पाकिस्तान ने पहलगाम आतंकी हमले में पर्यटकों की मौत पर शोक जताया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 23 Apr 2025 09:46 PM
पाकिस्तान ने पहलगाम आतंकी हमले में पर्यटकों की मौत पर शोक जताया
ऑडियो सुनें

इस्लामाबाद/वाशिंगटन/मॉस्को/लंदन. पाकिस्तान ने बुधवार को कहा कि वह जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में पर्यटकों के मारे जाने पर शोक व्यक्त करता है. मंगलवार को हुए इस हमले में 26 लोग मारे गए जिनमें से ज्यादातर पर्यटक हैं. विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने हमले के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, ”हम अनंतनाग जिले में हुए हमले में पर्यटकों की जान जाने से चिंतित हैं. हम मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं.” कश्मीर के पहलगाम में एक प्रमुख पर्यटन स्थल पर मंगलवार को आतंकवादियों ने गोलीबारी की, जिसमें कम से कम 26 लोग मारे गए. मृतकों में ज्यादातर पर्यटक थे. यह 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला है.

पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के सहयोगी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने मंगलवार को हमले की जिम्मेदारी ली. अधिकारियों ने कहा कि यह संभव है कि आतंकवादी समूह के सदस्य जम्मू के किश्तवाड़ से दक्षिण कश्मीर के कोकेरनाग के रास्ते बैसरन पहुंचे हों.

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने कुछ दिन पहले कश्मीर को पाकिस्तान की ‘गले की नस’ बताया था, जिस पर नयी दिल्ली की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई थी. जनरल मुनीर ने 15 अप्रैल को इस्लामाबाद में पहले प्रवासी पाकिस्तानी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था, ”हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है, यह हमारी गले की नस थी, यह हमारी गले की नस रहेगी और हम इसे नहीं भूलेंगे. हम अपने कश्मीरी भाइयों को उनके वीरतापूर्ण संघर्ष में अकेला नहीं छोड़ेंगे.” इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, वरिष्ठ मंत्री और विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानी भी शामिल हुए. भारत ने मुनीर की टिप्पणी की निंदा की थी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, ”कोई विदेशी चीज कैसे गले की नस बन सकती है? यह भारत का एक केंद्र शासित प्रदेश है. पाकिस्तान के साथ इसका एकमात्र संबंध उस देश द्वारा अवैध रूप से कब्जाए गए क्षेत्रों को खाली करना है.”

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पहलगाम हमले की निंदा की

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए बुधवार को कहा कि ऐसी घटनाएं क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के प्रयासों को कमजोर करती हैं. तालिबान शासित अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल कहर बल्खी ने भी एक बयान में शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

उन्होंने कहा, ”अफगानिस्तान इस्लामिक अमीरात का विदेश मंत्रालय जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में पर्यटकों पर हाल में हुए हमले की कड़ी निंदा करता है तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता है.” बल्खी ने कहा, ”ऐसी घटनाएं क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के प्रयासों को कमजोर करती हैं.” जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे. यह 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला है.

ट्रंप, पुतिन, नेतन्याहू सहित विश्व भर के नेताओं ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले की निंदा की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सहित विश्व भर के नेताओं ने जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की और भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की. इस हमले में 26 लोग मारे गए हैं. पाकिस्तान, चीन, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात और श्रीलंका के विदेश कार्यालयों ने भी जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में हुई मौतों पर शोक व्यक्त किया.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बातचीत में ट्रंप ने आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की तथा इस ”जघन्य हमले” के दोषियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए भारत को पूर्ण समर्थन व्यक्त किया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ” उन्होंने (ट्रंप ने) जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले में निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की.” पोस्ट में कहा गया, ” भारत और अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुट हैं.” इससे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा था, ”कश्मीर से बहुत परेशान करने वाली खबर आई है. आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ अमेरिका मजबूती से खड़ा है.” उन्होंने कहा, ” हम मारे गए लोगों की आत्मा की शांति और घायलों के स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं. प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी और भारत के लोगों के साथ हमारा पूरा समर्थन और गहरी सहानुभूति है. हमारी संवेदनाएं आपके साथ हैं!”

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी को भेजे अपने संदेश में संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस ”क्रूर अपराध” का कोई औचित्य नहीं है तथा इसके दोषियों को उचित सजा मिलनी चाहिए. पुतिन ने आतंकवाद के सभी स्वरूपों से लड़ने में भारतीय भागीदारों के साथ सहयोग बढ़ाने की रूस की प्रतिबद्धता दोहराई.

इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि वह ”इस बर्बर आतंकवादी हमले से बहुत दुखी हैं जिसमें दर्जनों निर्दोष लोग मारे गए और घायल हुए हैं.” उन्होंने कहा, ” हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं. इजराइल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ है.” इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि वह पहलगाम में आतंकवादी हमले से ”बहुत दुखी” हैं और उन्होंने प्रभावित परिवारों, घायलों, सरकार और भारतीय लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की.

यह हमला ऐसे वक्त हुआ है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस भारत की यात्रा पर हैं. वेंस ने इस जघन्य आतंकवादी हमले के पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ”उषा और मैं भारत के पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले के पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं. पिछले कुछ दिनों में हम इस देश की खूबसूरती और इसके लोगों से अभिभूत हैं. हम इस भयावह हमले में लोगों के मारे जाने से शोकाकुल हैं और हमारी संवेदनाएं उनके साथ हैं.” इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उनका देश जम्मू कश्मीर में पर्यटकों पर आतंकवादी हमले से ”अत्यंत दुखी” है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए ”सशस्त्र हमले” की कड़ी निंदा की और इस बात पर जोर दिया है कि नागरिकों के खिलाफ हमले किसी भी परिस्थिति में अस्वीकार्य हैं. महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, ”महासचिव 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए सशस्त्र हमले की कड़ी निंदा करते हैं” गुतारेस ने पीड़त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की. दुजारिक ने कहा, ”महासचिव ने जोर देकर कहा कि नागरिकों के खिलाफ हमले किसी भी परिस्थिति में अस्वीकार्य हैं.” यूरोपीय संघ के विदेश मामलों और सुरक्षा नीति के उच्च प्रतिनिधि काजा कालास ने भी ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में हमले की निंदा की.

उन्होंने कहा,” मैं जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले की निंदा करता हूं, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई. पीड़ित परिवारों और भारत के लोगों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं. यूरोपीय संघ आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ है.” जर्मनी के विदेश कार्यालय ने इसे ”क्रूर हमला” करार दिया कहा कि ”निर्दोष लोगों की हत्या का कोई औचित्य नहीं है.” संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की.

बयान में कहा गया कि यूएई ” इन आपराधिक कृत्यों की कड़ी निंदा करता है तथा अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई हिंसा और आतंकवाद के सभी रूपों को स्थायी रूप से अस्वीकार करता है.” श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की और जानमाल के नुकसान पर शोक व्यक्त किया.

इस संबंध में एक बयान में कहा गया, ”श्रीलंका जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है. हम पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं.” नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की. इस हमले में एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोग मारे गए हैं.

ओली ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा, “नेपाल भारत के साथ मजबूती से खड़ा है और आतंकवाद के सभी कृत्यों की कड़ी निंदा करता है.” नेपाल की विदेश मंत्री आरज.ू राणा देउबा ने एक अलग बयान में जम्मू-कश्मीर में निर्दोष पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले की निंदा की. विदेश मंत्री ने कहा, ”मैं इस क्रूर हमले से बहुत दुखी और स्तब्ध हूं.” ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टारमर और विदेश सचिव मंत्री लैमी ने सोशल मीडिया पर भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की.

स्टारमर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”कश्मीर में हुआ भयानक आतंकवादी हमला बेहद विनाशकारी है. मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों, उनके प्रियजनों और भारत के लोगों के साथ हैं.” इससे कुछ देर पहले लैमी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”मैं कश्मीर में हुए भयानक और कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले से स्तब्ध हूँ. मेरी संवेदनाएँ उन सभी लोगों के साथ हैं जो इस हमले में प्रभावित हुए हैं, ख.ास तौर पर उन लोगों के साथ जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है.” अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष सीनेटर जिम रिश सहित कई अमेरिकी सांसदों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों ने पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की.

सीनेटर रिश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”मैं कश्मीर में हुए भयानक हमले के बाद भारत के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और उम्मीद करता हूं कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जल्द ही न्याय के कठघरे में लाया जाएगा. आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.” बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने भी बुधवार को पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की. यूनुस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”महामहिम: कृपया कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में हुई जानमाल की क्षति पर मेरी गहरी संवेदना स्वीकार करें. हम इस जघन्य कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं. मैं आतंकवाद के खिलाफ बांग्लादेश के दृढ़ रुख की फिर से पुष्टि करता हूं.” भाषा

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu