ट्रंप की ‘टैरिफ’ धमकी से अमेरिका में भारतीय फिल्मों के कारोबार पर असर पड़ेगा: निर्माता

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 06 May 2025 08:38 PM
ट्रंप की ‘टैरिफ’ धमकी से अमेरिका में भारतीय फिल्मों के कारोबार पर असर पड़ेगा: निर्माता
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मुंबई. भारत में फिल्म निर्माताओं का कहना है कि विदेश में निर्मित और अमेरिका में दिखाई जाने वाली फिल्मों पर 100 प्रतिशत शुल्क (टैरिफ) लगाने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा से भारतीय फिल्मों के बॉक्स ऑफिस कारोबार पर असर पड़ेगा और इससे उनकी टिकट की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है.

हालांकि अभी तक इस बारे में स्पष्टता नहीं है, लेकिन उद्योग के अंदरूनी सूत्रों के एक वर्ग के अनुसार, इससे अमेरिका में प्रर्दिशत होने वाली भारतीय फिल्मों के दर्शकों की संख्या पर असर पड़ने की आशंका है. ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ के अध्यक्ष शिबाशीष सरकार, फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री और प्रदर्शक-वितरक अक्षय राठी ने ट्रंप की घोषणा पर चिंता जताई है.

सरकार ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”इस पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी होगा, क्योंकि पिछले 30 से 45 दिन में जिस भी तरह के ‘टैरिफ’ की घोषणा की गई है, वह विभिन्न बदलावों और चर्चाओं से गुजर रहा है. लेकिन अगर इसे लागू किया जाता है तो मेरा अनुमान है कि इसका पहला प्रभाव अमेरिकी बाजार में हमारी फिल्मों के थिएटर कारोबार पर पड़ेगा.” उन्होंने कहा कि भारतीय फिल्म अमेरिकी बॉक्स ऑफिस पर लगभग 800 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई करती हैं.

सरकार ने कहा, ”यदि यह शुल्क लागू किया जाता है, तो प्रदर्शक टिकट की कीमतें बढ़ा देंगे और उपभोक्ताओं के लिए इसे महंगा बना देंगे. इस कारण दर्शकों की संख्या में भी भारी गिरावट आएगी. किसी भी तरह से, थिएटर के दृष्टिकोण से निर्माता के हिस्से पर प्रभाव पड़ेगा.” ट्रंप ने अपने ‘ट्रुथ’ सोशल मीडिया मंच पर एक पोस्ट में रविवार को कहा कि उन्होंने वाणिज्य विभाग और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय को ”विदेश में निर्मित किसी भी और सभी फिल्मों पर हमारे देश में आने पर” 100 प्रतिशत ‘टैरिफ’ लगाने के लिए अधिकृत किया है.

‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘द ताशकंद फाइल्स’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाने अग्निहोत्री ने सरकार से सहमति जताते हुए कहा कि अगर यह शुल्क लागू हो गया तो अमेरिका में भारतीय फिल्मों के टिकटों के दाम बढ़ जाएंगे. अग्निहोत्री ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”मूल्य को लेकर संवेदनशील प्रवासी बाजार भारतीय फिल्मों के लिए राजस्व का स्रोत बन गया है. ‘जवान’ और ‘बाहुबली’ जैसी फिल्मों ने भारत के बाहर अच्छा कारोबार किया. अगर टिकट की कीमतें (अमेरिका में) दोगुनी कर दी जाती हैं, तो मुझे नहीं लगता कि कोई भी उन्हें सिनेमाघरों में देखेगा, खासकर तब जब ये फिल्म नेटफ्लिक्स, अमेजन आदि मंचों पर उपलब्ध हैं.” वहीं, प्रदर्शक-वितरक राठी ने कहा कि अमेरिका में रिलीज होने वाली भारतीय फिल्मों पर अधिक शुल्क लगाए जाने से भारतीय फिल्मों का उत्तरी अमेरिकी बॉक्स ऑफिस से होने वाला लाभ कम हो जाएगा. निर्माता मुकेश भट्ट का दृष्टिकोण थोड़ा अलग दिखा.

उन्होंने कहा, ”ब्रिटेन, पश्चिम एशिया, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और पूरी दुनिया में बड़ी संख्या में भारतीय हैं. यदि मेरी फिल्म एक बाजार (अमेरिका) में रिलीज नहीं होती है, तो इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा. वह (ट्रंप) जो कर रहे हैं वह हास्यास्पद बात है. उन्हें यह भी एहसास नहीं है कि वह हॉलीवुड को ख.त्म कर रहे हैं.” फिल्म निर्माता के अनुसार, अधिकतर भारतीय फिल्मों की शूटिंग अमेरिका में नहीं होती, क्योंकि यह एक महंगा मामला है. उन्होंने कहा, ”हिंदी फिल्मों की शूटिंग आमतौर पर ब्रिटेन में होती है क्योंकि वे हमें सब्सिडी देते हैं, और यह दुनिया भर के अन्य स्थानों पर भी होती है.” निर्देशक शेखर कपूर के अनुसार, ट्रंप का यह कदम उल्टा पड़ सकता है और हॉलीवुड फिल्म निर्माताओं को देश छोड़ने पर मजबूर कर सकता है.

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