नयी दिल्ली. कांग्रेस ने अमेरिका में एक भारतीय नागरिक के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किये जाने के मामले में सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तत्काल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत करके भारतीय नागरिकों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और अत्याचार पर हस्तक्षेप के लिए कहना चाहिए.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह आरोप भी लगाया कि मोदी सरकार भारत और भारतीयों के सम्मान की सुरक्षा करने में लगातार विफल हो रही है. सोशल मीडिया मंचों पर वायरल एक वीडियो में देखा जा सकता है कि अमेरिका की पुलिस भारतीय व्यक्ति को जमीन पर गिराकर हथकड़ी लगा रही है. यह वीडियो सामने आने के बाद न्यूयॉर्क में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने सोमवार को कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है.
रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”मोदी सरकार भारत और भारतीयों के सम्मान की सुरक्षा करने में लगातार विफल हो रही है. इतिहास में पहली बार किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष ने भारत की गैर-मौजूदगी में भारत-पाक के बीच संघर्ष विराम की घोषणा की. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर दबाव बनाकर संघर्ष विराम कराने का लगातार दावा कर रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”पिछले एक साल से अमेरिका में रहने वाले भारतीय नागरिकों और छात्रों के साथ बार-बार दुर्व्यवहार हो रहा है, पर प्रधानमंत्री मोदी चुप्पी साधे हुए हैं या ये माना जाए कि वह बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं.” कांग्रेस महासचिव ने कहा कि नरेन्द्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं, भारत और भारतीयों के मान-सम्मान की रक्षा करना उनका सबसे जरूरी दायित्व है.
रमेश ने कहा, ”हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री मोदी तत्काल राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत करके अमेरिका में भारतीयों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और अत्याचार पर हस्तक्षेप की अपील करें.” कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने संवाददाताओं से कहा, ”अमेरिका में भारतीय नागरिक के साथ हुए सलूक का वीडियो देखकर मन बहुत व्यथित होता है. मन इसलिए परेशान और व्यथित होता है, क्योंकि अमेरिका में भारत के नागरिक के साथ बर्बरता होती है, उसे जमीन पर पटका जाता है, जूतों तले रौंदा जाता है और फिर हथकड़ी पहनाई जाती है.”
उन्होंने कहा, ”यह पहला मामला नहीं है, ऐसे कई मामले सामने आए हैं. ये कोई आतंकी, मवाली और गुंडे नहीं है, बल्कि ये लोग अपने सपने पूरे करने अमेरिका गए. हमारे लोगों के साथ अमानवीय सलूक करने का किसी को कोई हक. नहीं है, लेकिन अमेरिका लगातार भारतीयों का अपमान कर रहा है और हमें धौंस दे रहा है.” सुप्रिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बिना देर किए अमेरिका के राष्ट्रपति को फोन करके कहना चाहिए कि भारतीय नागरिकों के साथ बदसलूकी करने की कोशिश मत कीजिए. उनका कहना था, ”अगर प्रधानमंत्री नहीं बोलेंगे तो यह माना जाएगा कि ये सब प्रधानमंत्री की मर्जी से हो रहा है. आखिर प्रधानमंत्री मोदी खामोश क्यों हैं, उन्हें किस बात का डर है?”
‘अधिकतम डींगें, न्यूनतम उपलब्धियां’ ही अमित शाह के कार्यकाल की पहचान
कांग्रेस ने पहलगाम आतंकी हमले और मणिपुर में हिंसा को लेकर मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि बतौर गृह मंत्री उनके कार्यकाल की पहचान “अधिकतम डींगें, न्यूनतम उपलब्धियां” रही हैं. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि जम्मू-कश्मीर और मणिपुर में शांति को लेकर गृह मंत्री के दावे बेतुके और तथ्यविहीन हैं.
शाह ने सोमवार को कहा कि मोदी सरकार के 11 साल राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित हुए हैं. उन्होंने कहा, ”नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में शांति स्थापित हो चुकी है, भारत अब आतंकवादी हमलों का जवाब आतंकियों के घर में घुसकर देता है. यह मोदी सरकार के तहत भारत की बदलती तस्वीर को दर्शाता है.” रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा कल जम्मू-कश्मीर और मणिपुर में शांति को लेकर किए गए दावे बेतुके और तथ्यविहीन हैं. ये दावे दरअसल उनके अपनी भारी-भरकम विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए किए गए हैं.” उन्होंने कहा कि गत 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकवादी अब तक न्याय के कठघरे में नहीं लाए गए हैं.
रमेश के अनुसार कुछ खबरों में दावा किया गया है कि ये ही आतंकी दिसंबर 2023 में पुंछ और अक्टूबर 2024 में गगनगीर व गुलमर्ग में हुए आतंकी हमलों में भी शामिल थे. कांग्रेस नेता ने दावा किया, “मणिपुर अब भी जल रहा है. राष्ट्रपति शासन पूरी तरह विफल साबित हुआ है. राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है. आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और आजीविका की बदहाली ने उनके भीतर पीड़ा, निराशा और गुस्से को जन्म दिया है – जो हर तरफ महसूस किया जा सकता है.” उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री न तो पहलगाम के आतंकियों को सजा दिला पाए, न ही मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल कर पाए, फिर भी वह इन दोनों राज्यों में अपनी कथित उपलब्धियों का ढिंढोरा पीटते हैं. रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा, “स्वतंत्र भारत के इतिहास में शायद ही कभी ऐसा केंद्रीय गृह मंत्री रहा हो जिसके पूरे कार्यकाल की पहचान हो -अधिकतम डींगें, न्यूनतम उपलब्धियां. हां, अगर उनके बेटे के लिए जो कुछ उन्होंने किया है, उसे उपलब्धि माना जाए, तो बात अलग है.”