शुभांशु शुक्ला बोले- स्पेस टेक्नोलॉजी में भारत से दुनिया को बड़ी उम्मीदें, उभरती अंतरिक्ष शक्ति बन रहा देश

Author: navabharat digital
UPDATED: Wed, 04 Feb 2026 12:15 PM
शुभांशु शुक्ला बोले- स्पेस टेक्नोलॉजी में भारत से दुनिया को बड़ी उम्मीदें, उभरती अंतरिक्ष शक्ति बन रहा देश
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रायपुर: छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान ‘प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी’ के उद्घाटन अवसर पर भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन, अंतरिक्ष यात्री और अशोक चक्र से सम्मानित शुभांशु शुक्ला ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अपने मिशन के बाद यह उनकी पहली छत्तीसगढ़ यात्रा है और स्पेस सेंटर के शुभारंभ से जुड़ना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने इस पहल को बच्चों और युवाओं में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने वाला बताया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम बेहद जरूरी हैं, क्योंकि भारत तेजी से गगनयान मिशन, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और भविष्य में चंद्र मिशन जैसे बड़े लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है। देश के हर बच्चे को इन उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए।

केंद्रीय बजट 2026 को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए शुभांशु शुक्ला ने कहा कि स्पेस सेक्टर में सरकार और ISRO की ओर से मजबूत समर्थन देखने को मिल रहा है। उनके अनुसार, नेतृत्व की स्पष्ट मंशा है कि भारत के अंतरिक्ष मिशन सफल हों और देश इस क्षेत्र में अग्रणी बने। उन्होंने कहा कि जब नेतृत्व स्तर से ऐसा समर्थन मिलता है, तो इससे जुड़ी संस्थाओं और वैज्ञानिकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे इन मिशनों को सफल बनाएं और भारत को अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।

शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की वैश्विक स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत को दुनिया बेहद सम्मान की नजर से देखती है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश से बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। उनके अनुसार, वैश्विक समुदाय इस बात को समझता है कि भारत के पास मजबूत तकनीकी क्षमता है और देश ने जिस तरह की दीर्घकालिक स्पेस पॉलिसी तैयार की है, वह भारत को एक उभरती हुई अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित कर रही है।

भारत के प्रस्तावित बिना मानव वाले मिशन को लेकर बात करते हुए शुभांशु शुक्ला ने कहा कि मानव अंतरिक्ष मिशन सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति को अंतरिक्ष में भेजने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी होता है कि सभी सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद हों। सैटेलाइट मिशन की तुलना में मानव मिशन में जीवन रक्षक प्रणालियों जैसे ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड नियंत्रण, तापमान और आर्द्रता को संतुलित रखना बेहद अहम होता है। ये सभी सिस्टम अभी विकास और परीक्षण के चरण में हैं, इसलिए शुरुआती मिशनों के जरिए इन्हें परखा जा रहा है, ताकि भविष्य में इंसानों को सुरक्षित रूप से अंतरिक्ष में भेजा जा सके।

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