
नयी दिल्ली. भाजपा सांसद नवीन जिंदल ने बुधवार को सरकार से प्रवासी भारतीयों और देश के अंदर प्रवासी श्रमिकों के लिए ‘ई वोटिंग’ और ‘पोस्टल वोटिंग’ का प्रावधान करने की मांग की. उन्होंने चुनाव सुधारों पर लोकसभा में हुई चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि जीवन को आसान बनाने और कारोबार में सुगमता के लिए तो बहुत काम किया जा रहा है, लेकिन ‘‘हमें ‘ईज ऑफ वोटिंग’ पर भी बहुत काम करने की आवश्यकता है और यह तभी संभव होगा जब नागरिकों के लिए ‘एबसेंटी वोटिंग’ (व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होकर मतदान), ‘ई वोटिंग’ और ‘पोस्टल वोटिंग’ का प्रावधान होगा.’’ उन्होंने कहा कि यह करोड़ों प्रवासी भारतीय (एनआरआई) के अधिकारों के संबंध में है, जो विदेशों में रहकर अपने खून-पसीने की कमाई देश में भेजते हैं लेकिन इनमें से अधिकतर लोग मतदान के अधिकार से वंचित रह जाते हैं.
भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘जब हम हजारों करोड़ रुपये के लेन-देन ऑनलाइन कर सकते हैं, तो हम ऑनलाइन वोटिंग क्यों नहीं कर सकते?’’ उन्होंने कहा कि देश में ऐसे करोड़ों श्रमिक हैं जो अपने घर से दूर कहीं और काम कर रहे हैं और अपना वोट नहीं दे पाते हैं. उन्होंने कहा कि इसके अलावा लाखों छात्र देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर और विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन वे भी अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाते. जिंदल ने कहा, ‘‘हमें ऑनलाइन वोटिंग, ई वोटिंग, पोस्टल बैलेट जैसे प्रावधान अपने नागरिकों के लिए करने चाहिए, ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें.’’



