सीआईएससीई नतीजे : 10वीं, 12वीं कक्षा में उत्तीर्ण प्रतिशत बढ़ा, जारी नहीं होगी मेधा सूची

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Mon, 06 May 2024 08:48 PM
सीआईएससीई नतीजे : 10वीं, 12वीं कक्षा में उत्तीर्ण प्रतिशत बढ़ा, जारी नहीं होगी मेधा सूची
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नयी दिल्ली. ‘काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल र्सिटफिकेट एग्जामिनेशन्स’ (सीआईएससीई) की 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के सोमवार को सुबह घोषित नतीजों में लड़कियों ने लड़कों से बाजी मारी, जबकि दोनों कक्षाओं के लिए पास प्रतिशत में वृद्धि दर्ज की गयी. बोर्ड ने छात्रों के बीच अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा से बचने के लिए मेधा सूची जारी करने की प्रक्रिया इस साल से बंद कर दी है.

सीआईएससीई के एक अधिकारी ने बताया कि 99.47 प्रतिशत छात्रों ने 10वीं कक्षा की परीक्षा में सफलता हासिल की, जबकि 98.19 फीसदी छात्रों ने 12वीं कक्षा की परीक्षा पास की. पिछले साल 10वीं कक्षा के लिए पास प्रतिशत 98.94 प्रतिशत और 12वीं कक्षा के लिए 96.93 प्रतिशत दर्ज किया गया था.

सीआईएससीई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सचिव जोसेफ इमैनुअल ने कहा, ”10वीं कक्षा में 99.31 प्रतिशत लड़के पास हुए, जबकि 99.65 प्रतिशत लड़कियों ने सफलता हासिल की. इसी तरह, 12वीं कक्षा में लड़कों का पास प्रतिशत 97.53 रहा, जबकि लड़कियों का पास प्रतिशत 98.92 प्रतिशत रहा.” उन्होंने कहा, ”हमने बोर्ड परीक्षाओं के लिए मेधा सूची जारी करने की प्रक्रिया भी इस साल से बंद कर दी है. इस कदम का उद्देश्य छात्रों के बीच अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा से बचना है.” सीबीएसई ने इन दो बोर्ड कक्षाओं के लिए मेधा सूची जारी करने का चलन पिछले साल बंद कर दिया था.

कोविड-19 महामारी के दौरान जब स्कूलों के बंद होने के कारण बोर्ड परीक्षाएं नहीं करायी गयी थीं और छात्रों को वैकल्पिक मूल्यांकन पद्धति से अंक दिए गए थे, तो सीबीएसई और सीआईएससीई दोनों ने कोई मेधा सूची जारी नहीं की थी. हालांकि, स्कूल फिर से खुलने के बाद यह चलन दोबारा शुरू हो गया था.

दसवीं कक्षा में इंडोनेशिया, सिंगापुर और दुबई के स्कूलों ने विदेश में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, जहां पास होने का प्रतिशत 100 रहा. बारहवीं कक्षा में सिंगापुर और दुबई के स्कूलों ने विदेश में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया. आईसीएसई परीक्षा (10वीं कक्षा) 60 लिखित विषयों में करायी गयी थी, जिनमें से 20 भारतीय भाषाओं, 13 विदेशी भाषाओं और एक शास्त्रीय भाषा में थी. आईसीएसई परीक्षाएं 21 फरवरी को शुरू हुईं और 28 मार्च को 18 दिन में खत्म हुईं. आईएससी परीक्षा (12वीं कक्षा) 47 लिखित विषयों में करायी गयी, जिनमें से 12 भारतीय भाषाओं, चार विदेशी भाषाओं और दो शास्त्रीय भाषाओं में थी. आईएससी परीक्षाएं 12 फरवरी को शुरू हुईं और चार अप्रैल को खत्म हुईं.

कुल 2,695 स्कूलों के अभ्यर्थी 10वीं कक्षा की परीक्षा में बैठे और 82.48 प्रतिशत (2,223) स्कूलों का उत्तीर्ण प्रतिशत 100 रहा.
बारहवीं कक्षा के लिए कुल 1,366 स्कूलों के अभ्यर्थी बैठे और 66.18 प्रतिशत (904) स्कूलों का उत्तीर्ण प्रतिशत 100 रहा.
दसवीं कक्षा की परीक्षा में 2.43 लाख से अधिक उम्मीदवार बैठे थे, जबकि 12वीं कक्षा की परीक्षा में 99,901 छात्र बैठे.

दसवीं कक्षा में पश्चिमी क्षेत्र में उच्च उत्तीर्ण प्रतिशत (99.91) दर्ज किया गया. इसके बाद दक्षिणी क्षेत्र में सबसे अधिक उत्तीर्ण प्रतिशत (99.88) दर्ज किया गया. दक्षिण क्षेत्र में सबसे अधिक 49.52 प्रतिशत लड़कियों ने 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दी.
बारहवीं कक्षा में दक्षिणी क्षेत्र में उच्च उत्तीर्ण प्रतिशत (99.53) दर्ज किया गया. इसके बाद पश्चिमी क्षेत्र में सबसे अधिक उत्तीर्ण प्रतिशत (99.32) दर्ज किया गया. पश्चिमी क्षेत्र में सबसे अधिक 50.55 प्रतिशत लड़कियों ने 12वीं कक्षा की परीक्षा दी.

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