नयी दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल होने के एक दिन बाद मंगलवार को उनका पुराना सरकारी बंगला आवंटित करने का निर्णय किया गया है. सूत्रों ने बताया कि संसद की आवास संबंधी समिति ने इस बारे में निर्णय किया है. राहुल गांधी को 12 तुगलक लेन स्थित उनका पुराना बंगला फिर से आवंटित किया गया है.
इस बारे में पूछे जाने पर राहुल गांधी ने मीडिया से कहा, ” मेरा घर पूरा हिन्दुस्तान है.” कांग्रेस नेता के करीबी सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी को संपदा कार्यालय से इस बात की आधिकारिक पुष्टि प्राप्त हुई है कि उन्हें सांसद के रूप में दिल्ली में बंगला आवंटित किया गया है और 12 तुगलक लेन स्थित बंगले की पेशकश की गई है जो उन्हें पूर्व में आवंटित किया गया था. इसमें कांग्रेस सांसद को आठ दिन में जवाब देने को कहा गया है.
उच्चतम न्यायालय ने ‘मोदी उपनाम’ संबंधी मानहानि के मामले में राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर शुक्रवार को रोक लगा दी थी. इसके बाद सोमवार को लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के माध्यम से उनकी लोकसभा सदस्यता बहाल हुई. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मार्च में गुजरात की एक अदालत द्वारा मानहानि के इस मामले में दोषी करार दिये जाने और लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किये जाने के बाद 22 अप्रैल को लुटियंस दिल्ली में 12 तुगलक लेन स्थित अपना सरकारी आवास खाली कर दिया था. इस बंगले में वे करीब दो दशक तक रहे. राहुल गांधी पहली बार 2004 में उत्तर प्रदेश के अमेठी से सांसद चुने गए और तीन बार इस सीट से सांसद रहे. उन्होंने 2019 में केरल के वायनाड संसदीय सीट से चुनाव जीता.
आवास आवंटित होने की खबर पर राहुल ने कहा: मेरा घर पूरा हिंदुस्तान है
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उनका पुराना सरकारी आवास फिर से आवंटित होने की खबरों पर मंगलवार को कहा कि उनका घर पूरा हिंदुस्तान है. पार्टी मुख्यालय में जब कांग्रेस की एक बैठक के लिए राहुल गांधी पहुंचे, तो संवादाताओं ने उनसे उनके पुराने आवास ’12 तुगलक लेन’ के फिर से आवंटित किये जाने के बारे में सवाल किया.
राहुल गांधी ने संवाददाताओं से कहा, ”मेरा घर पूरा हिंदुस्तान है.” कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को ‘मोदी उपनाम’ वाली टिप्पणी से संबंधित मानहानि के मामले में उच्चतम न्यायालय से राहत मिलने के तीन दिन बाद सोमवार को उनकी लोकसभा सदस्यता बहाल कर दी गई थी. उच्चतम न्यायालय ने ‘मोदी उपनाम’ को लेकर 2019 में की गई टिप्पणी के संबंध में राहुल गांधी के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में उनकी दोषसिद्धि पर चार अगस्त को रोक लगा दी थी, जिसके बाद उनकी लोकसभा सदस्यता बहाल होने का मार्ग प्रशस्त हो गया था.