संसदीय समिति ने भारत-श्रीलंका संबंधों पर रिपोर्ट अंगीकार की

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Tue, 22 Sep 2026 05:40 PM
संसदीय समिति ने भारत-श्रीलंका संबंधों पर रिपोर्ट अंगीकार की

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नयी दिल्ली: संसद की विदेश मामलों संबंधी स्थायी समिति ने भारत-श्रीलंका संबंधों पर अपनी वह विस्तृत रिपोर्ट मंगलवार को अंगीकार की, जो दोनों देशों के रिश्तों की मौजूदा स्थिति और भविष्य की दिशा पर केंद्रित है। स्थायी समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने कहा कि समिति ने ‘भारत-श्रीलंका संबंध और आगे की राह’ विषय पर रिपोर्ट को सर्वसम्मति से अंगीकार किया है।

समिति की बैठक के बाद थरूर ने संवाददाताओं से कहा, ”भारत-श्रीलंका संबंधों पर हमारी बहुत विस्तृत रिपोर्ट को अंगीकार किया गया है। जाहिर तौर पर, ये बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, इसलिए हम एक बहुत विस्तृत और सारर्गिभत रिपोर्ट लेकर आए हैं। पूरी सहमति थी और अब रिपोर्ट को मंजूरी दे दी गई है।” कांग्रेस सांसद ने कहा कि वह रिपोर्ट की विषय-वस्तु के बारे में अभी विस्तार से नहीं बता सकते, लेकिन यह जल्द ही सार्वजनिक दस्तावेज बन जाएगी।

श्रीलंका भारत का निकटतम पड़ोसी है और दोनों देशों के बीच सदियों पुराने संबंध तथा मजबूत सभ्यतागत एवं ऐतिहासिक जुड़ाव हैं। भारत की ‘पड़ोस प्रथम’ नीति और क्षेत्र में सुरक्षा एवं विकास की पारस्परिक और समग्र उन्नति (महासागर) वाले दृष्टिकोण में श्रीलंका का महत्वपूर्ण स्थान है।

दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध परिपक्व और विविधतापूर्ण हैं तथा इनमें समकालीन महत्व के विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं। भारत पारंपरिक रूप से श्रीलंका के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और श्रीलंका के बीच वस्तु व्यापार 7.18 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा। इसमें भारत का निर्यात 5.52 अरब डॉलर और श्रीलंका का निर्यात 1.66 अरब डॉलर रहा।

भारत श्रीलंका में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) करने वाले प्रमुख देशों में भी शामिल है। श्रीलंका के केंद्रीय बैंक और निवेश बोर्ड के अनुसार, 2025 तक भारत का संचयी निवेश 2.94 अरब डॉलर रहा, जिसमें 2025 में किया गया 213.67 करोड़ डॉलर का निवेश भी शामिल है। भारत के प्रमुख निवेश ऊर्जा, आतिथ्य, रियल एस्टेट, विनिर्माण, दूरसंचार तथा बैंंिकग और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्रों में हैं।

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