
नयी दिल्ली. संसद ने मंगलवार को मणिपुर माल एवं सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी जो इस संबंध में लाए गए अध्यादेश की जगह लेगा. मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कुछ अन्य मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के शोर-शराबे के बीच राज्यसभा में आज इस विधेयक पर चर्चा शुरू हुई.
उच्च सदन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब के बाद इस विधेयक को ध्वनिमत से लौटा दिया. लोकसभा ने एक दिन पहले ही इस विधेयक को मंजूरी दी थी. वित्त मंत्री सीतारमण ने कल सोमवार को लोकसभा में एसआईआर के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच मणिपुर माल एवं सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 को सदन में चर्चा और पारित करने के लिए प्रस्तुत किया था.
वित्त मंत्री ने उच्च सदन में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह विधेयक मणिपुर माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन) अध्यादेश की जगह लेगा, जिसे सात अक्टूबर, 2025 को लागू किया गया था.
सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी कानून में किए गए संशोधन अक्टूबर 2025 में लागू हुए और आधे से अधिक राज्यों ने इन्हें अपडेट कर दिया था, लेकिन मणिपुर में राज्य विधानसभा निलंबित होने के कारण इसे अध्यादेश के जरिए सात अक्टूबर को लागू किया गया.
उन्होंने अपने जवाब में विपक्षी दलों के सदस्यों पर निशाना साधा जो सदन में मौजूद नहीं थे. विपक्षी दलों के सदस्यों ने ‘चुनाव सुधार’ पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर सदन से बहिर्गमन किया था. मणिपुर में इस समय राष्ट्रपति शासन लागू है. वित्त मंत्री ने विधेयक का ज.क्रि करते हुए कहा कि यह ”निगरानी एवं पता लगाने की व्यवस्था” पर आधारित महत्वपूर्ण सुधार है.
उन्होंने कहा, ”मणिपुर के लोगों, उद्यमियों, को भी इस अस्पष्टता के हटने से फायदा होगा, जिसका फायदा पूरे देश को मिला है, लेकिन मणिपुर को यह लाभ नहीं मिला क्योंकि वहां सरकार नहीं थी. अब हम उन्हें वह फायदा मुहैया करा रहे हैं.” चर्चा में विभिन्न सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों का जिक्र करते हुए सीतारमण ने कहा कि 28 प्रतिशत की कर श्रेणी को समाप्त कर दिया गया है और कई वस्तुओं को 18 प्रतिश्त की कर श्रेणी में रखा गया है.
चर्चा में भाग लेते हुए बीजू जनता दल (बीजद) सदस्य सुलता देव ने कहा कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन हटाया जाना चाहिए और वहां चुनाव होने चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का अकेला ऐसा देश था जहां जीएसटी दर सबसे ज़्यादा 28 प्रतिशत थी. वाईएसआर कांग्रेस के अयोध्या रामी रेड्डी आला ने कहा कि प्रस्तावित कानून के ज.रिए मणिपुर सतत विकास पर ध्यान केंद्रित कर सकता है और देश की आर्थिक तरक्की का फ.ायदा उठा सकता है. उन्होंने कहा कि पिछले दस सालों में मणिपुर में हिंसक घटनाओं में काफी कमी आई है.
मनोनीत सदस्य हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि इस विधेयक से मणिपुर के आर्थिक सुधार और प्रगति में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि साफ. और भरोसेमंद जीएसटी प्रणाली से निवेश बढ़ेगा, कर राजस्व बेहतर होगा और आर्थिक सुधार तथा विकास की दिशा में राज्य की कोशिशों को बल मिलेगा.



