
त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों में गिरावट से आम लोगों को राहत मिली है। खुदरा बाजार में चीनी के दाम करीब 10 फीसदी घटकर 58.50 रुपये किलो के आसपास आ गए हैं।
मिल स्तर पर कीमतों में करीब 25 फीसदी की गिरावट बताई गई है। सरकार ने बड़े थोक खरीदारों के लिए स्टॉक सीमा 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी है। वहीं 1 अक्टूबर 2026 से गन्ने की एफआरपी 365 रुपये प्रति क्विंटल होगी। अब देखना होगा कि सस्ती चीनी का पूरा फायदा ग्राहकों तक कब पहुंचता है।
मालूम होवे कि त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले आम जनता को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, चीनी की कीमतों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रिटेल मार्केट में चीनी के दाम हालिया उच्च स्तर से करीब 10 फीसदी गिर गए हैं। कीमतों में गिरावट के बीच बीच केंद्र सरकार ने बड़े थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दी है। लेकिन अतिरिक्त 15 दिनों के स्टॉक के लिए सरकार ने एक अहम शर्त भी रखी है।
अब कितनी हुई एक किलो चीनी की कीमत
सरकार के मुताबिक अगस्त में चीनी की खुदरा कीमत करीब 65 रुपये प्रति (Sugar Retail Price) किलो तक पहुंच गई थी। अब इसमें करीब 10 फीसदी की गिरावट आई है और कीमत लगभग 58.50 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। यानी कुछ ही हफ्तों में उपभोक्ताओं को प्रति किलो करीब 6.50 रुपये की राहत मिली है।
सरकार का कहना है कि चीनी की मिल कीमत यानी एक्स-मिल प्राइस में करीब 25 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। इसके मुकाबले खुदरा कीमतों में कमी कम रही है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने चीनी कारोबार से जुड़े थोक विक्रेताओं और खुदरा कारोबारियों से कीमतों में आई गिरावट का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने की अपील की है।



