हिमाचल : केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 320 नई पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) मेडिकल सीटों के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने इसे हिमाचल के लिए चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि बताया। उनके अनुसार इस परियोजना के लिए भारत सरकार लगभग 415 करोड़ रुपये का अनुदान उपलब्ध कराएगी।
नड्डा ने क्या कहा?
शनिवार को जारी बयान में नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार ने 15,000 करोड़ रुपये की लागत से अगले पांच वर्षों में देशभर में 10,000 नई मेडिकल सीटें जोड़ने की योजना स्वीकृत की है। उन्होंने बताया कि हिमाचल को मिली 320 पीजी सीटों की मंजूरी इसी पहल का हिस्सा है।
नड्डा के मुताबिक, हिमाचल सरकार से यह प्रस्ताव 23 जून को मिला था। इसके बाद 6 अक्तूबर को एम्स बिलासपुर के दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी उनसे इस विषय पर चर्चा की थी। अब सभी प्रस्तावित 320 सीटें मंजूर कर दी गई हैं।
किस मेडिकल कॉलेज को कितनी सीटें?
| मेडिकल कॉलेज | मंजूर पीजी सीटें |
|---|---|
| आईजीएमसी शिमला | 91 |
| मेडिकल कॉलेज हमीरपुर | 57 |
| डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा | 57 |
| मेडिकल कॉलेज नेरचौक (मंडी) | 55 |
| मेडिकल कॉलेज नाहन | 32 |
| मेडिकल कॉलेज चंबा | 28 |
| कुल | 320 |
विशेषज्ञ सेवाओं को मिलेगी मजबूती
नड्डा के अनुसार, इन अतिरिक्त सीटों से सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, कैंसर और अन्य विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मिलेगी। प्रदेश के युवाओं को मेडिकल शिक्षा में उच्च अध्ययन के ज्यादा अवसर मिलेंगे और मरीजों को घर के नजदीक विशेषज्ञ इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
राज्य सरकार से अपील
नड्डा ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि वह इन 320 सीटों के समयबद्ध सृजन के लिए जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाएं बिना देरी के पूरी करे, ताकि इसका लाभ जल्द लोगों तक पहुंचे। उन्होंने केंद्र के सहयोग से बन रहे क्रिटिकल केयर ब्लॉकों और जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के निर्माण कार्यों में तेजी लाने की जरूरत भी बताई।
इसके अलावा उन्होंने चंडीगढ़-बद्दी और भानुपल्ली-बिलासपुर रेल परियोजनाओं में राज्य सरकार की वित्तीय हिस्सेदारी और भूमि संबंधी लंबित मामलों के जल्द समाधान की बात कही।
नोट: ये बातें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बयान पर आधारित हैं। इस लेख में राज्य सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।