रामबन/जम्मू. जम्मू कश्मीर के रामबन जिले में रविवार तड़के भारी बारिश के कारण अलग-अलग जगहों पर आई बाढ़ और भूस्खलन में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि बड़ी संख्या में मकान क्षतिग्रस्त हो गए. वहीं 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नाशरी और बनिहाल के बीच करीब एक दर्जन स्थानों पर भूस्खलन और मिट्टी धंसने की घटनाएं हुईं जिसके कारण यातायात रोक दिया गया. सैकड़ों यात्री 250 किलोमीटर लंबे राजमार्ग पर फंस गए, जो कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है. अधिकारियों ने बताया कि सेरी बागना गांव में बादल फटने से तीन लोगों की मौत हो गई. मृतकों में से दो की पहचान अकीब अहमद और मोहम्मद साकिब के रूप में की गई है. वे दोनों भाई थे. अधिकारियों ने बताया कि अंतिम रिपोर्ट मिलने तक गांव में बचाव अभियान जारी था.
इन तीन लोगों की मौत होने के साथ ही जम्मू क्षेत्र में पिछले दो दिन में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है. इससे पहले, रियासी जिले के अरनास इलाके में शनिवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई थी और एक अन्य महिला घायल हो गई थी.
अधिकारियों ने बताया कि धर्म कुंड गांव में अचानक आई बाढ़ के कारण करीब 40 मकान क्षतिग्रस्त हो गए. उन्होंने बताया कि 10 मकान पूर्णत? क्षतिग्रस्त हो गए और शेष को आंशिक क्षति पहुंची. अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के बावजूद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्होंने फंसे हुए 100 से अधिक ग्रामीणों को बचाया. उन्होंने बताया कि एक जलधारा के उफान पर होने के कारण कई वाहन बह गए.
उपमुख्यमंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने रामबन में नेशनल कान्फ्रेंस विधायकों अर्जुन सिंह राजू (रामबन) और सज्जाद शाहीन (बनिहाल) के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद कहा, “स्थिति खराब है… वापस आने पर मैं अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपूंगा.” एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश, बादल फटने, तेज हवाओं, भूस्खलन और ओलावृष्टि के कारण पूरे जिले में भारी नुकसान हुआ है.
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं और बाद में (नुकसान का) आकलन किया जाएगा ताकि प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान की जा सके. इस समय हमारी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है.” जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया और कहा कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जा रही है.
सिन्हा ने कहा कि जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और बचाव दल तेजी से राहत पहुंचाने के काम में लगे हुए हैं. उपमुख्यमंत्री ने रामबन में कहा, ”मेरे दौरे का उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है.” उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिश्नर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाएगी और लोगों को हुए नुकसान की भरपाई करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा.
यातायात विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि नाशरी और बनिहाल के बीच कई स्थानों पर भूस्खलन, मिट्टी धंसने और पत्थर गिरने की घटनाओं के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है. उन्होंने बताया कि राजमार्ग से लगे इलाके में बारिश जारी है और लोगों को मौसम में सुधार होने तथा सड़क साफ होने तक मुख्य सड़क पर यात्रा न करने की सलाह दी गई है. अधिकारियों ने बताया कि पंथियाल के पास भी सड़क का एक हिस्सा बह गया है. उन्होंने बताया कि फंसे हुए सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने त्वरित कार्रवाई करके लोगों की जान बचाने के लिए उपायुक्त बसीर उल हक चौधरी के नेतृत्व वाले जिला प्रशासन की सराहना की.
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”रामबन शहर के आसपास के इलाकों समेत रामबन क्षेत्र में रात भर भारी बारिश हुई, कई जगह भूस्खलन हुआ और तेज हवाएं चलीं. राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है, दुर्भाग्य से तीन लोग मारे गए हैं और कुछ परिवारों की संपत्ति का नुकसान हुआ है.” उन्होंने कहा, ”मैं उपायुक्त के लगातार संपर्क में हूं. जिला प्रशासन समय पर और त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशंसा का पात्र है जिसके कारण कई कीमती जानें बचाने में मदद मिली.” उधमपुर से सांसद सिंह ने कहा कि वित्तीय मदद समेत हर तरह की राहत प्रदान की जा रही है.
सिंह ने कहा, ”उपायुक्त को बता दिया गया है कि यदि जरूरत पड़ी तो सांसद के निजी संसाधनों से भी और अधिक सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है. मेरा अनुरोध है कि आप घबराएं नहीं. इस प्राकृतिक आपदा से हम सब मिलकर निपटेंगे.” नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि रामबन और बनिहाल इलाकों में बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर है. उन्होंने कहा, “सरकार अपने मंत्रियों को प्रभावित इलाकों में भेज रही है और हम केंद्र से वित्तीय सहायता का अनुरोध भी करेंगे ताकि आपदा से प्रभावित लोगों को पर्याप्त राहत दी जा सके.”