केतन अग्रवाल हत्याकांड: 1801 चैट रिकवर, सिया की ChatGPT और इंटरनेट सर्च से सामने आए अहम सुराग

Ketan Murder Case: पुणे पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक साइबर फॉरेंसिक जांच में 1,801 चैट रिकवर हुई हैं। इनमें ChatGPT की 81 सर्च और अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की गतिविधियों का डेटा शामिल है। पुलिस के अनुसार, इन डिजिटल सबूतों ने जांच को कई अहम दिशा दी।

Author: www.navabharat.news
UPDATED: Sun, 04 Oct 2026 11:10 AM
केतन अग्रवाल हत्याकांड: 1801 चैट रिकवर, सिया की ChatGPT और इंटरनेट सर्च से सामने आए अहम सुराग

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केतन अग्रवाल हत्याकांड: पुणे के लोहगढ़ किले से घाटी में गिरने के बाद हुई केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस की जांच में कई डिजिटल सुराग सामने आए हैं। पुलिस द्वारा दाखिल 5,053 पन्नों की चार्जशीट में सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे के खिलाफ जुटाए गए तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है।

जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल से डिलीट किए गए डेटा को साइबर फॉरेंसिक टीम ने रिकवर किया। रिपोर्ट के मुताबिक कुल 1,801 चैट बरामद की गईं, जिनमें व्हाट्सएप से डिलीट की गईं 11 अहम बातचीत भी शामिल हैं।

फॉरेंसिक जांच में ChatGPT की 81 सर्च, व्हाट्सएप की 367 गतिविधियां, इंस्टाग्राम की 248 और स्नैपचैट की 128 गतिविधियों का डेटा भी जांच के दायरे में आया।

ChatGPT पर क्या सर्च किया गया?

चार्जशीट में दर्ज पुलिस जांच के मुताबिक सिया की इंटरनेट और ChatGPT गतिविधियों में कई तरह के सवाल सामने आए। इनमें पारिवारिक विवाद के बाद सास से भावनात्मक तरीके से माफी मांगने और पति का गुस्सा शांत करने जैसे सवाल शामिल बताए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, जांच में ऐसे सर्च भी मिले जिनका संबंध पति की मौत के बाद शोक और संवेदना व्यक्त करने के तरीके से था। इसके अलावा पुलिस से बचने, डिलीट की गई चैट को जांच एजेंसियां बरामद कर सकती हैं या नहीं और हत्या से जुड़ी खबरें मीडिया में किस तरह सामने आती हैं, जैसे विषयों पर भी ऑनलाइन जानकारी तलाशे जाने की बात चार्जशीट में कही गई है।

लोहगढ़ की पहले से की गई रेकी का दावा

पुलिस के मुताबिक 31 मई को सिया केतन को लोहगढ़ लेकर गई थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान उसने ऐसी जगहों की पहचान की जहां केतन को चट्टान के किनारे ले जाया जा सकता था। पुलिस ने दावा किया है कि सिया ने वहां केतन की अलग-अलग कोणों से तस्वीरें भी ली थीं।

चार्जशीट के अनुसार, 14 जून को भी केतन को नीचे धकेलने की कोशिश किए जाने का आरोप है, लेकिन उस समय योजना सफल नहीं हुई। इसके बाद 18 जून को हुई घटना में केतन की मौत हो गई।

फिल्मों और पुराने मामलों की भी जानकारी जुटाने का आरोप

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक जांच के दौरान आरोपियों की गतिविधियों में अपराध और सस्पेंस से जुड़ी फिल्मों का उल्लेख भी सामने आया। इनमें ‘बदला’, ‘इत्तेफाक’, ‘हिट: द फर्स्ट केस’ और ‘चोर निकल के भागा’ जैसी फिल्मों की जानकारी शामिल बताई गई है।

पुलिस ने यह भी कहा है कि आरोपियों ने लोगों को भ्रमित करने और उनके व्यवहार को प्रभावित करने से जुड़े पॉडकास्ट सुने। इसके अलावा लोहगढ़ में वर्ष 2025 में हुई एक पर्यटक की मौत और मेघालय के राजा रघुवंशी हत्याकांड से संबंधित जानकारी भी इंटरनेट पर तलाशे जाने की बात सामने आई है।

जांच के दौरान पुलिस ने करीब 9,200 वीडियो भी खंगाले। पुलिस के अनुसार, इनमें घटना के समय आसपास मौजूद पर्यटकों के कैमरों से रिकॉर्ड हुए फुटेज भी शामिल थे।

केतन ने महिला दोस्त से साझा की थी परेशानी

चार्जशीट में शामिल गवाही के मुताबिक, घटना से करीब एक महीने पहले 16 मई को केतन अपनी एक पुरानी महिला मित्र से मिला था। बताया गया है कि इस मुलाकात के दौरान उसने सिया के व्यवहार को लेकर अपनी परेशानी साझा की थी।

गवाही के अनुसार, केतन ने सिया पर मानसिक दबाव बनाने और अपनी पढ़ाई से जुड़ी जानकारी को लेकर कथित तौर पर गलत बातें बताने का आरोप लगाया था। चार्जशीट में उसके शराब सेवन से संबंधित आरोपों का भी उल्लेख किया गया है।

सिया के जन्मदिन की तैयारी कर रहा था केतन

चार्जशीट के मुताबिक घटना से ठीक पहले केतन अपनी पत्नी सिया के जन्मदिन की तैयारी कर रहा था। 19 जून को जन्मदिन मनाने के लिए उसने महाबलेश्वर के एक होटल में 25 कमरे और निजी स्विमिंग पूल बुक किया था।

इस आयोजन पर करीब 3 लाख रुपये खर्च होने थे और केतन ने कथित तौर पर 50 हजार रुपये एडवांस के रूप में दिए थे। इसके लिए व्हाट्सएप पर ‘जून 19 बर्थडे सेलिब्रेशन’ नाम से एक ग्रुप भी बनाया गया था।

हालांकि, 18 जून को लोहगढ़ में केतन की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक सिया उसके अंतिम दर्शन के लिए भी नहीं पहुंची।

डिजिटल सबूत जांच में अहम

केतन मामले में पुलिस ने मोबाइल चैट, इंटरनेट सर्च, सोशल मीडिया गतिविधियों और वीडियो फुटेज समेत कई डिजिटल साक्ष्यों को चार्जशीट का हिस्सा बनाया है। हालांकि, किसी भी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

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