छत्तीसग­ढ़ में 78 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 15 Oct 2025 07:45 PM
छत्तीसग­ढ़ में 78 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
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कांकेर/सुकमा/कोंडागांव. छत्तीसग­ढ़ में बस्तर क्षेत्र के तीन जिलों में 43 महिला नक्सलियों और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के दो सदस्यों समेत 78 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया है. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. यह घटनाक्रम महाराष्ट्र के ग­ढ़चिरौली जिले में मंगलवार को वरिष्ठ नक्सली मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति और 60 अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा सामूहिक आत्मसमर्पण के बाद हुआ है.

अधिकारियों ने बताया कि बस्तर क्षेत्र के सुकमा जिले में 10 महिलाओं समेत 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है तथा उनमें से 16 नक्सलियों पर कुल 50 लाख रुपये का इनाम है. उन्होंने बताया कि कांकेर जिले में माओवादियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के दो सदस्यों और 32 महिला नक्सलियों समेत 50 नक्सलियों ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक शिविर में आत्मसमर्पण कर दिया. कांकेर, ग­ढ़चिरौली का निकटवर्ती जिला है.

अधिकारियों ने बताया कि वहीं क्षेत्र के कोंडागांव जिले में आज पांच लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली ने आत्मसमर्पण किया है.
उन्होंने बताया कि कांकेर जिले में माओवादियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) के सदस्य राजमन मंडावी और राजू सलाम के नेतृत्व में नक्सलियों का एक समूह कोयलीबेड़ा थानाक्षेत्र में बीएसएफ की 40वीं बटालियन के कामतेरा शिविर में पहुंचा.
अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने 39 हथियार भी सौंपे, जिनमें सात एके-47 राइफलें, दो ‘सेल्फ-लोडिंग’ राइफलें, चार इंसास राइफलें, एक इंसास ‘एलएमजी (लाइट मशीन गन)’ और एक ‘स्टेन गन’ शामिल हैं.

अधिकारियों का कहना है कि कैडरों में पांच डिविजनल कमेटी सदस्य–प्रसाद ताड़ामी, हीरालाल कोमरा, जुगनू कोवाची, नरसिंह नेताम और नंदे (राजमन मंडावी की पत्नी) हैं. अन्य में 21 एरिया कमेटी सदस्य और 21 पार्टी सदस्य शामिल हैं. इससे पहले आज दिन में, राज्य के सुकमा जिले में 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था, जिनमें से 16 पर कुल 50 लाख रुपये का इनाम है.

सुकमा जिले के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ‘सीआरपीएफ’ के अधिकारियों के समक्ष सुकमा में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने ‘खोखली’ माओवादी विचारधारा तथा निर्दोष आदिवासियों पर नक्सलियों द्वारा किए जा रहे अत्याचारों से निराशा व्यक्त की है.

अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में ‘पीएलजीए बटालियन’ नम्बर एक में ‘सप्लाई टीम कमांडर’ ओयाम लखमू (53) के सर पर 10 लाख रूपए का इनाम है. उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले अन्य नक्सली ‘पीएलजीए बटालियन नंबर’ एक के सदस्य माड़वी भीमा (18), ‘रीजनल मिलिट्री कंपनी’ नंबर दो की पार्टी सदस्या सुनिता उर्फ कवासी सोमड़ी (24) और रीजनल मिलिट्री कंपनी नंबर एक की पार्टी सदस्या सोड़ी मासे (22) के सर पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम है.

अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा एक नक्सली पर तीन लाख रुपये, दो नक्सलियों पर दो-दो लाख रुपये तथा नौ नक्सलियों के सर पर एक-एक लाख रूपए का इनाम है. उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों को शासन की नई पुनर्वास नीति ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति -2025’ के 50-50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि और अन्य सुविधाएं दी जायेंगी.

बस्तर क्षेत्र के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि महिला कैडर गीता उर्फ कमली सलाम ने कोंडागांव में आत्मसमर्पण किया है, जो एक एरिया कमेटी सदस्य है तथा माओवादियों के पूर्वी बस्तर डिविजन के अंतर्गत दर्जी दल की कमांडर के रूप में सक्रिय थी. गीता के सर पर पांच लाख रूपए का इनाम है. छत्तीसग­ढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि देश की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देने वाला नक्सलवाद अब दम तोड़ रहा है और अपने अंतिम चरण में है.

साय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,”देश की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देने वाला नक्सलवाद अब हर मोर्चे पर दम तोड़ रहा है और अपने अंतिम दौर से गुजर रहा है. ग­ढ़चिरौली में कुख्यात माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू एवं 60 अन्य नक्सलियों का आत्मसमर्पण नक्सलवादी विचारधारा पर एक निर्णायक प्रहार है. हमारे शौर्यवान सुरक्षाबल दिन-रात अदम्य साहस के साथ इस लड़ाई को अंजाम दे रहे हैं और सफलता प्राप्त कर रहे हैं.”

साय ने लिखा है, ”मुझे पूर्ण विश्वास है कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त भारत का हमारा संकल्प अवश्य पूरा होगा. छत्तीसग­ढ़, विशेषकर बस्तर, अब विकास और शांति की उस नई सुबह की ओर ब­ढ़ रहा है, जिसका वर्षों से इंतज.ार था.’ हाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च, 2026 तक देश से नक्सल समस्या की समाप्ति का संकल्प लिया है. उन्होंने अपने बस्तर प्रवास के दौरान नक्सलियों से हथियार छोड़ने की अपील की थी. राज्य में दिसंबर 2023 में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के गठन के बाद से अब तक लगभग दो हजार नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया है.

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