शिमला मस्जिद विवाद : प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक तोड़े, पुलिस से हुई झड़प

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 11 Sep 2024 08:36 PM
शिमला मस्जिद विवाद : प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक तोड़े, पुलिस से हुई झड़प
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शिमला. शिमला के संजौली क्षेत्र में एक मस्जिद के अवैध हिस्से को ध्वस्त करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों की बुधवार को सुरक्षार्किमयों के साथ झड़प हो गई. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोधकों को तोड़ दिया और पथराव किया, जबकि पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें कीं और लाठीचार्ज किया.

”जय श्री राम” और ”हिंदू एकता जिंदाबाद” के नारे लगाते हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारी सब्जी मंडी ढल्ली में एकत्र हुए और विरोध दर्ज कराने के लिए निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए तथा प्रशासन की चेतावनियों की अनदेखी करते हुए संजौली की ओर मार्च शुरू कर दिया. उन्होंने ढल्ली सुरंग के पास लगाए गए अवरोधक तोड़ दिए. कुछ हिंदू समूहों के आ”ान पर एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों ने जब संजौली में प्रवेश किया और मस्जिद के पास लगे दूसरे अवरोधक को तोड़ दिया तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और पानी की बौछारें छोड़ीं.

पुलिस ने हिंदू जागरण मंच के सचिव कमल गौतम सहित कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया तथा मस्जिद के पास फिर से अवरोधक लगा दिए, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने वहां से जाने से इनकार कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी.
झड़प के कारण संजौली, ढल्ली और आसपास के इलाकों के बच्चे स्कूलों में फंसे रहे. स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के प्रति अपने आक्रोश का इजहार किया. उनका कहना था कि प्रदर्शन की जानकारी होने के बावजूद प्रशासन ने विद्यालयों को बंद रखने का आदेश नहीं दिया.

स्थानीय लोगों ने बताया कि कई स्कूल प्रबंधन बच्चों को घर वापस भेजने के लिए जिला प्रशासन के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं.
झड़प और पथराव में कम से कम दो पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई में उनमें से भी कुछ लोगों को चोटें आई हैं. शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अतुल वर्मा के साथ घटनास्थल पर मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं.

गांधी ने कहा, ”हम बातचीत के जरिये स्थिति शांत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कोई नेता नहीं है और भीड़ सुनने को तैयार नहीं है.” हालांकि, प्रदर्शनकारियों के नेताओं में से एक विजय शर्मा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के लाठीचार्ज के कारण क्षेत्र में अशांति का माहौल पैदा हुआ है.

प्रदर्शन में शामिल सुनीता ने दावा किया कि पुलिस ने बच्चों पर भी लाठीचार्ज किया. उन्होंने कहा, ”हम न तो कांग्रेस से हैं और न ही भाजपा से, हम हिंदू हैं और चाहते हैं कि ये रेहड़ी-पटरी वाले बाहर हो जाएं.” संजौली के एसपीएम पब्लिक स्कूल की छठी कक्षा की छात्रा जानवी ने बताया कि प्रदर्शन के कारण स्कूल में फंसे होने के कारण छात्र डरे हुए थे. उन्होंने बताया, ”जब हमारे अभिभावक हमें लेने आए तो हमें जाने दिया गया.” कई प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले तो उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी और अब उन्हें गिरफ्तार कर रही है.

शर्मा ने कहा, ”हमारी मांग है कि सुनवाई पूरी होने तक ढांचे को सील किया जाए, राज्य में आने वाले सभी बाहरी लोगों का पंजीकरण किया जाए और जनसंख्या के आधार पर विक्रेता नीति बनाई जाए, जिसमें 95 प्रतिशत लाइसेंस हिंदुओं को दिया जाए.” कई महिलाएं भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं और अवरोधक तोड़ने से पहले ढल्ली में हनुमान चालीसा का पाठ किया.

संजौली इलाके की मस्जिद में अवैध निर्माण को लेकर बढ़ते तनाव और विवादित ढांचा गिराने की मांग को लेकर हिंदू संगठनों के बंद के आ”ान के बीच संजौली और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. शिमला जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा आदेश जारी किए है, जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के एकत्रित होने और हथियार रखने पर रोक है. हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शांति बनाये रखने की अपील की और कहा कि राज्य सरकार मस्जिद के संबंध में विवाद पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी.

उन्होंने कहा, ”यह केवल एक ढांचे का मामला नहीं है, बल्कि ऐसे 4,000-5,000 से अधिक अधिक ढांचे हैं. पिछले 14 वर्ष से यह मामला नगर निगम आयुक्त की अदालत में लंबित रहा है और मामले की सुनवाई तेज करने के प्रयास किए जाएंगे.” विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने भी प्रदर्शनकारियों से निषेधाज्ञा की अवहेलना न करने की अपील की.

उन्होंने सरकार को चेतावनी दी, ”अवैध मस्जिद का मामला बहुत संवेदनशील है और इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और मामले पर सुनवाई तेजी से होनी चाहिए, क्योंकि राज्य के अन्य हिस्सों में भी तनाव फैल सकता है.” मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को यहां पत्रकारों से कहा था कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, ”कानून-व्यवस्था बनाये रखना सरकार की जिम्मेदारी है. लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन किसी भी समुदाय के किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.” सुक्खू ने कहा कि जहां तक ??मस्जिद का सवाल है, कुछ मंजिलों पर अनधिकृत या अवैध निर्माण का मामला नगर निगम के पास है और कानून अपना काम करेगा तथा इस मुद्दे पर शीघ्र निर्णय के लिए अनुरोध किया जाएगा.

कुछ हिंदू संगठनों ने बुधवार को संजौली बंद का आ”ान करते हुए अवैध विवादित ढांचे को गिराने और राज्य में आ रहे बाहरी लोगों के पंजीकरण की मांग की है. हिंदू समूहों ने गत बृहस्पतिवार को भी अपनी मांगों को लेकर विधानसभा और संजौली के निकट चौड़ा मैदान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था.

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