‘पर्यटन के नेता’: भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर सवाल उठाए

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर सवाल उठाए और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष से विदेश में अक्सर ‘गुप्त यात्राएं’ करने की उनकी ‘मजबूरी’ के बारे में पूछा. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने आरोप लगाया कि गांधी की ‘आधिकारिक या अनौपचारिक’ यात्राओं का कार्यक्रम तब साझा नहीं किया जाता है जब वह विदेश जाते हैं.

उन्होंने कांग्रेस नेता से यह भी पूछा कि वे देश से क्या ‘छिपा’ रहे हैं. भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिन्हा ने गांधी को ‘पर्यटन के नेता’ और ‘पार्टी करने वाला नेता’ करार दिया जो अगले सप्ताह उनकी छह दिवसीय जर्मनी यात्रा से पहले नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) पर एक कटाक्ष था. भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि देश में ‘महत्वपूर्ण अवसरों’ को छोड़कर विदेश यात्राओं पर जाने के उनके तरीके से गांधी नेता प्रतिपक्ष नहीं लगते. भारतीय प्रवासी कांग्रेस के अनुसार, गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी की यात्रा पर रहेंगे, जहां वे भारतीय प्रवासी भारतीयों से मिलेंगे और जर्मन मंत्रियों से मुलाकात करेंगे.

गांधी की जर्मनी यात्रा पर सवाल उठाते हुए सिन्हा ने पूछा, ‘‘जब संसद सत्र चल रहा है और उसमें 13 महत्वपूर्ण विधेयक चर्चा और पारित होने के लिए सूचीबद्ध हैं, तो उनकी ऐसी क्या मजबूरी है कि वे अपनी गुप्त यात्राओं को इससे अधिक महत्वपूर्ण समझते हैं?’’ सिन्हा ने सुझाव दिया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते गांधी को इस संसदीय सत्र में यहां होना चाहिए था.

सिन्हा ने कहा, ‘‘हर महत्वपूर्ण अवसर पर अनुपस्थित रहना उनकी आदत बन गई है… जब नौ सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव होने थे, तब वे चार से आठ सितंबर तक विदेश यात्रा पर निकल गए. संभवत? वे मलेशिया में थे.’’ भाजपा प्रवक्ता ने गांधी की अन्य विदेश यात्राओं का भी जिक्र किया, जिनमें बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान की गई यात्रा भी शामिल है. प्रवक्ता ने आरोप लगाया, ‘‘वे आधिकारिक या अनधिकारिक यात्राओं पर कहां जाते हैं, इसकी जानकारी साझा नहीं की जाती.’’ उन्होंने आरोप लगाते हुए पूछा, ‘‘वे देश से क्या छिपा रहे हैं? भारत में अपनी जिम्मेदारियों को दरकिनार करते हुए, वे अज्ञात स्थानों पर अज्ञात लोगों से मिलते रहते हैं (विदेश में).’’ सिन्हा ने आरोप लगाया कि जब गांधी ने इसके पहले दक्षिण अमेरिका का दौरा किया था, तब वहां उनके कार्यक्रमों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.

उन्होंने पूछा, ‘‘क्या दक्षिण अमेरिका की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने चिली की पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बाचेलेट से मुलाकात कर उन्हें इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार स्वीकार करने के लिए राजी किया था?’’ सिन्हा ने गांधी से यह भी पूछा कि क्या वे अपनी सेवानिवृत्ति योजना तैयार कर रहे हैं. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को यह तय करना होगा कि उन्हें भारत की राजनीति में रुचि है या नहीं.

जब उनसे पूछा गया कि क्या खुफिया एजेंसियां नेता प्रतिपक्ष की विदेश यात्राओं पर नजर नहीं रख पा रही हैं, तो उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही हैं.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी तरह-तरह के दुष्प्रचार कर रहे हैं और उन्हें यह बताना होगा कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए उन्हें लगातार देश पर हमले करने के विचार कहां से मिलते हैं.

सिन्हा ने कहा, ‘‘लेकिन जिस दिन वह हद पार करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर की जाएगी. आप निंिश्चत रहें कि सुरक्षा एजेंसियां उन पर नजर रख रही होंगी.’’ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को राहुल गांधी की अगले हफ्ते जर्मनी यात्रा को लेकर भाजपा की आलोचना पर पलटवार करते हुए पूछा कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपना लगभग आधा कामकाजी समय देश से बाहर बिताते हैं, तो भाजपा नेता प्रतिपक्ष पर सवाल क्यों उठा रही है? यह तब हुआ जब भाजपा ने गांधी की यात्रा को लेकर उन पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘राहुल एलओपी यानी ‘पर्यटन के नेता’ हैं.’’ ***

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