
मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में यूक्रेन ने एक बार फिर रूस के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया है। शनिवार को यूक्रेनी ड्रोन हमले में रूस के दूसरे सबसे बड़े शहर सेंट पीटर्सबर्ग के एक तेल टर्मिनल पर हमला हुआ। रूसी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह हमला शहर के कीरोव्स्की जिले में हुआ, जहां बाल्टिक सागर के किनारे तेल टर्मिनल स्थित है। सेंट पीटर्सबर्ग के गवर्नर अलेक्जेंडर बेगलोव के मुताबिक, रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने शहर और आसपास के इलाकों में 72 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। हालांकि तेल टर्मिनल को नुकसान पहुंचा है, लेकिन अभी तक किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं दी गई है।
रूस की युद्ध मशीन को कमजोर कर रहे हैं- जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को रूस के खिलाफ ‘लॉन्ग-रेंज सैंक्शंस’ यानी लंबी दूरी की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना ने केवल तेल टर्मिनल ही नहीं, बल्कि सेंट पीटर्सबर्ग के पास स्थित क्रोनश्टाट द्वीप पर मौजूद एक अहम सैन्य ठिकाने को भी निशाना बनाया। जेलेंस्की ने कहा कि रूस की तेल अवसंरचना से मिलने वाला पैसा उसकी युद्ध मशीन को मजबूत करता है, इसलिए ऐसे ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं।
रूस में बढ़ा ईंधन संकट
यूक्रेन पिछले कई महीनों से रूस के तेल डिपो, रिफाइनरी और ईंधन भंडारण केंद्रों पर लगातार ड्रोन हमले कर रहा है। इन हमलों की वजह से रूस के कई हिस्सों में ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है और सरकार पर दबाव बढ़ा है। सेंट पीटर्सबर्ग के इसी इलाके पर जून महीने में भी हमला हुआ था।
क्रीमिया में भी हमला
इसके साथ ही रूस के कब्जे वाले क्रीमिया में भी शनिवार को यूक्रेन के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 10 साल के एक बच्चे सहित दो अन्य लोग घायल हुए। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, लगातार हमलों के कारण कई जगहों पर आम लोगों के लिए पेट्रोल की बिक्री भी रोकनी पड़ी है।
यूक्रेनी हमलों पर क्या बोले पुतिन?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हो रहे हमलों को गंभीर नहीं बताते हुए कहा है कि रूस अपने सैन्य अभियान को तब तक जारी रखेगा, जब तक उसके लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। उनका कहना है कि यूक्रेन ऐसे हमले करके युद्ध के मैदान में अपनी कमजोर स्थिति से ध्यान हटाना चाहता है।



