
गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि बांग्लादेश को विभिन्न देशों को निर्यात के लिए दी गई पारगमन (ट्रांसशिपमेंट) सुविधा वापस लेने का केंद्र का फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत सरकार की पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा प्राथमिकता को दर्शाता है.
शर्मा ने इस निर्णय को देश की “रणनीतिक और आर्थिक प्राथमिकताओं” की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी बताया.
भारत ने अपने बंदरगाहों और हवाई अड्डों के माध्यम से पश्चिम एशिया, यूरोप और अन्य देशों को निर्यात के लिए बांग्लादेश को दी गई पारगमन सुविधा वापस ले ली है.
यह कदम बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के चीन में हाल ही में दिए गए उस विवादास्पद बयान की पृष्ठभूमि में उठाया गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत के सात पूर्वोत्तर राज्य चारों ओर से जमीन से घिरे हुए हैं और बांग्लादेश के अलावा उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है.
शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”बांग्लादेश को दी गई पारगमन सुविधा को रद्द करने का भारत का निर्णय माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राष्ट्रीय हितों और पूर्वोत्तर क्षेत्र की रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है.” उन्होंने लिखा, ”यह निर्णायक कदम भारत की रणनीतिक और आर्थिक प्राथमिकताओं की रक्षा करने के सरकार की दृढ़ रुख को प्रकट करता है.”



