
सिंगापुर. भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश को बाजी के बीच में गैर जरूरी ढंग से जटिल बनाना भारी पड़ा जिससे चीन के मौजूदा चैम्पियन डिंग लिरेन ने विश्व शतरंज चैम्पियनशिप के बेहद दबाव वाले पहले मुकाबले में सोमवार को उन्हें हरा दिया. काले मोहरों से खेलते हुए लिरेन ने 14 बाजियों के मुकाबले में शुरूआती बढत बना ली है . यह मुकाबले दिसंबर के मध्य तक चलेंगे .
गुकेश ने पहले मुकाबले के बाद कहा ,” यह होता है . यह लंबा मैच है . मैने लिरेन से ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद की थी . हमें आगे बहुत खेलना है और यह काफी रोमांचक होने वाला है .” काले मोहरों से खेलते हुए जीतने से लिरेन को 25 लाख डॉलर ईनामी राशि के मुकाबले में पूरे अंक ही नहीं बल्कि मनोवैज्ञानिक बढत भी मिल गई . सबसे पहले 7 . 5 अंक तक पहुंचने वाला खिलाड़ी विजेता होगा .
विश्व चैम्पियन के सबसे युवा चैलेंजर 18 वर्ष के गुकेश ने शुरूआत में ही राजा के आगे वाले प्यादे को दो घर चलकर गलती कर दी . इस तरह की चाल आक्रामक तेवर जताती है और लिरेन ने इसका जवाब ‘फ्रेंच डिफेंस’ से दिया .
गुकेश ने कहा ,” मैं नर्वस था लेकिन खेल शुरू होने के बाद सहज हो गया लेकिन फिर लय खो दी .” गुकेश ने वही रणनीति अपनाई जो विश्वनाथन आनंद ने 2001 में स्पेन के एलेक्सी शिरोव के खिलाफ पहला विश्व चैम्पियनशिप खिताब जीतने के समय अपनाई थी .
गुकेश को 12वीं चाल तक आधे घंटे का फायदा था लेकिन आठ चाल बाद लिरेन को अतिरक्त मिनट मिले जिससे साबित हो गया कि शुरूआत की अपनी दिक्कत से वह उबर चुके हैं . इसके बाद उन्होंने शानदार प्रदर्शन करके 42 चालों में जीत दर्ज की .
लिरेन ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा ,” मैने लंबे समय से एकल क्लासिकल मैच नहीं जीता है लेकिन आज जीतने में कामयाब रहा . मैं खुशकिस्मत रहा क्योंकि मैं दो बार चूका .” उन्होंने कहा ,” पहले मुकाबले में वह शुरूआत में नर्वस था लिहाजा मैने कुछ अलग किया जो लंबे समय से नहीं किया था और यह रणनीति कारगर रही .”



