गुवाहाटी/होजाई. पहलगाम आतंकवादी हमले में पाकिस्तान और उसकी संलिप्तता का कथित तौर पर बचाव करने के लिए असम में विपक्षी दल ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के विधायक अमीनुल इस्लाम को बृहस्पतिवार को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया. मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी.
शर्मा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ह्लहमने एक वीडियो देखा है, जिसमें एआईयूडीएफ विधायक हमले में पाकिस्तान और उसकी संलिप्तता का बचाव करते हुए नजर आ रहे हैं. मैंने पुलिस को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था और डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) ने मुझे सूचित किया है कि विधायक को गिरफ्तार कर लिया गया है.ह्व उन्होंने कहा, ह्लविधायक को अदालत में पेश किया जाएगा और हम मामले को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाएंगे.ह्व जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक शामिल थे.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी हिंदुओं को जातियों में बांटना चाहते हैं: हिमंत
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी हिंदुओं को जाति के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादी सिर्फ पीड़ितों का धर्म जानना चाहते थे. शर्मा ने यहां पंचायत चुनाव रैली को संबोधित करते हुए कहा कि इस समय देश में जाति आधारित राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है.
उन्होंने कहा, ”आतंकवादी पहले कभी भी उन लोगों की धार्मिक पहचान के बारे में नहीं पूछते थे, जिन्हें वे निशाना बनाते थे लेकिन पहलगाम में पीड़ितों से पूछा गया कि वे किस धर्म से हैं. जब उन्होंने जवाब दिया कि वे हिंदू हैं, तो पुरुषों को उनकी पत्नियों के सामने ही गोली मार दी गई.” उन्होंने कहा, ”क्या हिंदू होना अपराध है? हिंदू 5,000 वर्षों से भारत में हैं और यहीं रहेंगे. इस तरह की हरकतें स्वीकार्य नहीं हैं.” शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार में सभी धर्मों के लोग सुरक्षित हैं और उन्होंने सभी से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होने का आग्रह किया.
उन्होंने कहा, ”हिंदुओं और मुसलमानों को मिलकर आतंकवाद से लड़ना होगा और साथ मिलकर काम करना होगा.” गांधी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वह हिंदुओं को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) में बांटने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ”लेकिन आतंकवादियों ने जाति नहीं पूछी, उन्होंने केवल यह पूछा कि जिन लोगों को निशाना बनाया जाना है वे हिंदू हैं या नहीं. जाति की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है.” उन्होंने कहा, ”एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे”.
शर्मा ने कहा, ”हमें एकजुट होना होगा और पाकिस्तान तथा बांग्लादेश जैसे देशों को सबक सिखाना होगा.” उन्होंने दावा किया कि असम में रह रहे कुछ लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से पाकिस्तान का अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी क्यों न हो.
शर्मा ने राज्य से कांग्रेस के एक सांसद का भी जिक्र किया जो सरकार को सूचित किए बिना 15 दिन तक ”पाकिस्तान में रहे.” उन्होंने दावा किया, ”असम में कांग्रेस के तीन सांसद हैं. उनमें से एक अटारी सीमा के जरिए पाकिस्तान चले गये थे और सरकार को सूचित किए बिना 15 दिन तक वहां रहे. हमारे पास इस बात के सभी सबूत हैं.” उन्होंने कहा, ”हम ऐसे लोगों को माफ नहीं करेंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे.” शर्मा ने लोगों से पंचायत चुनावों में भाजपा और उसके सहयोगियों का समर्थन करने की अपील की.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों के शासन में केवल हत्याएं, विस्फोट, आंदोलन, भ्रष्टाचार, सांप्रदायिक दंगे और उग्रवाद की घटनाएं ही होती थीं.
शर्मा ने कहा, ”लेकिन 2016 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद यहां शांति का माहौल बहाल हुआ और राज्य में विकास की गति तेज हुई है.” उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जायेगा कि कल्याणकारी योजनाओं का फायदा सबसे वंचित वर्ग को मिले. उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों और बिजली दरों में कमी के रूप में अधिक सहायता की घोषणा की जायेगी.