पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक्फ पंजीकरण की समयसीमा बढ़ाने का किया आग्रह

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 03 Dec 2025 08:54 PM
पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक्फ पंजीकरण की समयसीमा बढ़ाने का किया आग्रह

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नयी दिल्ली/मालदा. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बुधवार को ‘उम्मीद’ पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों को पंजीकृत करने में तकनीकी कठिनाइयों का उल्लेख किया और पंजीकरण की समयसीमा बढ़ाने का आग्रह किया. केंद्र ने सभी वक्फ संपत्तियों की जियो-टैगिंग के बाद एक डिजिटल सूची बनाने के लिए बीते छह जून को एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता और विकास (उम्मीद) अधिनियम केंद्रीय पोर्टल शुरू किया था. ‘उम्मीद’ पोर्टल के आदेश के अनुसार, भारत भर में सभी पंजीकृत वक्फ संपत्तियों का विवरण अनिवार्य रूप से छह महीने के भीतर अपलोड किया जाना है.

पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा पोर्टल की समयसीमा बढ़ाने से इनकार करने के बाद देश भर के मुतवल्ली वक्फ संपत्तियों का विवरण अपलोड करने के लिए परेशान हैं. इलियास ने एक बयान में कहा, ”हालांकि, हर जगह से ऐसी खबरें आ रही हैं कि पोर्टल बार-बार क्रैश हो रहा है, धीमा हो रहा है और कभी-कभी पूरी तरह से बंद हो रहा है. जाहिर है, इतने कम समय में लाखों संपत्तियों को अपलोड करना लगभग असंभव है.” इसलिए, बोर्ड ने इन कठिनाइयों की ओर उनका ध्यान आर्किषत करने के लिए तुरंत अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन से आग्रह किया कि न केवल तकनीकी मुद्दों का समाधान किया जाना चाहिए बल्कि पोर्टल की समय सीमा भी बढ़ाई जानी चाहिए.

इलियास ने कहा कि इस संबंध में एक पत्र बुधवार को बोर्ड के महासचिव मौलाना मुहम्मद फजलुर रहीम मुजद्दीदी द्वारा ईमेल और पोस्ट दोनों के माध्यम से मंत्री को भेजा गया था. पत्र में मंत्री को याद दिलाया है कि सरकार की ही मंशा है कि वक्फ बोर्ड में पहले से पंजीकृत सभी वक्फ संपत्तियों को पोर्टल पर अपलोड किया जाना चाहिए, लेकिन पोर्टल की धीमी गति और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण इस लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सका.

लोकसभा: सपा सांसद ने मदनी की ‘जिहाद’ संबंधी टिप्पणी का हवाला दिया

समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख महमूद मदनी की ”जिहाद” संबंधी हालिया टिप्पणी का बुधवार को लोकसभा में उल्लेख किया और दावा किया कि देश में मुस्लिम समुदाय को दबाया जा रहा है. नदवी ने शून्यकाल के दौरान वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण में कथित तौर पर आ रही दिक्कतों का उल्लेख करते हुए यह कहा.

उत्तर प्रदेश के रामपुर से सपा सदस्य ने कहा कि 70 प्रतिशत वक्फ जायदादों का ‘उम्मीद’ पोर्टल पर पंजीकरण नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि अनुच्छेद 25 और 26 को खत्म कर दिया गया है और ”मुसलमानों की जिंदगी हमारे प्यारे वतन में ही तंग कर दी गई है.” उन्होंने कहा, ”मौलाना मदनी कह रहे हैं कि जुल्म, नाइंसाफी के खिलाफ शायद हमें दोबारा लड़ना पड़ेगा और जिहाद करना पड़ेगा. मुल्क में आखिर कब तक इस तरह से मुसलमानों को दबाया जाता रहेगा?” सदन में ”जिहाद” शब्द का इस्तेमाल करने पर विवाद खड़ा होने के बाद, उन्होंने बाद में संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने उन मौलाना मदनी के बयान के संदर्भ में यह बात कही है, जिनके पुरखों ने देश के लिए बहुत कुर्बानियां दी हैं.

इससे पहले नदवी ने सदन में, वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ‘उम्मीद’ पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए केवल छह महीने का समय दिया गया. उन्होंने कहा, ”केवल 30 प्रतिशत वक्फ जायदादों, मदरसों, मस्जिदों और कब्रिस्तानों का पंजीकरण हुआ है. उस पर भी सर्वर डाउन चल रहा है और समय सीमा खत्म हो गई है.”

ममता ने भाजपा पर वक्फ संशोधन अधिनियम लाने का आरोप लगाया

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को भाजपा पर विवादास्पद वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 लाने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार ”किसी को भी लोगों की संपत्ति को छूने की अनुमति नहीं देगी.” बनर्जी ने कहा कि वह धर्म आधारित राजनीति नहीं करतीं. मालदा जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बनर्जी ने ”कुछ सांप्रदायिक ताकतों” पर आस्था के नाम पर लोगों को बांटने का प्रयास करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, ”कुछ लोग धर्म का इस्तेमाल करके विभाजन भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. वक्फ संशोधन अधिनियम भाजपा लायी है, हम नहीं. हम यह कानून नहीं लाए. हमने इसके खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया; हम उच्चतम न्यायालय गए. मैं धर्म आधारित राजनीति नहीं करती. मुझे सभी धर्मों से प्यार है.” बनर्जी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वक्फ संशोधन अधिनियम पर राज्य सरकार की स्थिति पर नए सिरे से अस्पष्टता नजर आई है. उसने हाल ही में जिलाधिकारियों को वक्फ संपत्तियों की जानकारी केंद्र के पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहा था.

अप्रैल में, मुर्शिदाबाद में संशोधित कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कम से कम तीन लोग मारे गए थे. तब बनर्जी ने आश्वासन दिया था कि उनकी सरकार पश्चिम बंगाल में संशोधित अधिनियम को लागू नहीं करेगी. बनर्जी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ”हम सभी धर्मों के साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे. हम किसी को भी लोगों के अधिकार छीनने नहीं देंगे.”

By Yogesh Kumar Sahu