
बनगांव. बनगांव जाने के लिए हेलीकॉप्टर यात्रा रद्द करने को बाध्य किये जाने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र पर “राजनीति साजिश” का आरोप लगाया. अधिकारियों ने हालांकि कहा कि निर्धारित हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका, क्योंकि इसकी लाइसेंस और बीमा की अवधि समाप्त हो चुकी थी.
मुख्यमंत्री का उत्तर 24 परगना के बनगांव में दोपहर 12:30 बजे हेलीकॉप्टर से पहुंचने का कार्यक्रम था. ममता ने कहा कि उन्हें पूर्वाह्न 10 बजे बताया गया कि किराये पर लिया गया हेलीकॉप्टर “उड़ान नहीं भरेगा”, जिसके बाद उन्हें सड़क मार्ग से यात्रा करनी पड़ी. अंतत? वह दोपहर करीब दो बजे मतुआ समुदाय के गढ. में पहुंची और एक विशाल रैली को संबोधित किया. उनकी यह यात्रा ऐसे समय हुई जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर लोगों में घबराहट बढ. रही है.
उन्होंने उत्तर 24 परगना जिले में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए किसी का नाम लिए बगैर कहा, “देरी के लिए मैं माफी चाहती हूं. मैंने पिछले सात-आठ महीनों से हेलीकॉप्टर का उपयोग नहीं किया है. लेकिन आज सुबह लगभग 10 बजे, घर से निकलने से ठीक पहले, मुझे सूचित किया गया कि हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सकेगा. चुनाव अभी शुरू भी नहीं हुए हैं, लेकिन टकराव शुरू हो गया है.” भाजपा पर अपना हमला तेज करते हुए तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने कहा, “मेरे साथ खेल मत खेलिए. जब मैं अपना खेल खेलूंगी, तो आपको कुछ पता नहीं चलेगा. आप मुझसे लड़ नहीं पाएंगे और मुझे राजनीतिक रूप से हरा नहीं पाएंगे. मुझे परेशान नहीं किया जा सकता.” बनर्जी ने कहा कि सड़क यात्रा ने उन्हें बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के जनसंपर्क का अवसर दिया.
ममता ने कहा, “रास्ते में मैं कई लोगों से मिली. यह एक शानदार जनसंपर्क बन गया.” भाजपा ने मुख्यमंत्री के साजिश के आरोपों को खारिज किया. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कहा, “आरोप हास्यास्पद हैं. अधिकारियों ने फैसला किया कि हेलीकॉप्टर उड़ नहीं सकता तो इसकी कोई वैध वजह होगी. उन्हें हर चीज का राजनीतिकरण करना बंद करना चाहिए.” इस बीच, वरिष्ठ नौकरशाहों ने इस घटना को गंभीर प्रक्रियात्मक चूक करार दिया. वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री लगभग छह महीने से हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल नहीं कर रही थीं और सोमवार को हेलीकॉप्टर ने अपनी अनिवार्य परीक्षण उड़ान पूरी की, लेकिन जांच के दौरान इसका लाइसेंस खत्म होने और बीमा की अवधि बीत जाने की बात पकड़ में नहीं आई.
अधिकारी ने कहा, “लाइसेंस की समाप्ति को तुरंत चिन्हित किया जाना चाहिए था. दस्तावेज.ों की जांच किए बिना परीक्षण उड़ान की अनुमति देना अस्वीकार्य है. हालांकि निरीक्षण के दौरान लाइसेंस की यह चूक दर्ज नहीं की गई. यह मामला मंगलवार सुबह सामने आया.” सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री इससे नाखुश नजर आईं. मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, “इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती, खासकर वीवीआईपी मूवमेंट से जुड़े मामलों में. मुख्यमंत्री ने पूरी रिपोर्ट तलब की है.” यह जांच शुरू की गई है कि यह चूक कैसे हुई और इसे पहले से सूचित क्यों नहीं किया गया.



