इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैरजमानती वारंट के बावजूद आरोपी को पेश न करने पर मेरठ के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति को 45 मिनट तक कोर्ट में खड़ा रखा और कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने मेरठ के सीजेएम के आचरण पर भी गंभीर नाराजगी जताई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति को 45 मिनट तक अदालत में खड़ा रखा, शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोपी को पेश न करने पर कोर्ट सख्त, आरोपी नितीश उर्फ सिद्धांत उर्फ सेठी ने पीड़िता से शादी का वादा कर जमानत मांगी थी, मार्च 2026 में जमानत मिलने के बाद वादे से मुकर गया, पीड़िता की याचिका पर हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत रद्द कर गैर-जमानती वारंट जारी किया था, कई तारीखों के बावजूद आरोपी को पेश नहीं करने पर 8 अक्टूबर को एसएसपी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ SSP बीबीजीटीएस मूर्ति को 45 मिनट तक कोर्ट में खड़ा रखा। मामला शादी का वादा करके जमानत लेने और बाद में मुकरने से जुड़ा है। कोर्ट ने आरोपी की जमानत रद्द कर SSP को उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था।
लेकिन, SSP के जूनियर पुलिस अफसरों ने आरोपी को हाईकोर्ट में नहीं पेश करके सीजेएम की अदालत में पेश कर दिया था। सीजेएम ने आरोपी को जेल भी भेज दिया था। SSP ने हाईकोर्ट में सफाई देते हुए कहा कि मैं छुट्टी पर था। मेरे जूनियरों से चूक हुई है।
इसके बाद जज अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने मेरठ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के आचरण पर भी गंभीर नाराजगी जताई। कोर्ट ने इसे घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए आदेश की प्रति मेरठ के प्रशासनिक न्यायाधीश के समक्ष रखने का निर्देश दिया। जिससे उनके खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर उचित कार्रवाई पर विचार किया जा सके।