भारत को पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में हरित ऊर्जा क्षेत्र का भी योगदान : भाजपा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 06 Aug 2024 09:27 PM
भारत को पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में हरित ऊर्जा क्षेत्र का भी योगदान : भाजपा
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार द्वारा पिछले दस साल से हरित ऊर्जा पर जोर दिये जाने की सराहना करते हुए राज्यसभा में मंगलवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने दावा किया कि भारत ने विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की जो उपलब्धि हासिल की है, उसमें नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की भी बड़ी भूमिका है.

उच्च सदन में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के अमरपाल मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई छोटे-छोटे कदम उठाये जिसके बड़े बड़े परिणाम सामने आये. उन्होंने कहा कि ऐसा ही एक कदम था एलईडी बल्ब को बढ़ावा देना जिससे देश ने ऊर्जा की काफी बचत की.

उन्होंने कहा कि भारत को जब आजादी मिली, उस समय प्रकृति आधारित विकास पर ध्यान देने की जरूरत थी किंतु तब की सरकार ने अमेरिका और रूस के विकास पर आधारित मॉडल पर ध्यान दिया. उन्होंने कहा ”भारत में प्रकृति ने हमको सभी कुछ सिखाया था.” मौर्य ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने यदि पवन और सौर ऊर्जा पर ध्यान दिया होता तो आज यह दृश्य देखने को नहीं मिलता. उन्होंने कहा कि जिस दिन अयोध्या में राम मंदिर में भगवान राम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई, उसी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सूर्य घर योजना को शुरू किया.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह लक्ष्य रखा कि पीएम सौर ऊर्जा के माध्यम से एक करोड़ परिवारों को जोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि आज एक करोड़ 28 लाख लोगों का इस योजना के माध्यम से पंजीकरण हो चुका है तथा 14 लाख से अधिक आवेदन मंजूर हो चुके हैं.
भाजपा की दर्शना सिंह ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि अक्षय ऊर्जा में भारत की आत्मनिर्भरता इसकी सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है.

उन्होंने कहा ” आज भारत विश्व में नवीकरणीय ऊर्जा उपभोग करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है. भारत की ऊर्जा जरूरतों को केवल जीवाश्म ईंधनों से पूरा नहीं किया जा सकता. इस बात को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा पर पर बल देना शुरू किया है.” दर्शना ने कहा कि आज निजी क्षेत्र नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है जिससे इन क्षेत्रों में रोजगार के नये अवसर भी खुले हैं.

उन्होंने कहा कि जीवाश्म ईंधन पर्यावरण के लिए अच्छा नहीं है तथा यह वायु प्रदूषण का एक बहुत बड़ा कारण है. उन्होंने विश्व स्वास्थ संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि विश्व में प्रति वर्ष 1.3 करोड़ लोगों की मौत वायु प्रदूषण के कारण होती है.
भाजपा सदस्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का जो लक्ष्य रखा है, उसे प्राप्त करने में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र एक बड़ी भूमिका निभा सकता है.

भाजपा के मिथलेश कुमार ने चर्चा में भाग लेते हुए जहां कहा कि सरकार का 2024-25 बजट हरित विकास एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देगा . कुमार ने कहा कि हरित ऊर्जा के लिए जो परियोजनाएं चलायी जा रही हैं, उत्तर प्रदेश में विशेषतौर पर उनकी प्रगति देखी जा रही है क्योंकि राज्य सरकार इनके लिए सब्सिडी दे रही है. उन्होंने कहा कि पिछले दस साल में सोलर माड्यूल उत्पादन क्षमता में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा कि सोलर पंप लगाने पर जोर दिये जाने के कारण खेती की लागत में कमी आयेगी. भाजपा के संजय सेठ ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि जब से प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में सरकार बनायी, तब से उनका यह प्रयास रहा है कि देश के गरीब, किसान, महिलाएं, युवा, मजदूर अपने जीवनयापन को सुगम बना सकें.

उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है, उसके पीछे नवीकरणीय ऊर्जा का बहुत बड़ा हाथ है. उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है. उन्होंने कहा कि पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता के मामले में विश्व में भारत चौथे और पन बिजली स्थापित क्षमता के मामले में पांचवें स्थान पर है.

सेठ ने कहा कि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सरकार ने 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को अनुमति दी है. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में भारत का बजट पिछले दस वर्ष में लगभग दो गुना बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने अयोध्या को ‘मॉडल सोलर सिटी’ बनाने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने कहा कि केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बिजली क्षेत्र पर दिये गये ध्यान के कारण इस राज्य में बिजली आपूर्ति को काफी हद तक व्यवस्थित और नियमित कर दिया गया है.

सेठ ने कहा कि सरकार द्वारा सौर ऊर्जा पर जोर दिये जाने के कारण आज बिजली वितरण कंपनियों ‘डिस्कॉम’ का घाटा कम हो रहा है और वे लाभ की दिशा में तेजी से बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि सरकार आवासीय परियोजनाओं को सौर ऊर्जा अपनाने की सलाह दे रही है.
भाजपा के बृजलाल ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि देश को हरित ऊर्जा की जरूरत है क्योंकि देश में 87 प्रतिशत तेल जरूरतों को आयात से पूरा किया जाता है. उन्होंने कहा कि 2023-24 में तेल आयात की लागत उसके पिछले साल से कुछ कम हुई है जिससे यह पता चलता है कि देश में हरित ऊर्जा का उत्पादन बढ़ रहा है.

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के शासनकाल में हमारी विदेश नीति तेल आयात से प्रभावित होती थी. उन्होंने कहा कि देश को पड़ोसी देशों के साथ कार्रवाई करते समय इस बात पर विचार करना पड़ता था कि कहीं उससे देश के तेल आयात पर असर न पड़ जाए.

भाजपा सदस्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश आज इतनी मजबूत स्थिति में पहुंच गया है कि जब रूस पर प्रतिबंध लगा तो भारत ने उसकी परवाह नहीं करते हुए मास्को से तेल आयात जारी रखने का निर्णय किया. उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा किसानों के लिए बहुत लाभकारी साबित होगी. उन्होंने कहा कि किसान सोलर पंप के माध्यम से सिंचाई कर सकते हैं और बंजर भूमि पर भी खेती हो सकेगी.

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