मोदी फर्जी मतदाताओं के ‘बूस्टर डोज’ से जीते, क्या पिछला लोस चुनाव रद्द नहीं होना चाहिए: कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 14 Aug 2025 07:58 PM
मोदी फर्जी मतदाताओं के ‘बूस्टर डोज’ से जीते, क्या पिछला लोस चुनाव रद्द नहीं होना चाहिए: कांग्रेस
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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वाराणसी में ”फर्जी मतदाताओं के बूस्टर डोज” से जीते थे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने छह लोकसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के आंकड़े सामने रखकर यह साबित कर दिया कि उसके तथा निर्वाचन आयोग के बीच सांठगांठ है.

पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह सवाल भी किया कि राहुल गांधी को ‘वोट चोरी’ का खुलासा करने के कुछ देर बाद निर्वाचन आयोग ने नोटिस देकर हलफनामा मांगा, लेकिन भाजपा नेता अनुराग ठाकुर के संवाददाता सम्मेलन के 24 घंटे बीतने के बावजूद उन्हें नोटिस क्यों नहीं दिया गया? उन्होंने यह भी कहा कि फर्जी मतदाता सूची की बात साबित होने के बाद क्या अब 2024 का लोकसभा चुनाव रद्द नहीं होना चाहिए.

भाजपा ने बुधवार को रायबरेली, वायनाड, डायमंड हार्बर और कन्नौज संसदीय सीट पर मतदाता पंजीकरण में अनियमितताओं का आरोप लगाया था और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा, अभिषेक बनर्जी तथा अखिलेश यादव से लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की मांग की थी. सत्तारूढ़ दल के नेता अनुराग ठाकुर ने यह भी दावा किया था कि विपक्ष के इन नेताओं ने ‘वोट चोरी’ के जरिये लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की है.

खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ”सात अगस्त को सबने देखा कि नेता विपक्ष राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ का सच उजागर किया. इस खुलासे से भाजपा के लोग छह दिन तक सदमे में रहे, फिर अनुराग ठाकुर को संवाददाता सम्मेलन करने के लिए भेजा, लेकिन उनके इस कदम से निर्वाचन आयोग की भूमिका और संगीन हो गई है.” उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने संवाददाता सम्मेलन में छह लोकसभा क्षेत्रों के आंकड़े रखे और यह साबित करने का प्रयास किया कि इन क्षेत्रों में फर्जी मतदाता हैं तथा मतदाता सूची में गड़बड़ी है.
कांग्रेस नेता का कहना था, ”हैरानी की बात यह है कि इससे पहले भाजपा को ‘वोट चोरी’ से फर्क नहीं पड़ रहा था, लेकिन अब अचानक से इन्हें रुचि पैदा हो गई है.” उनके मुताबिक, राहुल गांधी के संवाददाता सम्मेलन के कुछ देर बाद ही आयोग का नोटिस आ गया था और उनसे हलफनामा मांगा गया था, लेकिन अनुराग ठाकुर के संवाददाता सम्मेलन के 24 घंटे से ज्यादा बीत गए हैं, लेकिन उन्हें कोई नोटिस नहीं आया.

खेड़ा ने कहा, ”हमें बेंगलुरु के विधानसभा क्षेत्र महादेवपुरा के आंकड़ों को एकत्र करने में छह महीने लगे, क्योंकि हमें इलेक्ट्रॉनिक मतदाता सूची नहीं दी गई. वहीं, भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर को छह दिन में छह लोकसभा सीट के आंकड़े मिल गए.” उन्होंने सवाल किया कि आखिर उन्हें ये आंकड़े इतनी जल्दी कैसे मिल गए तथा जब निर्वाचन आयोग के पास इलेक्ट्रॉनिक मतदाता सूची है, तो यह (सूची) कांग्रेस को क्यों नहीं दी जाती? खेड़ा ने दावा किया, ”इससे स्पष्ट है कि निर्वाचन आयोग के पास इलेक्ट्रॉनिक मतदाता सूची है, लेकिन वह जनता और विपक्ष को देना नहीं चाहता.”

उन्होंने कहा, ”अनुराग ठाकुर ने जो सबूत आपके सामने रखे, वे आपराधिक सबूत हैं. हम मांग करते हैं कि ये सबूत हमें सौंपे जाएं, क्योंकि अब आपका अपराध साबित हो चुका है. भाजपा और निर्वाचन आयोग के बीच सांठगांठ है, यह अनुराग ठाकुर ने साबित कर दिया है.” खेड़ा ने दावा किया कि अगर वाराणसी की इलेक्ट्रॉनिक मतदाता सूची मिल जाए तो सबको यकीन हो जाएगा कि मतगणना के दिन प्रधानमंत्री मोदी को फर्जी मतदाताओं का ”बूस्टर डोज” मिला था और यह भी साबित हो जाएगा कि वह प्रधानमंत्री की कुर्सी ”चुराकर” इसपर बैठे हैं.

उन्होंने सवाल किया, ”भाजपा कहती है कि राहुल गांधी जी को देश की संस्थाओं पर भरोसा नहीं है, तो क्या कल अनुराग ठाकुर संस्थाओं पर भरोसा कर रहे थे? आज पक्ष और विपक्ष दोनों निर्वाचन आयोग से सवाल पूछ रहा है, ऐसे में मुख्य निवार्चन आयुक्त ज्ञानेश कुमार कहां हैं?” खेड़ा ने कहा कि भाजपा के संवाददाता सम्मेलन से यह साबित हो गया है कि पिछला लोकसभा चुनाव फर्जी मतदाता सूची के आधार पर हुआ था. उन्होंने सवाल किया, ”क्या इस चुनाव को रद्द नहीं कर देना चाहिए?”

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