भोपाल/मुंबई. पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी शैलजा ने सोमवार को पार्टी नेता राहुल गांधी का बचाव किया, जिन्हें अमेरिका में निर्वाचन आयोग के बारे में उनकी कथित टिप्पणी के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ‘देशद्रोही’ करार दिया है.
केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी पर पलटवार करते हुए शैलजा ने आरोप लगाया कि विदेशी धरती पर देश को बदनाम और विपक्षी दलों की आलोचना करने का काम सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था.
राजधानी भोपाल स्थित कांग्रेस कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में सवालों का जवाब देते हुए शैलजा ने कहा कि राहुल गांधी पर आरोप लगाना और उन्हें ‘देशद्रोही’ बताना भाजपा की पुरानी आदत है. उन्होंने कहा, “मैं याद दिलाना चाहूंगी कि सबसे पहले खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की बातें बाहर कहना शुरू कीं. उन्होंने विदेश में देश के अंदर की राजनीतिक बातें कहीं, विपक्ष को हमेशा अपमानित किया. यह तो ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ वाली बात हुई.” अमेरिका का दौरा कर रहे राहुल ने एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि निर्वाचन आयोग ने “समझौता कर लिया है” और “प्रणाली में कुछ गड़बड़ है.” भाजपा ने कांग्रेस नेता की इस कथित टिप्पणी को लेकर उन्हें ‘देशद्रोही’ करार दिया और उन पर ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई की भड़ास निर्वाचन आयोग पर निकालने का आरोप लगाया.
शैलजा ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी ने जो बातें कही हैं, वह पहले से ही सार्वजनिक है. उन्होंने कहा कि भाजपा का बार-बार यह कहना कि राहुल गांधी ने देश का अपमान किया है, “बिलकुल गलत है.” कांग्रेस महासचिव ने कहा, “देश का अपमान तब होता है, जब संविधान के साथ खिलवाड़ किया जाता है और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जाता है.” उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की ओर से भारत के प्रधान न्यायाधीश पर की गई टिप्पणी भी इसका एक उदाहरण है.
शैलजा ने कहा कि जिस न्यायपालिका ने देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई, उस पर भाजपा के एक सांसद ने ‘लांछन’ लगाने का काम किया है. कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा देश के सामने मौजूद ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने और लोगों को गुमराह करने के लिए ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले को तूल दे रही है.
उन्होंने कहा, “यह राजनीतिक प्रतिशोध की एक साजिश है और ईडी ने इसी के तहत सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है.” शैलजा ने कहा कि पहली बार पैसों या संपत्ति के हस्तांतरण के बिना धन शोधन का मामला बनाया गया है.
उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय को जवाब देना चाहिए की उसने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के किसी सहयोगी या भाजपा नेता पर कार्रवाई क्यों नहीं की? शैलजा ने आरोप लगाया कि सरकार ने ईडी को अपना ‘चुनावी विभाग’ बना लिया है और बदले की भावना से इसका बार-बार दुरुपयोग कर रही है. उन्होंने कहा कि ईडी की ओर से दर्ज मामलों में सजा की दर सिर्फ एक प्रतिशत है और इसके अलावा उसने जो राजनीतिक मामले दर्ज किए हैं, उनमें से 98 प्रतिशत सत्ताधारी पार्टी के राजनीतिक प्रतिद्वंदियों के खिलाफ हैं.
कांग्रेस ने राहुल के बयान का बचाव किया, कहा- मतदान संबंधी शंकाओं का जवाब आयोग को देना चाहिए
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पार्टी नेता राहुल गांधी का विदेशी धरती पर भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की आलोचना करने पर सोमवार को बचाव किया और कहा कि आजकल यह मायने नहीं रखता कि कोई दुनिया के किस हिस्से में बोल रहा है. कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख खेड़ा ने मुंबई में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर संदेह व्यक्त किया है और निर्वाचन आयोग को इसका जवाब देना चाहिए.
उन्होंने कहा, ”हमें निर्वाचन आयोग पर संदेह है. मतदान के अंतिम घंटे में मतदान में 10 से 13 प्रतिशत की वृद्धि होना मानवीय रूप से संभव नहीं है.” अमेरिका में एक कार्यक्रम में निर्वाचन आयोग की आलोचना करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा गांधी पर निशाना साधे जाने के बारे में पूछे जाने पर खेड़ा ने कहा कि आज की परिस्थितियों में यह मायने नहीं रखता कि कोई दुनिया के किस हिस्से में बोल रहा है.
उन्होंने कहा, ”निर्वाचन आयोग को (कांग्रेस द्वारा उठाए गए मुद्दों पर) जवाब देने दीजिए…भाजपा जवाब क्यों दे रही है? हमने घरेलू राजनीतिक मुद्दों के बारे में विदेशी धरती पर बोलना प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी से सीखा है.” दंगा प्रभावित मुर्शिदाबाद जिले का पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दौरा नहीं करने के बारे में पूछे जाने पर खेड़ा ने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने जातीय हिंसा प्रभावित मणिपुर का दौरा नहीं किया है.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए भारत की चुनावी प्रक्रिया पर एक बार फिर सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की (सरकार के साथ) ‘मिलीभगत’ है. उन्होंने अमेरिका के बोस्टन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह भी दावा किया कि भारत की चुनावी प्रणाली में कुछ न कुछ गड़बड़ है.
वहीं भाजपा ने गांधी की इस कथित टिप्पणी को लेकर उन्हें ”देशद्रोही” करार दिया और ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर निर्वाचन आयोग पर अपनी भड़ास निकालने का आरोप लगाया. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने रविवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दावा किया कि सरल शब्दों में कहें तो महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में राज्य में वयस्कों की संख्या से ज्यादा लोगों ने मतदान किया.
उन्होंने कहा, “निर्वाचन आयोग ने हमें शाम 5:30 बजे तक के मतदान के आंकड़े दिए और शाम 5:30 बजे से 7:30 बजे के बीच 65 लाख मतदाताओं ने मतदान कर दिया. इतने समय में इतने अधिक लोगों का मतदान केंद्र तक पहुंच कर वोट डालना संभव नहीं है. एक मतदाता को मतदान करने में लगभग 3 मिनट लगते हैं और अगर हिसाब लगाएं तो इसका मतलब है कि मतदाताओं की कतारें देर रात 2 बजे तक लगी रही होंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.”