लाल किला विस्फोट: अदालत ने शोएब और नसीर बिलाल की NIA हिरासत चार दिन और बढ़ाई

नयी दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को फरीदाबाद निवासी शोएब और जम्मू कश्मीर के बारामूला जिले के निवासी डॉ. नसीर बिलाल मल्ला की एनआईए हिरासत को चार और दिनों के लिए बढ़ा दिया. शोएब पर लाल किले के पास कार में विस्फोट करने वाले उमर-उन-नबी को पनाह देने का आरोप है.

जांच एजेंसी ने पांच दिसंबर को दी गई उसकी पिछली 10 दिन की हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शोएब को पटियाला हाउस अदालत में पेश किया. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को नौ दिसंबर को दी गई नसीर की सात दिन की हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया. मीडियार्किमयों को कार्यवाही को कवर करने से रोक दिया गया था.

आरोपियों को प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने जांच एजेंसी को शोएब और नसीर से चार और दिनों तक हिरासत में पूछताछ करने की अनुमति दी. एनआईए के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने इससे पहले कहा था कि एजेंसी ने हरियाणा के फरीदाबाद के धौज निवासी शोएब को दिल्ली आतंकी बम विस्फोट से पहले कथित तौर पर “आतंकवादी” उमर-उन-नबी को सहायता प्रदान करने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

डॉ. नसीर बिलाल मल्ला इस मामले में एनआईए द्वारा गिरफ्तार किया गया आठवां आरोपी है और उसका संबंध जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा भंडाफोड़ किए गए एक “सफेदपोश” आतंकी मॉड्यूल से है. एनआईए की टीम ने नौ दिसंबर को दिल्ली से डॉक्टर को गिरफ्तार किया और उसे साजिश का मुख्य आरोपी बताया.

एजेंसी ने नौ दिसंबर को पहले ही बताया था कि एनआईए की जांच के अनुसार, नसीर ने मृत आरोपी उमर-उन-नबी को साजो-सामान संबंधी सहायता प्रदान करके जानबूझकर उसे शरण दी थी. उस पर आतंकवादी हमले से संबंधित सबूतों को नष्ट करने का भी आरोप है.
उमर-उन-नबी विस्फोटक से भरी उस आई20 कार को चला रहा था, जिसमें 10 नवंबर को लाल किले के बाहर विस्फोट होने से 15 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए थे.

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