जनप्रतिनिधियों को सूचना दिए बगैर बार—बार अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करने पर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने कड़ी नाराजगी जताई है। बताया गया कि कल दोपहर करीब 12 से 3 बजे के बीच जेसीबी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
इस दौरान ठेले-खोमचे और पसरा लगाकर फल, सब्जियां तथा खाद्य सामग्री बेचने वाले कई छोटे व्यवसायियों के सामान को नुकसान पहुंचा। उनकी बिक्री के लिए रखी खाद्य सामग्री भी नष्ट हो गई, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। इसके पूर्व में भी विधायक सेन ने मोर्चा खोला था लेकिन तब चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था लेकिन अब दुबारा इसे दोहराने पर सेन ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है।
बताते हैं कि मामला सीएम हाउस तक पहुंच गया है। उन्होंने तत्काल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से चर्चा कर बिना पूर्व सूचना और सामान हटाने की मोहलत दिए, की गई कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराई तथा प्रभावित छोटे व्यवसायियों को राहत देने की मांग उठाई। जानते चलें कि भिलाई निगम के तात्कालीन आयुक्त अशोक द्विवेदी ने भी बगैर जनप्रतिनिधियों को सूचना दिए कुछ इसी तरह की कार्रवाई की थी जिसमें विधायक रिकेश की आपत्ति को सीएम हाउस ने संज्ञान में लेकर कमिश्नर को हटा दिया था। कल ऐसी ही गलती की पुनरावृत्ति पर विधायक की नाराज़गी एक बार फिर निगम गलियारे में चर्चा का विषय बनी है।
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद इस पूरे मुद्दे को लेकर 29 अक्टूबर को सीएम से मुलाकात करने का फैसला किया है। बगैर जनप्रतिनिधियों को सूचित किए इस तरह की मनमाना कार्रवाई और फुटपाथ व्यवसायियों को हुए नुकसान की गाज जिम्मेदार अधिकारियों पर गिरने की संभावना बढ़ गई है।
विधायक रिकेश सेन ने स्पष्ट किया कि वे यातायात बाधित करने वाले अतिक्रमण के समर्थक नहीं हैं। त्यौहारी सीजन में सड़कों को व्यवस्थित और सुगम बनाए रखने के लिए प्रशासन एवं यातायात पुलिस के प्रयास आवश्यक हैं, लेकिन कार्रवाई से पहले संबंधित व्यवसायियों को नोटिस देकर अपना सामान हटाने का पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में मानवीय संवेदनशीलता और छोटे व्यापारियों की आजीविका का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है।