संदेशखाली हिंसा मामले का मुख्य गवाह सड़क हादसे में घायल, बेटे और चालक की मौत

बारासात. पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में ईडी अधिकारियों पर हमले और उससे जुड़े सीबीआई मामलों के प्रमुख गवाहों में शामिल भोलानाथ घोष उत्तर 24 परगना जिले में बुधवार सुबह हुए एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी.

अधिकारी ने बताया कि बशीरहाट के नाजत थाना क्षेत्र में बोयरमारी पेट्रोल पंप के पास बसंती राजमार्ग पर हुए इस हादसे में घोष के छोटे बेटे सत्यजीत (32) और उनकी कार के चालक साहनूर मोल्ला (27) की मौत हो गई. अधिकारी के मुताबिक, 16 पहियों वाले ट्रक ने घोष की कार को अपनी चपेट में ले लिया. उन्होंने बताया कि ट्रक घोष की कार को कुछ दूर तक घसीटकर ले गया, जिसके बाद वह राजमार्ग के किनारे स्थित जलाशय में जा गिरी.

अधिकारी के अनुसार, ट्रक को राजमार्ग के किनारे जलाशय के ऊपर खतरनाक तरीके से लटका हुआ पाया गया, जबकि दोषी चालक मौके से फरार हो गया. बशीरहाट के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हुसैन मेहदी रहमान ने बताया कि हादसे में घायल घोष को पहले एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कोलकाता के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया. उन्होंने बताया कि इलाज के बाद घोष को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. वहीं, मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल भेज दिए गए.

घोष ने संवाददाताओं से कहा, “मैं चालक के बगल वाली सीट पर बैठा था, जबकि मेरा बेटा उसके (चालक के) पीछे वाली सीट पर था. एक तेज रफ्तार ट्रक आया और हमारी कार के दाहिने हिस्से में जोरदार टक्कर मारी. यह कोई हादसा नहीं था, मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता. घर लौटने और पुलिस से बात करने के बाद मुझे और जानकारी मिलेगी.” घोष के मुताबिक, वह बशीरहाट उप मंडल न्यायालय जाने के लिए बेटे सत्यजीत के साथ संदेशखाली स्थित अपने आवास से निकले थे, जहां उन्हें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता शेख शाहजहां की ओर से अपने खिलाफ दायर विभिन्न मामलों में से एक के सिलसिले में पेश होना था.
पुलिस ने बताया कि यह हादसा सुबह लगभग 8:45 बजे सड़क के उस हिस्से पर हुआ, जहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है.

घोष ने कहा, “हम बलात्कार के झूठे मामले के सिलसिले में अदालत में पेश होने जा रहे थे, जो शाहजहां ने हमारे खिलाफ दर्ज कराया था. मुझे लगता है कि घर से निकलने के समय से ही हमारा पीछा किया जा रहा था.” शाहजहां संदेशखाली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हुए हमले और उससे जुड़े केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के मामलों के आरोपियों में शामिल हैं.
चश्मदीदों ने बताया कि विपरीत दिशा से तेज गति से आ रहे ट्रक ने घोष की कार में जबरदस्त टक्कर मार दी और उसे घसीटते हुए कुछ दूर तक ले गया, जिसके बाद वह (कार) राजमार्ग के किनारे स्थित जलाशय में जा गिरी.

घोष के बड़े बेटे बिस्वजीत ने दावा किया कि यह उनके पिता की हत्या का सुनियोजित प्रयास था. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शाहजहां ने अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए जेल में बैठे-बैठे यह “हमला” करवाया. बिस्वजीत ने कहा, “जब से मेरे पिता ने सीबीआई के साथ सहयोग करना शुरू किया है, तब से शाहजहां और उनके समर्थक हमारे परिवार को लगातार धमकियां दे रहे हैं और हमें परेशान कर रहे हैं. शाहजहां के दो करीबी सहयोगी तृणमूल नजात पंचायत समिति की प्रमुख सबिता रॉय और उनके डिप्टी मोस्लेम शेख ने अपने आका के निर्देश पर इस हमले की साजिश रची.” हालांकि, रॉय और शेख ने बिस्वजीत के आरोपों को “बेबुनियाद” बताते हुए इन्हें खारिज कर दिया.

रॉय ने कहा, “यह हादसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं परिवार को लंबे समय से जानती हूं और इस घटना के बारे में पता चलने के बाद से लगातार उनके संपर्क में हूं. मैं इस हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग करती हूं और चाहती हूं कि सच्चाई सामने आए.” वहीं, मोस्लेम ने कहा, “आरोप हास्यास्पद हैं. मैं इस परिवार को अच्छी तरह से जानता हूं और हम एक ही पार्टी के लिए काम करते हैं. ऐसा लगता है कि मेरे खिलाफ एक राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें मुझ पर इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए उकसाया जा रहा है. मेरी उम्र 66 साल है और मैंने अपने राजनीतिक जीवन में कभी भी हिंसा का सहारा नहीं लिया.” पीड़ितों के परिवार की ओर से अभी घटना के सिलसिले में पुलिस में आधिकारिक तौर पर शिकायत नहीं दर्ज कराई गई है.

पश्चिम बंगाल पुलिस ने ईडी अधिकारियों पर हमले से जुड़े मामले में 55 दिन से फरार शाहजहां को 29 फरवरी 2024 को गिरफ्तार कर लिया था. शाहजहां के समर्थकों ने पांच जनवरी 2024 को ईडी अधिकारियों पर उस समय हमला कर दिया था, जब वे करोड़ों रुपये के राशन घोटाले के सिलसिले में उनसे (शाहजहां से) पूछताछ करने के लिए संदेशखाली स्थित उनके आवास पहुंचे थे. संदेशखाली में शाहजहां और उनके समर्थकों के खिलाफ बड़े पैमाने पर भूमि हड़पने और स्थानीय महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने के भी आरोप लगे हैं.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button