सर्जरी के बाद शरीर में सुई छूटने के 20 साल बाद महिला को मिलेगा पांच लाख रुपये मुआवजा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 22 Jul 2024 06:58 PM
सर्जरी के बाद शरीर में सुई छूटने के 20 साल बाद महिला को मिलेगा पांच लाख रुपये मुआवजा
ऑडियो सुनें

बेंगलुरु. बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में सर्जरी के बाद एक महिला के शरीर में 3.2 सेंटीमीटर की ‘र्सिजकल’ सुई छोड़ दिए जाने के लगभग 20 साल बाद उपभोक्ता फोरम ने आदेश दिया है कि अस्पताल, पीड़िता को मुआवजे के तौर पर पांच लाख रुपये देगा. कर्नाटक राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने अस्पताल और दो चिकित्सकों को जयानगर निवासी पद्मावती को मुकदमा लड़ने के खर्च के रूप में 50,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है.

इसने ‘न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड’ को भी निर्देश दिया है कि वह ”पेशेवर और चिकित्सीय लापरवाही के कारण” महिला को पांच लाख रुपये का भुगतान करे. इस कंपनी ने ही ‘पॉलिसी’ जारी की थी. पिछले माह जारी किए गए आयोग के आदेश के अनुसार 29 सितंबर 2004 को दीपक अस्पताल के दो चिकित्सकों ने कथित तौर पर महिला की र्हिनया की सर्जरी की थी और सर्जरी पूरी होने पर उसका ‘अपेंडिक्स’ भी हटा दिया गया था. सर्जरी के समय महिला की उम्र 32 वर्ष थी.

इसके अगले दिन महिला ने गंभीर दर्द की शिकायत की तो उसे कुछ दर्द निवारक दवाएं दी गईं. उसे आश्वासन दिया गया कि यह सर्जरी के बाद की परेशानी है और ठीक हो जाएगी. आदेश में कहा गया है कि महिला को कई वर्षों तक पेट और पीठ में तेज दर्द का सामना करना पड़ा और बाद में उसे दो बार उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया. पद्मावती, 2010 में बेंगलुरु के ही एक अन्य निजी अस्पताल में पहुंची जहां जांच के दौरान पता चला कि उसके पेट और शरीर के पिछले हिस्से में कोई बाहरी चीज (र्सिजकल सुई) मौजूद थी. महिला को उसे निकलवाने का कहा गया.

इसके बाद महिला की फिर से सर्जरी की गई और उसके शरीर से 3.2 सेंटीमीटर की र्सिजकल सुई को निकाला गया. इसके बाद अगले वर्ष महिला ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया और शिकायत दर्ज कराई. आदेश में कहा गया, ”निश्चित रूप से र्सिजकल सुई निकाले जाने तक उसे गंभीर दर्द और असुविधा का सामना करना पड़ा.” इसमें कहा गया कि इसलिए वह पांच लाख रुपये का ”मुआवजा” पाने की हकदार है और बीमा कंपनी को राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया जाता है, जबकि दोनों चिकित्सक मुकदमे के खर्च के तौर शिकायतकर्ता को 50,000 रुपये देंगे.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu