क्या प्रधानमंत्री यह सुनिश्चित करेंगे कि दक्षिण अफ्रीका जी20 सम्मेलन में शामिल हो: कांग्रेस

नयी दिल्ली: कांग्रेस ने अमेरिका में अगले साल होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के लिए दक्षिण अफ्रीका को आमंत्रित नहीं किए जाने संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर शुक्रवार को कहा कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने “मित्र” ट्रंप के साथ यह मुद्दा उठाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि दक्षिण अफ्रीका इस आयोजन में शामिल हो? पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि दक्षिण अफ्रीका और भारत एक विशेष संबंध साझा करते हैं तथा वे मूल ब्रिक्स समूह का हिस्सा हैं जिसमें ब्राजील, रूस और चीन भी शामिल हैं।

दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका को अगले वर्ष फ्लोरिडा में उनके देश की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि दक्षिण अफ्रीका कहीं भी सदस्यता के लिए ‘‘योग्य’’ नहीं है।

अमेरिका ने दक्षिण अफ्रीका से जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण की है और वह एक दिसंबर, 2025 से 30 नवंबर, 2026 तक इस समूह का नेतृत्व करेगा। रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि दक्षिण अफ्रीका अमेरिका में आयोजित होने वाले अगले जी20 शिखर सम्मेलन का हिस्सा नहीं होगा। दक्षिण अफ्Þरीका शुरू से ही जी20 में रहा है क्योंकि यह अफ्Þरीकी महाद्वीप में सकल घरेलू उत्पाद के आकार के आधार पर मापी जाने वाली सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।”

उनका कहना है, ऐसा इसलिए नहीं है क्योंकि अमेरिका उस पर कोई एहसान कर रहा है। वह वांिशगटन डीसी में आयोजित पहले जी20 शिखर सम्मेलन में मौजूद था, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू. बुश ने की थी और बाद के सभी जी20 शिखर सम्मेलनों में उसकी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही है।

रमेश के मुताबिक, अक्सर यह टिप्पणी की जाती है कि एक भारतीय वकील (महात्मा गांधी) 19वीं सदी के अंत में दक्षिण अफ्रीका गया और 20वीं सदी के शुरूआती वर्षों में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए एक क्रांतिकारी के रूप में घर लौटा।
कांग्रेस महासचिव ने कहा, “भारत दशकों तक दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ वैश्विक अभियान में सबसे आगे रहा और इसके उपनिवेशवाद को खत्म करने के लिए उसने कड़ा संघर्ष किया। नेल्सन मंडेला भारतीयों के लिए भी एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं।”

रमेश ने कहा, “प्रधानमंत्री अफ्रीका और ग्लोबल साउथ दोनों के स्व-घोषित चैंपियन हैं। क्या वह अपने अच्छे दोस्त (ट्रंप) के साथ दक्षिण अफ्रीका के मुद्दे को उठाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उसे अगले जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने का मौका मिले….क्योंकि वह इसका पूरी तरह से हकदार है?”

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