अमेरिकी शुल्क में बदलाव के प्रभाव पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी होगी: सीतारमण

Author: navabharat digital
UPDATED: Mon, 23 Feb 2026 02:47 PM
अमेरिकी शुल्क में बदलाव के प्रभाव पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी होगी: सीतारमण

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नयी दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी शुल्क में किए गए बदलावों के प्रभाव पर बात करना अभी जल्दबाजी होगी और वाणिज्य मंत्रालय इस स्थिति की समीक्षा कर रहा है। अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा व्यापार साझेदार देशों पर लगाए गए व्यापक आयात शुल्क के खिलाफ शुक्रवार को फैसला दिया था। इसके बाद ट्रंप ने 24 फरवरी से 150 दिन के लिए भारत सहित सभी देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की। बाद में शनिवार को इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था।

भारतीय अर्थव्यवस्था पर शुल्क में इन बदलावों के प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर सीतारमण ने कहा कि इस पर टिप्पणी करना अभी ” जल्दबाजी ” होगी। उन्होंने कहा, ” समग्र भारतीय अर्थव्यवस्था से परे विशेष रूप से व्यापार के मुद्दे पर, वाणिज्य मंत्रालय स्थिति की समीक्षा कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल को यह तय करना होगा कि आगे की वार्ताओं के लिए वे कब जाएंगे। इसलिए मेरे लिए अभी टिप्पणी करना थोड़ी जल्दबाजी होगी।” सूत्रों के अनुसार, भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार से वॉंिशगटन में होने वाली मुख्य वार्ताकारों की प्रस्तावित बैठक को पुर्निनर्धारित करने का निर्णय लिया है।

वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव दर्पण जैन इस समझौते के लिए भारत के मुख्य वार्ताकार हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के केंद्रीय निदेशक मंडल को यहां संबोधित करने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में सीतारमण ने कहा कि भारत व्यापार समझौतों के प्रति स्पष्ट रुख रखता है और वह आॅस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, ओमान, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के साथ समझौते कर चुका है।

उन्होंने कहा, ” इसलिए देशों के साथ व्यापार समझौते करने का हमारा प्रयास जारी रहेगा।” मंत्री ने साथ ही कहा कि भारत चाहता है कि उसकी अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर व्यापार करने और वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने का लाभ मिले।

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