बोलपुर. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनुब्रत मंडल एक पुलिस अधिकारी के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान कथित तौर पर अपमानजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने से जुड़े मामले में बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल पुलिस के सामने पेश हुए.
मंडल स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पिछले एक हफ्ते से पुलिस के सामने पेशी से बच रहे थे. वह बृहस्पतिवार को अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोलपुर स्थित उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) के कार्यालय पहुंचे.
तृणमूल की बीरभूम जिला इकाई के पूर्व अध्यक्ष मंडल पूछताछ के लिए दो बार पुलिस के सामने पेश होने में विफल रहे थे. पुलिस ने इससे पहले उन्हें समन जारी कर रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे उसके समक्ष पेश होने का निर्देश दिया था. मंडल ने दावा किया था कि वह ह्लअस्वस्थह्व हैं. तृणमूल नेता के चार वकील एसडीपीओ कार्यालय में उनकी तरफ से शनिवार को पेश हुए थे.
यह विवाद पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर मंडल की कथित आवाज वाली एक ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद शुरू हुआ. क्लिप में मंडल को हलदर नाम के एक पुलिस अधिकारी को कथित तौर पर धमकाते हुए और यह कहते हुए सुना जा सकता है कि पुलिस की कथित मनमानी का विरोध करने वाले तृणमूल समर्थकों के प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए उन्हें उनके सरकारी क्वार्टर से बालों से घसीटकर लाया जाएगा. क्लिप में मंडल को कथित तौर पर महिलाओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करते भी सुना जा सकता है.
‘पीटीआई-भाषा’ क्लिप की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है.
मामले को लेकर विवाद बढ़ने के बाद तृणमूल ने मंडल द्वारा ह्लअपमानजनक और अभद्रह्व भाषा का इस्तेमाल किए जाने की निंदा की थी. पार्टी ने मंडल की टिप्पणी से खुद को अलग करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया था. बाद में मंडल ने लिखित माफीनामा जारी करते हुए कहा कि उनका किसी पुलिसकर्मी का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था. पुलिस अधीक्षक अमनदीप ने पुष्टि की थी कि मंडल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाने के वास्ते तृणमूल कार्यालय को औपचारिक नोटिस भेजा गया है.