शेयर बाजार में ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले कथित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का सूरत साइबर क्राइम सेल ने भंडाफोड़ किया है।
पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में करीब 410 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन, 96 बैंक खातों और देश के 20 राज्यों तक फैले नेटवर्क का खुलासा होने की बात सामने आई है। इस रैकेट से जुड़े मामलों में अब तक 338 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।
फर्जी लिंक से कारोबारी को लगाया 24 लाख से अधिक का चूना
जांच के अनुसार, आरोपियों ने ‘SBI ULTRA’ सहित दो कथित फर्जी लिंक के जरिए सूरत के एक कारोबारी को शेयर बाजार में निवेश करने का लालच दिया। कारोबारी ने 24 लाख रुपये से अधिक का निवेश किया, लेकिन जब उसने रकम निकालने की कोशिश की तो उसे पैसे वापस नहीं मिले। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और कथित ठगी के नेटवर्क का खुलासा हुआ।
दुबई के चीनी गिरोह से संपर्क होने का दावा
पुलिस की जांच में कथित तौर पर इस नेटवर्क के तार दुबई में सक्रिय एक चीनी गिरोह से जुड़े होने की बात सामने आई है। मामले के कथित मास्टरमाइंड के बारे में बताया गया है कि वह लिथुआनिया की एक यूनिवर्सिटी में सिविल इंजीनियरिंग का विद्यार्थी है और दुबई में मौजूद गिरोह के संपर्क में रहकर नेटवर्क संचालित कर रहा था। हालांकि, इस अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और कथित मास्टरमाइंड की भूमिका की पुष्टि जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
96 बैंक खातों और डिजिटल सबूतों की जांच
साइबर क्राइम टीम को जांच के दौरान 96 बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर ठगी की रकम के लेनदेन में किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, यूनिवर्सिटी पहचान पत्र और अन्य संदिग्ध सामग्री जब्त की है। मोबाइल फोन की जांच में कथित चीनी गिरोह के साथ चैट मिलने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब बैंक खातों के लेनदेन, डिजिटल सबूतों और आरोपियों के संपर्कों की जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क, रकम के प्रवाह और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।