
लखनऊ/देहरादून. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि बांग्लादेश में आज डेढ़ करोड़ हिंदू अस्मिता बचाने को चिल्ला रहे हैं लेकिन दुनिया और भारत के कथित सेक्युलरिस्ट के मुंह सिले हुए हैं क्योंकि उन्हें वोट बैंक की चिंता है और उनकी मानवीय संवेदना मर चुकी है. एक बयान के मुताबिक, योगी बुधवार को यहां लोकभवन में आयोजित ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए. विभाजन विभीषिका पर आधारित लघु फिल्म के जरिए आमजन का दर्द दिखाया गया.
योगी ने कहा, “” हम सभी प्रधानमंत्री मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने इतिहास के काले अध्यायों से पर्दा उठाकर गलतियों के परिमार्जन के लिए रास्ता बनाने का आह्वान किया.” उन्होंने आरोप लगाया कि कथित ‘सेक्युलरिस्ट’ ने आजादी के बाद बांटो और राज करो की राजनीति को प्रोत्साहित किया है. इन लोगों ने अंग्रेजों से सत्ता प्राप्त की लेकिन यह भारत की सत्ता का नेतृत्व नहीं कर रहे थे बल्कि अंग्रेजों के मानस पुत्रों के रूप में इन्होंने सत्ता का संचालन किया. उसी का दुष्परिणाम अखंड हिंदुस्तान ने चुकाया.
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जो किसी युग में नहीं हुआ, वह कांग्रेस की सत्ता के प्रति अभिलिप्सा ने विभाजन की त्रासदी के रूप में प्रस्तुत किया और स्वतंत्र भारत को ऐसा नासूर दिया, जिसका दंश आज भी भारत आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद के रूप में झेल रहा है. उन्होंने कहा कि अगर तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व ने दृढ़ता का परिचय दिया होता तो दुनिया की कोई ताकत इस अप्राकृतिक विभाजन को मूर्त रूप नहीं दे पाती.
मुख्यमंत्री ने कहा, “क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश को स्वतंत्र कराने की दिशा में विदेशी हुकूमत को उखाड़ फेंकने के संकल्प के साथ आजादी की लड़ाई लड़ी थी. जब उसकी पूर्णता का समय आया तो इस सनातन राष्ट्र को विभाजन की त्रासदी का सामना करना पड़ा.” उन्होंने कहा, “जो गलतियां इतिहास के काले अध्याय के रूप में हमारे सामने कैद हैं, वही गलतियां चुनाव के समय राजनीतिक दल करते हैं. जो पहले जातिवाद के नाम पर होता था, वही कारनामे आज राजनीतिक दलों के स्तर पर किए जा रहे हैं. चेहरे- तिथि बदली है, लेकिन घटनाओं का स्वरूप वही है.” योगी ने कहा कि जाति, क्षेत्रीय, भाषाई विभाजन से उबरकर हमें राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करना होगा.
बांग्लादेश में हिदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर ‘कैंडल मार्च’ वालों की चुप्पी ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ : धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छोटी-छोटी घटनाओं पर ‘कैंडल मार्च’ निकालने वाले लोगों को आड़े हाथों लेते हुए बुधवार को कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही बर्बरतापूर्ण घटनाओं पर कोई आवाज नहीं उठाया जाना बहुत ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ है. मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस समय बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ बर्बरतापूर्ण घटनाएं हो रही हैं और उनके साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है. उन्होंने इस संबंध में 1947 और 1971 की घटनाओं को याद करते हुए कहा कि यह हमेशा से होता आया है और अब फिर दोहराया जा रहा है .
धामी ने कहा, “देश के अंदर हमारे यहां तमाम छोटे-छोटे वाकयों के कारण कोई कैंडल मार्च निकालता था, कोई विरोध प्रदर्शन करता था लेकिन आज कोई आवाज नहीं उठा रहा है और निश्चित रूप से यह दुर्भाग्यपूर्ण है.” उन्होंने हालांकि कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ जिस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं, उस पर देश के अंदर से ये आवाज जानी चाहिए कि हम सब लोग उनके साथ हैं.
धामी ने विभाजन की विभीषिका को एक बड़ी त्रासदी और नरसंहार बताते हुए कहा कि करोड़ों लोगों को इसका दंश झेलना पड़ा.
उन्होंने कहा, “अनेक लोग बेघर हो गए, कई अन्य हमारे बीच से चले गए, लोग अपनों से बिछड़ गए. निश्चित रूप से यह एक बड़ी त्रासदी थी, एक बड़ा नरसंहार था.”



