
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने साधु के कपड़े पहनकर शुक्रवार को संसद परिसर में अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी को दिखाने वाला प्रदर्शन किया। इस दौरान उनके साथ विपक्ष के कई अन्य सांसद भी मौजूद थे।
राहुल गांधी ने चढ़ावा चढ़ाया
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। यह प्रदर्शन अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित चोरी और 20 जुलाई को छात्रों के संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया। साधु के भेष में सांसद पप्पू यादव ने ‘चढ़ावा’ बटोरते नजर आए, जबकि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी नेताओं ने उन्हें चढ़ावा चढ़ाया।
सांसदों ने संसद के मकर द्वार की सीढ़ियों के सामने दान पेटियां रखीं। निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव साधु के भेष में इन पेटियों के साथ बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान एक नाटक के जरिये संदेश देने की कोशिश की गई। इसमें राहुल गांधी समेत अन्य सांसदों ने पेटियों में पैसे डाले। वहीं, पप्पू यादव ने पैसे अपनी जेब में रखे और इसे राम मंदिर चढ़ावे में कथित चोरी के आरोपों के प्रतीक के तौर पर दिखाया।
इस प्रदर्शन में प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद और धर्मेंद्र यादव, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माजी समेत कई अन्य नेता शामिल हुए। सभी सांसद एक बड़े बैनर के पीछे खड़े थे, जिस पर लिखा था- अमित शाह सदन से गायब क्यों?
इससे पहले, बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की जवाबदेही की मांग का समर्थन किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि छात्रों पर हुए ‘घातक हमले’ के लिए भाजपा जिम्मेदार है।
खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, हमारे युवाओं और छात्रों पर पैलेट गन चलाई गई। या तो यह गृह मंत्री अमित शाह की मंजूरी से हुआ या फिर उनकी जानकारी और निर्देश पर हुआ। दोनों ही स्थितियां गृह मंत्री या प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी पर सवाल उठाती हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने युवाओं पर घातक हमला किया है और यही सच्चाई है।



