नयी दिल्ली/चंडीगढ़. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को 21 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी, जिसमें दो मंत्रियों के टिकट काट दिए गए हैं जबकि पिहोवा सीट से उम्मीदवार को बदल दिया गया है. हरियाणा में सत्तारूढ़ पार्टी ने महेंद्रगढ़, एनआईटी फरीदाबाद और सिरसा सीट के लिए उम्मीदवारों की घोषणा अभी नहीं की है. जुलाना विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की उम्मीदवार विनेश फोगाट से मुकाबले के लिए पार्टी ने युवा नेता कैप्टन योगेश बैरागी पर दांव खेला है.
भाजपा ने चार सितंबर को जारी अपनी पहली सूची में कमलजीत सिंह अजराना को पिहोवा सीट से उम्मीदवार बनाया था लेकिन दूसरी सूची में उनकी जगह जय भगवान शर्मा को टिकट दिया गया है. पार्टी ने पिहोवा के मौजूदा विधायक और पूर्व मंत्री संदीप सिंह का टिकट काट दिया था. अजराना को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उन्हें स्थानीय कार्यकर्ताओं के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था.
भाजपा ने मंत्री बनवारी लाल का भी टिकट काट दिया है और उनकी जगह कृष्ण कुमार को मैदान में उतारा. बढकल की मौजूदा विधायक और स्कूल शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा को भी पार्टी ने टिकट नहीं दिया है. उनकी जगह धनेश अदलखा को इस सीट से उम्मीदवार बनाया गया है. हालांकि, सोहना से विधायक और एक अन्य मंत्री संजय सिंह को नूंह से टिकट दिया गया है. पार्टी ने तेजपाल तंवर को सोहना से मैदान में उतारा है.
सत्तारूढ़ दल ने गन्नौर, पटौदी, हथीन और होडल सीटों से मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं और नए चेहरों पर भरोसा जताया है.
हरियाणा भाजपा प्रमुख मोहन लाल बडोली ने स्पष्ट कर दिया था कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे और इसके बजाय पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे. इसके मद्देनजर राई विधानसभा क्षेत्र से कृष्णा गहलावत को उम्मीदवार बनाया गया है. पटौदी (अनुसूचित जाति) सीट से बिमला चौधरी को टिकट मिला है. दूसरी सूची में गहलावत और चौधरी दो महिलाएं हैं.
बिमला चौधरी ने सत्य प्रकाश जारावत की जगह ली, जिनका टिकट काट दिया गया है. देवेंद्र कौशिक को मौजूदा विधायक निर्मल चौधरी की जगह गन्नौर सीट से टिकट दिया गया है. पार्टी की ओर से जारी सूची में दो मुस्लिम उम्मीदवारों को भी टिकट देने की घोषणा की गई है. भाजपा ने फिरोजपुर झिरका से नसीम अहमद और पुन्हाना से ऐजाज खान को चुनावी मैदान में उतारा है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के करीबी माने जाने वाले पवन सैनी को नारायणगढ़ सीट से उम्मीदवार बनाया है, जबकि सतपाल जाम्बा को पुंडरी से चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार बनाया गया है. योगेंद्र राणा को असंध से और प्रदीप सांगवान को बरोदा से उम्मीदवार बनाया गया है.
पार्टी ने मनीष ग्रोवर को रोहतक से, ओम प्रकाश यादव को नारनौल से और कृष्ण कुमार को बावल (एससी) सीट से टिकट दिया है.
सिरसा की डबवाली विधानसभा सीट से पार्टी ने सरदार बलदेव सिंह मांगीयाना को उम्मीदवार बनाया है. यहां से जननायक जनता पार्टी (जजपा) के दिग्विजय चौटाला चुनावी मैदान में हैं. यह चौटाला परिवार की परंपरागत सीट मानी जाती है. दिग्विजय जजपा के महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के छोटे भाई हैं.
पार्टी ने ऐलनाबाद सीट से अमीर चंद मेहता को उम्मीदवार बनाया है. यह विधानसभा क्षेत्र सिरसा लोकसभा सीट का हिस्सा है. यह सीट भी चौटाला परिवार का गढ़ मानी जाती है. साल 2000 में हुए चुनाव के बाद इस सीट पर इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) का कब्जा रहा है. साल 2021 में इस सीट पर हुए उपचुनाव में इनेलो के अभय चौटाला ने जीत हासिल की थी.
खेलों से राजनीति में आईं कांग्रेस उम्मीदवार विनेश फोगाट के खिलाफ जुलाना में भाजपा ने युवा नेता और एयर इंडिया की नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखने वाले कैप्टन योगेश कुमार बैरागी पर दांव खेला है. सफीदों निवासी योगेश इस समय भाजपा युवा मोर्चा की हरियाणा इकाई के उपाध्यक्ष हैं. भाजपा ने बुधवार को जारी अपनी पहली सूची में 67 उम्मीदवारों की घोषणा की थी. हरियाणा के मुख्यमंत्री एवं करनाल से मौजूदा विधायक नायब सिंह सैनी को कुरुक्षेत्र जिले की लाडवा सीट से मैदान में उतारा गया है.
जिन तीन सीटों से भाजपा ने अभी तक अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा नहीं की है, उनमें पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री राम बिलास शर्मा महेंद्रगढ़ से प्रबल दावेदार हैं. भाजपा की सहयोगी हरियाणा लोकहित पार्टी के प्रमुख गोपाल कांडा सिरसा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसके लिए सत्तारूढ़ पार्टी ने अब तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है.
भाजपा द्वारा 67 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के बाद पार्टी को अपने खेमे में बगावत का सामना करना पड़ रहा है. पूर्व मंत्री रंजीत सिंह चौटाला और विधायक लक्ष्मण दास नापा ने टिकट नहीं मिलने पर पार्टी छोड़ दी है. टिकट से वंचित कुछ अन्य उम्मीदवारों ने भी विद्रोह का झंडा बुलंद कर रखा है.
साल 2014 से राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा की नजर हरियाणा में लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने पर है, लेकिन उसे कांग्रेस से कड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद है. कांग्रेस राज्य में सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है. राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए पांच अक्टूबर को मतदान होना है और मतगणना 8 अक्टूबर को होगी.