फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति सारकोजी पांच वर्ष की सजा काटने के लिए पेरिस जेल पहुंचे

Author: navabharat digital
UPDATED: Tue, 21 Oct 2025 02:51 PM
फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति सारकोजी पांच वर्ष की सजा काटने के लिए पेरिस जेल पहुंचे
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पेरिस: फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सारकोजी लीबिया से प्राप्त धन से अपने 2007 के चुनाव अभियान के वित्तपोषण के आपराधिक षड्यंत्र के जुर्म में पांच वर्ष की सजा काटने के लिए मंगलवार को पेरिस की जेल में पहुंच गए। वह आधुनिक फ्रांस के पहले पूर्व राष्ट्रपति हैं जिन्हें जेल भेजा गया है।

सारकोजी अपनी पत्नी कार्ला ब्रूनी सारकोजी का हाथ थामे हुए घर से निकले और ला सांते जेल पहुंचने के लिए कार में सवार हुए।
जेल जाते समय सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में सारकोजी ने कहा, ‘‘एक निर्दोष व्यक्ति को जेल में डाला जा रहा है।’’ पिछले महीने उन्हें इस आरोप में दोषी ठहराया गया था कि उन्होंने लीबिया से अवैध धन लेकर 2007 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान को वित्तपोषित करने की साजिश रची।

सारकोजी ने सजा और अपील लंबित रहने के दौरान जेल भेजे जाने के न्यायाधीश के निर्णय को चुनौती दी है। राष्ट्रपति आवास एलिसी पैलेस से लेकर कुख्यात ला सांते जेल तक के अब तक के उनके सफर ने पूरे फ्रांस को झकझोर दिया है। जेल में दाखिल होने से कुछ मिनट पहले सारकोजी और उनकी पत्नी अपने बच्चों और नाती-पोतों से मिलने अपने घर के बाहर निकले। उन्होंने पेरिस के उच्च-वर्गीय इलाके में एकत्र समर्थकों की भीड़ की ओर हाथ हिलाया और फिर कार में बैठ गए।

सैकड़ों समर्थकों ने तालियां बजाईं और ‘‘निकोलस, निकोलस’’ के नारे लगाए। साथ ही फ्रांस का राष्ट्रगान गाया। सारकोजी के बेटे और बेटी जीन, पियरे, लुई और जूलिया तथा उनके नाती-पोते सभी वहां मौजूद थे। पेरिस निवासी मिशेल पेरी (67) ने कहा कि वह समर्थन जताने आई हैं क्योंकि इसे लेकर आक्रोश है तथा यह अन्याय है।

विवादों से घिरे राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने पिछले सप्ताह एलिसी पैलेस में सारकोजी की मेजबानी की थी। मैक्रों ने सोमवार को कहा, ‘‘मैंने हमेशा न्यायपालिका की स्वतंत्रता के बारे में स्पष्ट रुख अपनाया है, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण से इस परिस्थिति में अपने पूर्ववर्ती से मिलना उचित था।’’

सारकोजी के वकीलों ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति को सुरक्षा कारणों से एकांत कारावास में रखा जाएगा, जहां वह अन्य कैदियों से अलग रहेंगे। उनके वकील क्रिस्टोफ इंग्रैन ने बीएफएम टीवी से कहा कि जेल में डाले जाने से ‘‘उनका संकल्प और अपनी बेगुनाही साबित करने का जुनून और मजबूत हुआ है।’’ इंग्रैन ने यह भी बताया कि सारकोजी जेल में अपने अनुभव को लेकर एक किताब लिखने की भी योजना बना रहे हैं।

सारकोजी ने ‘ला ट्रिब्यून डिमांश’ अखबार से कहा, ‘‘मुझे जेल से डर नहीं है। मैं सिर ऊंचा रखूंगा, यहां तक कि ला सांते के दरवाजों के सामने भी। मैं आखिरी दम तक लडूंगा।’’ अखबार ने बताया कि सारकोजी ने जेल जाने के लिए अपना बैग तैयार कर लिया है, जिसमें कपड़े और परिवार की 10 तस्वीरें रखी हैं। वह अपने साथ तीन किताबें भी ले जाएंगे।

पेरिस की अदालत ने आदेश दिया है कि सारकोजी अपनी अपील सुने जाने की प्रतीक्षा किए बिना जेल की सजा शुरू करें क्योंकि ‘‘अपराध से सार्वजनिक व्यवस्था में गंभीर व्यवधान’’ उत्पन्न हुआ था। अदालत के आदेश के अनुसार, 70 वर्षीय सारकोजी जेल में दाखिल होने के बाद ही अपनी रिहाई के लिए अपीलीय अदालत में आवेदन कर सकते हैं और न्यायाधीशों के पास उस पर निर्णय लेने के लिए दो महीने का समय होगा। उनके वकीलों ने कहा कि रिहाई का यह अनुरोध बहुत जल्द दायर किया जाएगा।

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