
जम्मू. पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत करने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) की आलोचना करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रवींद्र रैना ने रविवार को उससे पूछा कि क्या पड़ोसी देश के साथ बातचीत शुरू करने से केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद और रक्तपात समाप्त हो जाएगा. रैना ने उम्मीदवारों के चयन को लेकर अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध और इस्तीफों को अधिक तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि भाजपा अपने दम पर सरकार बनाएगी.
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव 18, 25 सितंबर और एक अक्टूबर को होंगे. मतगणना आठ अक्टूबर को होगी. रैना ने कहा, ”दुर्भाग्यवश, नेकां के नेता लोगों के कल्याण, पाकिस्तानी बंदूक के बारे में बात नहीं करते हैं जो हमारी भूमि पर मौत और विनाश लेकर आई. पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत करके वे सही काम नहीं कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरू करना केवल केंद्र सरकार का विशेषाधिकार है.
उन्होंने कहा, ”नेकां नेताओं को पता होना चाहिए कि हमारे तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी दोस्ती का हाथ बढ़ाने के लिए बस में सवार होकर पाकिस्तान गए थे, लेकिन पाकिस्तान ने कारगिल युद्ध शुरू करके भारत की पीठ में छुरा घोंपा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी अफगानिस्तान से वापसी में लाहौर गए, लेकिन आतंकवादी हमले और निर्दोष लोगों की हत्याएं जारी रहीं.” टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी में नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भाजपा एक परिवार की तरह है और एक टीम की तरह मिलकर काम करती है.
उन्होंने कहा, ”जब जम्मू-कश्मीर में (पार्टी के) 15 लाख पंजीकृत सदस्य हों, तो राजनीतिक कार्यकर्ताओं की अपनी-अपनी आकांक्षाएं होती हैं, लेकिन प्रत्येक सीट के लिए केवल एक नाम तय किया जाता है.” प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शांति, समृद्धि और विकास की बहाली करके जम्मू-कश्मीर की तकदीर बदल दी है. ‘वीडियो वैन’ की शुरुआत पर उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र होकर गुजरेगी. पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार की उपलब्धियों, विशेष रूप से अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद समाज के वंचित वर्गों को न्याय दिलाने को रेखांकित किया जाएगा.



