पार्थ चटर्जी को बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल सरकार ने बर्खास्त कर दिया. एक आधिकारिक आदेश में कहा गया, ‘‘पार्थ चटर्जी को उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, संसदीय मामलों के विभाग और सार्वजनिक उद्यम एवं औद्योगिक पुर्निनर्माण विभाग के प्रभारी मंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों से तत्काल प्रभाव से मुक्त किया जाता है.’’

वहीं, यहां एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बर्खास्त किये गये मंत्री पार्थ चटर्जी के विभागों का प्रभार कुछ समय के लिए उनके पास रहेगा. मुख्य सचिव एच के द्विवेदी के हस्ताक्षर वाले आदेश के बाद बनर्जी ने पश्चिम बंगाल औद्योगिक संवर्धन बोर्ड की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पार्थ दा के विभागों का प्रभार कुछ समय के लिए मेरे पास रहेगा… जब तक मैं मंत्रिमंडल में फेरबदल नहीं करती.’’ तृणमूल कांग्रेस के महासचिव चटर्जी को ईडी ने स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के भर्ती अभियान से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले की जांच के संबंध में 23 जुलाई को गिरफ्तार किया था.

ईडी ने इस मामले में चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी को भी गिरफ्तार किया है. ईडी ने अर्पिता के शहर में स्थित फ्लैट से करोड़ों रुपये की नकदी जब्त की है. चटर्जी को मंत्रिमंडल से हटाए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व चटर्जी को ‘‘बलि का बकरा’’ बनाने का प्रयास कर रही है.

उन्होंने कहा, ‘‘ इस मामले में और भी कई लोग शामिल हैं. केवल पार्थ दा को हटाना तृणमूल कांग्रेस को नहीं बचा सकता.’’ बंगाल से वाम मोर्चा के एकमात्र राज्यसभा सदस्य बिकास भट्टाचार्य ने आरोप लगाया, ‘‘ मुख्य दोषी मुख्यमंत्री हैं. उन्हें संवैधानिक रूप से मुक्त करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है.’’ इससे पहले दिन में, पार्टी के राज्य महासचिव एवं प्रवक्ता कुणाल घोष ने चटर्जी को पद से तुरंत हटाए जाने और पार्टी से भी तत्काल निष्कासित किए जाने की मांग की थी.

घोष ने सुबह नौ बजकर 52 मिनट पर ट्वीट किया, ‘‘पार्थ चटर्जी को मंत्रिमंडल तथा पार्टी के सभी पदों से तत्काल हटाया जाना चाहिए. अगर मेरा बयान गलत लगे, तो पार्टी के पास मुझे भी सभी पदों से हटाने का अधिकार है. मैं तृणमूल कांग्रेस के एक सैनिक की तरह काम करता रहूंगा.’’ हालांकि, घोष ने कुछ देर बाद ट्वीट किया कि वह अपना पुराना ट्वीट हटा रहे हैं और यह उनकी व्यक्तिगत राय थी.

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